
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Medically Verified By: Dr. Chhaya Vaja
Hypertension Ki Problem Or Migraine: आजकल बहुत से लोगों को दो आम समस्याएं एक साथ होती हैं, हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर और माइग्रेन। मरीज अक्सर पूछते हैं कि क्या इन दोनों बीमारियों का एक साथ होना खतरनाक है? और क्या इससे जान का खतरा हो सकता है? अपोलो स्पेक्ट्रा, रुग्णालय के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉक्टर छाया वजा कहा कहना है कि ‘एक जनरल फिजिशियन के तौर पर मेरा जवाब यह होता है कि हर बार यह जानलेवा नहीं होता, लेकिन अगर सही समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति गंभीर जरूर बन सकती है।’
दो बीमारियों की इस स्थिति को समझने के लिए सबसे पहले हाइपरटेंशन को समझना जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर को ‘साइलेंट बीमारी’ कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों को इसके लक्षण लंबे समय तक महसूस ही नहीं होते। दूसरी तरफ माइग्रेन एक तरह का सिरदर्द है, जो बहुत तेज होता है। इसमें सिर के एक हिस्से में दर्द, उल्टी, मतली, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आइए अब हम विस्तार से जानते हैं कि अगर यह दोनों साथ में हो जाए तो क्या होता है?
अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो यह दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं माइग्रेन का दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि व्यक्ति रोजमर्रा के काम भी ठीक से नहीं कर पाए। ऐसे में दोनों बीमारियों का साथ में होना पेशेंट के लिए झलना बहुत ही मुश्किल हो सकता है।
डॉक्टर बताती हैं कि जब किसी व्यक्ति को माइग्रेन और हाइपरटेंशन दोनों होते हैं, तो परेशानी और बढ़ जाती है। माइग्रेन के समय तेज दर्द और तनाव के कारण ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है। वहीं, अगर ब्लड प्रेशर पहले से ही ज्यादा है, तो सिरदर्द और भी तेज हो सकता है। कई बार मरीज समझ नहीं पाते कि सिरदर्द माइग्रेन की वजह से है या हाई ब्लड प्रेशर की वजह से।
कुछ स्थितियों में यह संयोजन खतरनाक भी हो सकता है। अगर माइग्रेन के साथ अचानक बहुत तेज सिरदर्द, आंखों से धुंधला दिखना, बोलने में दिक्कत, हाथ या पैर में कमजोरी, चक्कर या बेहोशी जैसी शिकायत हो, तो यह दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्या या स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में देर करना जान के लिए खतरा बन सकता है।
एक और जरूरी बात यह है कि माइग्रेन में ली जाने वाली कुछ दवाएं ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं। अगर मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की गोलियां या माइग्रेन की दवाएं लेते रहते हैं, तो इससे हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रण से बाहर जा सकता है। इसलिए दोनों बीमारियों का इलाज डॉक्टर की देखरेख में होना बहुत जरूरी है।
डॉक्टर कहती हैं कि ‘एक जनरल फिजिशियन के रूप में मेरी सलाह है कि माइग्रेन के मरीज अपना ब्लड प्रेशर नियमित रूप से जांचते रहें। वहीं, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है, अगर उन्हें बार-बार सिरदर्द होता है, तो इसे हल्के में न लें। जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव बहुत मदद करते हैं, जैसे नमक कम खाना, समय पर और संतुलित भोजन करना, रोज थोड़ा चलना या व्यायाम करना, पूरी नींद लेना और तनाव से बचना। दवाएं डॉक्टर की सलाह से नियमित लेना भी बेहद जरूरी है।'
हाइपरटेंशन और माइग्रेन का एक साथ होना हमेशा जानलेवा नहीं होता, लेकिन लापरवाही खतरनाक हो सकती है। सही समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन दोनों समस्याओं को नियंत्रण में रखा जा सकता है। सेहत के मामले में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।