क्या होली के रंगों से अस्थमा अटैक आ सकता है? जानिए डॉक्टर से इसके पीछे की वजह

Harmful Side Effects Of Holi Colors : होली का रंग खुशियां लाता है, लेकिन कई बार अस्थमा मरीजों के लिए यह रंग घातक साबित हो सकता है। आइए डॉक्टर से जानते हैं कैसे?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : March 2, 2026 12:20 PM IST

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Medically Verified By: Dr Praveen Kumar Pandey

Can Holi Colors Trigger Asthma Attacks : होली का रंग खुशियों का त्यौहार है, इस अवसर पर आपको चारों ओर रंग ही नजर आते हैं। यह रंग भले ही आपको खुशियां दे, लेकिन अस्थमा मरीजों के लिए होली का रंग कई बार घातक साबित हो सकता है। डॉक्टर्स के अनुसार, होली के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले रंगों में धुआं, धूल काफी ज्यादा होता है।  वहीं, कई रंगों की खुशबू तेज होती है, जिससे अस्थमा अटैक ट्रिगर हो सकता है। मुख्य रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। इस विषय के लिए अधिक जानकारी के लिए हमने दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पल्मोनोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. प्रवीण कुमार पांडे से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं होली क्या होली के रंगों से अस्थमा अटैक आ सकता है? आइए जानते हैं इसके पीछे के कारण-

क्या होली में अस्थमा ट्रिगर होता है?

जी हां, अस्थमा मरीजों के लिए होली का त्यौहार कई बार घातक हो सकता है, आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह-

रंगों में मौजूद पार्टिकल्स होते हैं घातक

डॉक्टर प्रवीण कुमार का कहना है कि होली के रंगों से कभी-कभी अस्थमा अटैक आ सकता है, लेकिन असल में यह रंग ही नहीं है, जो प्रॉब्लम की वजह है। डॉक्टर का कहना है कि अस्थमा की परेशानी ट्रिगर होने के पीछे न सिर्फ रंग है, बल्कि इन रंगों में मौजूद बारीक पाउडर और केमिकल हैं। होली या दूसरे इवेंट्स जैसे सेलिब्रेशन के दौरान, जहां रंगीन पाउडर हवा में फेंके जाते हैं, बहुत छोटे पार्टिकल्स एनवायरनमेंट में निकल जाते हैं। इस दौरान जब हम सास लेते हैं, तो ये छोटे पार्टिकल्स आसानी से नाक और फेफड़ों में जा सकते हैं। इससे अस्थमा अटैक ट्रिगर हो सकता है।

अस्थमा मरीजों का एयरवेज होता है सेंसिटिव

अस्थमा वाले लोगों में एयरवेज पहले से ही सेंसिटिव होते हैं और धूल, धुआं, तेज गंध और केमिकल्स पर तेजी से रिएक्ट करते हैं। जब ये रंग के पार्टिकल्स सांस के जरिए अंदर जाते हैं, तो वे एयरवेज में जलन पैदा कर सकते हैं, जिससे वे सूज जाते हैं और सिकुड़ जाते हैं। इससे खांसी, घरघराहट, सीने में जकड़न  या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई  सकते हैं। कुछ रंगों में आर्टिफिशियल डाई, मेटल या दूसरी चीजें भी हो सकती हैं, जो एलर्जी पैदा कर सकती हैं, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा और बढ़ जाता है।

सुखे पाउडर होते हैं ज्यादा रिस्की

डॉक्टर कहते हैं कि सूखे पाउडर वाले रंग, गीले रंगों की तुलना में ज्यादा रिस्की होते हैं, क्योंकि वे हवा में तैरते हैं और सांस के जरिए अंदर जाने की संभावना ज्यादा होती है। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जहां बहुत ज्यादा रंग फेंका जाता है, वहां एक्सपोजर बढ़ जाता है और अस्थमा वाले किसी व्यक्ति के लिए सांस लेना ज्यादा मुश्किल हो जाता है। बच्चे, जिन लोगों का अस्थमा ठीक से कंट्रोल नहीं है, और जिन्हें हाल ही में खांसी, जुकाम या अस्थमा हुआ है, वे खास तौर पर असुरक्षित होते हैं।

हर मरीजों को नहीं आता है अटैक

डॉक्टर कहते हैं कि होली के रंग कई बार अस्थमा मरीजों के लिए घातक हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अस्थमा वाले हर व्यक्ति को ऐसे सेलिब्रेशन के दौरान अटैक जरूर आएगा। अगर अस्थमा अच्छी तरह कंट्रोल में है और सही सावधानी बरती जाती है, तो बहुत से लोग अभी भी सुरक्षित रूप से हिस्सा ले सकते हैं।

अस्थमा वाले लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे बताए गए तरीके से अपने रेगुलर इनहेलर लेते रहें, अपना रेस्क्यू इनहेलर हर समय अपने पास रखें, और रंगों के घने बादलों में खड़े होने से बचें। भरोसेमंद सोर्स से नेचुरल या हर्बल रंग चुनने से रिस्क कम हो सकता है, हालांकि वे पूरी तरह से रिस्क-फ्री नहीं होते हैं। अगर किसी को सांस लेने में बहुत ज़्यादा दिक्कत, बोलने में दिक्कत, या ऐसे लक्षण हों जो इनहेलर इस्तेमाल करने के बाद भी ठीक न हों, तो उन्हें तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए। जागरूकता और सावधानियों से, सेलिब्रेशन का मज़ा ज़्यादा सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है।

Highlights

  • रंग में मौजूद धूल हो सकते हैं अस्थमा मरीजों के लिए घातक
  • बुजुर्गों और बच्चों को पहुंचा सकता है नुकसान
  • हर मरीजों के लिए घातक नहीं होता है होली का रंग

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।