क्या हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है? जानिए एक्सपर्ट से

Heart Blockage: क्या हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है? आइए, जानते हैं इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय -

क्या हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है? जानिए एक्सपर्ट से

Written by priya mishra |Published : August 13, 2025 4:35 PM IST

Heart Blockage Treatment: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण लोग कई तरह की गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। पिछले कुछ सालों में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। इन्हीं में से एक है हार्ट ब्लॉकेज की समस्या। पहले जहां यह बीमारी बुजुर्गों तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। लेकिन क्या हार्ट ब्लॉकेज की समस्या को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है? इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने डॉ सी. श्रीदेवी, प्रोफेसर और प्रमुख - हृदय रोग विभाग, डॉ. डी. वाई. पाटिल मेडिकल कॉलेज, अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, पुणे से बातचीत की।

हार्ट ब्लॉकेज क्या होता है? - What Is Heart Blockage In Hindi

हार्ट ब्लॉकेज की समस्या कोरोनरी धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने के कारण होती हैं। ये धमनियां हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करती हैं। यह हृदय में रक्त प्रवाह को बाधित कर सकता है, जिससे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने में कठिनाई होती है। इसके कारण सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या जकड़न और चक्कर आना जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं। अगर दिल के रक्त प्रवाह में रुकावट आ जाए, तो इसके कारण स्ट्रोक और हार्ट अटैक का जोखिम काफी बढ़ जाता है। कोरोनरी धमनी में रुकावट के कई कारण हो सकते हैं, जैसे— मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च एलडीएल कोलेस्ट्रॉल स्तर, परिवार में हृदय रोग का इतिहास, तनाव, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी और धूम्रपान।

हार्ट ब्लॉकेज के कारण - Causes Of Heart Blockage In Hindi

हार्ट ब्लॉकेज के विभिन्न कारण हो सकते हैं, जिसमें शामिल हैं:

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  • आयु-संबंधी बदलाव
  • हृदय संबंधी बीमारियां जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज, मायोकार्डियल इन्फार्क्शन, कार्डियोपैथी, हृदय वाल्व रोग, या सर्जरी के नुकसान
  • दवाओं का प्रभाव: β-ब्लॉकर, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर इत्यादि
  • विद्युत संतुलन में खराबी, जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम असंतुलन
  • संक्रामक या सूजन संबंधी कारण
  • जन्मजात

कोरोनरी धमनियों में रुकावट से क्रॉनिक कोरोनरी आर्टरी डिजीज या एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम हो सकता है।

क्रॉनिक कोरोनरी डिजीज के लक्षण – शारीरिक मेहनत के बाद सीने में दर्द या सांस फूलना, जो आराम करने पर ठीक हो जाता है।

एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम के लक्षण – अचानक तेज सीने में दर्द होना, पसीना आना, उल्टी, अचानक सांस फूलना या चक्कर आना।

एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम का उपचार – ब्लड थिनर और स्टैटिन दवाओं का उपयोग, तथा ब्लॉकेज की गंभीरता के अनुसार एंजियोप्लास्टी और स्टेंट डालकर रक्त प्रवाह बहाल करना।

क्रॉनिक कोरोनरी आर्टरी डिजीज का उपचार – हृदय को रक्त की आपूर्ति बढ़ाने वाली दवाएं, ब्लॉकेज की प्रगति रोकने के लिए स्टैटिन, ब्लड थिनर, और अगर दवाओं से आराम न मिले तो एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग या कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी, जो कोरोनरी एंजियोग्राफी रिपोर्ट के अनुसार की जाती है।

क्या हार्ट ब्लॉकेज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है?

हार्ट ब्लॉकेज का पूरी तरह इलाज संभव नहीं है, लेकिन हम कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाओं (स्टैटिन) और जोखिम कारकों (जैसे उच्च शुगर, उच्च रक्तचाप) को नियंत्रित करके, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन, संतुलित आहार और मोटापे में वजन घटाकर इसके बढ़ने से रोक सकते हैं।

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हार्ट ब्लॉकेज से बचाव के टिप्स

  • हृदय-स्वस्थ आहार लें – फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम वसा वाला प्रोटीन खाएं और संतृप्त वसा, ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल व नमक का सेवन सीमित करें।
  • नियमित व्यायाम करें – सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट मध्यम तीव्रता का व्यायाम करें।
  • धूम्रपान छोड़ें – धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और ब्लॉकेज का खतरा बढ़ाता है।
  • रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर नियंत्रित रखें – इन्हें नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर से परामर्श लें और आहार व दवाओं का पालन करें।
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें – मोटापा हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है, इसलिए आहार और व्यायाम से वजन नियंत्रित करें।
  • तनाव नियंत्रित करें – लगातार तनाव हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है।
  • शराब का सेवन सीमित करें – अधिक शराब पीने से रक्तचाप बढ़ सकता है और वजन बढ़ सकता है।
  • पर्याप्त नींद लें – नींद की कमी से हृदय स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं – हृदय रोग का समय रहते पता लगाना और इलाज करना बहुत जरूरी है।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।