क्या भारत में भी फैल सकता है इबोला वायरस? जानें किन स्थितियों में वायरस ज्यादा संक्रामक हो सकता है
सिर्फ कांगों या यूगांडा में ही नहीं, किसी भी देश में इबोला वायरस फैल सकता है। खासकर, किसी देश में वायरस के दस्तक देने के बाद, खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
Ebola Virus: कांगो और युगांडा में बढ़ते इबोला वायरस के मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे हेल्थ इमरजेंसी के तौर पर गंभीरता से लिया है। ताजे आंकड़ों के अनुसार, कांगों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों में इस वायरस के होने का शक है और करीब 134 लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस बेहद दुर्लभ लेकिन जानलेवा हो सकता है। यह वायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और रक्त वाहिकाओं पर हमला करता है। इबोला वायरस के संपर्क में आने के बाद तेज बुखार और शरीर में दर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। वैसे तो इस समय इबोला वायरस कांगों में ही कहर बरपा रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या भारत में भी इबोला वायरस फैल सकता है? मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम की कंसल्टेंट और इंटरनल मेडिसिन डॉ. दिक्षा गोयल (Dr. Diksha Goyal, Consultant, Internal Medicine, Marengo Asia Hospitals, Gurugram) से जानते हैं इसके बारे में-
क्या भारत में भी फैल सकता है इबोला?
- डॉ. दिक्षा गोयल बताती हैं, "जी हां, यह भारत में भी फैल सकता है। खासकर, अगर कोई संक्रमित व्यक्ति भारत में आता है, तो इबोला फैल सकता है। लेकिन, फिलहाल देश में इसका जोखिम काफी कम है।"
- इबोला वायरस कोरोना की तरह हवा में नहीं फैलता है, इसलिए इस वायरस से काफी हद तक बचाव संभव है। यानी यह कोरोना वायरस की तरह आसानी से नहीं फैलता है।
- इबोला वायरस, सांस से जुड़ी बीमारी नहीं है। यह संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ जैसे- लार, खून, पसीना, उल्टी या वीर्य के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए इस वायरस के फैलने की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है।
- अगर आप संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में है या उसकी देखभाल बिना सुरक्षा के कर रहे हैं, तो आप भी इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।
इबोला वायरस तेजी से कब फैल सकता है?
वैसे तो यह वायरस हवा में नहीं फैलता है, इसलिए इसके फैलने की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन, कुछ स्थिति में इबोला वायरस तेजी से पैर पसार सकता है। जैसे-
- संक्रमित व्यक्ति की पहचान में देरी से होने पर वायरस फैल सकता है।
- अगर संक्रमित व्यक्ति की देखभाल बिना किसी सुरक्षा के की जाए, तो भी वायरस फैल सकता है।
- अगर आप बिना सुरक्षा के भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते हैं, तो इबोला वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा रहती है।
- कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में देरी होने पर भी इस वायरस के तेजी से फैलने की संभावना है।
- संक्रमित व्यक्ति के दूसरे देश में ट्रैवल करना भी वायरस को फैला सकता है।
Disclaimer: फिलहाल भारत में इबोला वायरस का कोई खतरा नहीं है। लेकिन, आपको सतर्क रहने की जरूरत है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। अगर ट्रैवल कर रहे हैं, तो पूरी सावधानियां बरतें। साथ ही, अगर कोई लक्षण महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।