क्या हंटावायरस एक से दूसरे इंसान में फैल सकता है? जानें इस बीमारी के लक्षण कब दिखाई देने लगते हैं

क्या हंटावायरस कोविड-19 या किसी अन्य वायरस की तरह इंसानों से इंसानों में फैलता है? यह वायरस बुखार के साथ ही शरीर में तेज दर्द का कारण भी बनता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : May 14, 2026 11:33 AM IST

Hantavirus:  हंटावायरस, एक ऐसा वायरस जो छोटे से चूहे की वजह से होता है और गंभीर मामलों में इसकी वजह से इंसान की जान तक चली जाती है। आमतौर पर यह वायरस संक्रमित चूहों के संपर्क में आने से होता है। लेकिन, जब से हंटावायरस के केस सामने आए हैं, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या यह कोरोना या फ्लू की तरह एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह एक जूनोटिक वायरस है यानी यह जानवरों से इंसानों में होता है, खासकर चूहों से। इसलिए यह एक से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है। यह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से होता है। हालांकि, एक खास प्रकार एंडीज वायरस में यह इंसान से इंसान में फैल सकता है। लेकिन, इसके बेहद कम मामले दर्ज होते हैं।

यानी सामान्य हंटावायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता है। वहीं, हंटावायरस का एंडीज वेरिएंट कम या दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में फैल सकता है।

हंटावायरस कैसे होता है?

  • हंटावायरस संक्रमित चूहों के मूत्र या मल के संपर्क में आने से हो सकता है।
  • दूषित धूल या हवा को सांस के जरिए अंदर लेने से भी हंटावायरस हो सकता है।
  • संक्रमित सतह को छूने से हंटावायरस के लक्षण महसूस हो सकते हैं।
  • कभी-कभी चूहे के काटने से भी यह वायरस हो सकता हैष

कब दिखाई देते हैं हंटावायरस के लक्षण

हंटावायरस के लक्षण, वायरस के संपर्क में आने के तुरंत बाद नहीं दिखाई देते हैं। CDC के अनुसार, हंटावायरस के लक्षण आमतौर पर संक्रमित कृंतक (चूहे या गिलहरी) के संपर्क में आने के 1 से 8 हफ्तों के बाद दिखाई देने लगते हैं। अगर आपको हंटावायरस का कोई भी संकेत महसूस हो तो स्थिति को बिल्कुल भी सामान्य न समझें। इस स्थिति को गंभीरता से लें और जांच करवाकर इलाज शुरू कराएं।

हंटावायरस के लक्षण क्या हैं?

शुरुआत में हंटावायरस के लक्षण सामान्य वायरल बुखार की तरह नजर आ सकते हैं। वहीं, कुछ मामलों में लक्षण गंभीर हो सकते हैं।

  • तेज बुखार
  • थकान और कमजोरी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सिरदर्द
  • मतली या उल्टी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में जकड़न
  • फेफड़ों में पानी भरना

आपको बता दें कि जब हंटावायरस की वजह से फेफड़ों में पानी भरता है, तो इस स्थिति को हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) कहा जाता है। यह स्थिति बेहद गंभीर और जानलेवा हो सकती है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

  • अगर तेज बुखार के साथ ही शरीर में असहनीय दर्द हो तो स्थिति की अनदेखी न करें।
  • अगर सांस लेने में मुश्किल या सीने में जकड़न जैसा महसूस हो तो डॉक्टर से मिलें।
  • अगर आपको बुखार, सीने में दर्द या फेफड़ों से जुड़ी समस्या भी हो और हाल ही में आप चूहों के संपर्क में आए हो तो स्थिति की अनदेखी बिल्कुल न करें।

Disclaimer: हंटावायरस एक गंभीर लेकिन दुर्लभ बीमारी है। यह आमतौर पर एक से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। हंटावायरस चूहों से फैलता है, इसलिए इससे बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

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