
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : June 6, 2026 10:54 AM IST
Medically Verified By: Dr. Swati Tayal Goray
thyroid medicine (image-AI)
Thyroid Medicine: क्या आपको या आपके घर में किसी को थायराइड है? अगर हां, तो आप रोज सुबह खाली पेट एक दवा जरूर लेते होंगे, जो थायराइड हार्मोन के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है। अक्सर कहा जाता है कि थायराइड की दवा को जीवनभर लेना होता है, तभी थायराइड कंट्रोल में रहता है। लेकिन, कुछ लोगों का मानना है कि थायराइड की दवा को छोड़ सकते हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल-डाइट की मदद से ही थायराइड को नियंत्रण (Thyroid Control) में रखा जा सकता है। क्या वाकई थायराइड की दवा छोड़ सकते हैं? आइए, जुपिटर हॉस्पिटल, पुणे में कंसल्टेंट एंडोक्रिनोलॉजी डॉ. स्वाति तयाल गोराय से जानते हैं इसके बारे में-
अगर आपके मन में भी थायराइड से जुड़े कुछ सवाल हैं, तो उनके जवाब जानने के लिए ये पढ़ें...
जवाब: थायराइड की दवा को बीच में बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए। खासकर, बिना डॉक्टर की सलाह के। अचानक से बीच में थायराइड की दवा (Thyroid medicine in Hindi) छोड़ने से हार्मोन का स्तर गड़बड़ा सकता है।
जवाब: आपको बता दें कि थायराइड एक ग्रंथि है, जो टी3 और टी4 हार्मोन का उत्पादन करती है। जब हार्मोन का उत्पादन ज्यादा होता है, तो इसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है। इसमें वजन कम हो सकता है और गर्मी महसूस हो सकती है। दिल की धड़कन भी तेज हो सकती है। वहीं, जब हार्मोन का उत्पादन कम होता है, तो इस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। वजन बढ़ना, थकावट होना और ठंड लगना इसके लक्षण होते हैं। अगर लंबे समय से लक्षण (Thyroid ke Lakshan) दिख रहे हैं, तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।
जवाब: थायराइड ग्रंथि गले के सामने की तरफ स्थित होता है। यह एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो हार्मोन बनाने का काम करती है।
जवाब: थायराइड की दवा लेने का सबसे सही समय सुबह का होता है। सुबह उठने के तुरंत बाद थायराइड की दवा खाना ज्यादा असरदार माना जाता है। इसलिए थायराइड रोगियों को अपनी दवा को साइड टेबल पर ही रखना चाहिए, ताकि दवा एक दिन भी मिस न हो। आधे घंटे के गैप के बाद आप नाश्ता कर सकते हैं।
जवाब: जी हां, अगर वजन अचानक से बढ़ रहा है या कम हो रहा है, तो ये थायराइड में गड़बड़ी के संकेत हो सकते हैं। लेकिन, वजन बढ़ने या कम होने के पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं। इसलिए एक बार थायराइड टेस्ट जरूर कराएं। थायराइढ के कई अन्य लक्षण भी होते हैं, सिर्फ वजन बढ़ना या कम होना ही इसका संकेत नहीं माना जाता है।
जवाब: हां, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड होने की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में थायराइड के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इसके पीछे ऑटोइम्यून कारण को जिम्मेदार माना जाता है। प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान थायराइड का खतरा ज्यादा रहता है।
जवाब: थायराइड की जांच के लिए TSH, T3, T4 की जांच कराना बहुत जरूरी है।
जवाब: अगर थायराइड ऑटोइम्यून कारण से हुआ है, तो इस स्थिति में लंबे समय तक दवा खाने की जरूरत महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को थायराइड की दवा जीवनभर खानी होती है। जबकि, कुछ लोगों में थायराइड ठीक हो जाता है। लेकिन, जिस व्यक्ति का थायराइड हमेशा बढ़ा हुआ रहता है, उसके लिए नियमित चेकअप जरूरी है।
जवाब: जी बिल्कुल, प्रेग्नेंसी में थायराइड की दवा लेना पूरी तरह से सुरक्षित होता है। इसलिए अगर थायराइड का लेवल बढ़ जाता है, तो इस दवा को जरूर लें। लेकिन, प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की सलाह पर ही थायराइड की दवा लें और नियमित रूप से चेकअप करवाएं।
जवाब: शरीर में आयोडीन की कमी से थायराइड रोग विकसित हो सकता है। लेकिन, सभी प्रकार के थायराइड आयोडीन की कमी से नहीं होते हैं। आयोडीन की कमी से मुख्य रूप से घेंघा होता है।
Disclaimer: थायराइड आजकल की एक आम बीमारी बन गई है। कई लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। यही वजह है कि इस बीमारी को लेकर लोगों के मन में कई सवाल आते हैं। हमने आपको कुछ सवालों के जवाब देने की कोशिश की है। अगर आपको भी थायराइड से जुड़ा कोई लक्षण महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें और थायराइड का टेस्ट जरूर कराएं।