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Written By: Editorial Team | Published : February 14, 2018 1:33 PM IST
मछली प्रोटीन और ओमेगा -3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। मछली खाने से आपके भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है और ग्लूकोज़ के बेहतर प्रसार में मदद मिल सकती है। लेकिन बहुत कम सबूत हैं जो यह साबित करते हैं मछली खाने से डायबिटीज़ को रोकने या इसके जोखिम को रोकने में मदद मिल सकती है। लेकिन मांसाहारी या नॉनवेज खाने वाले लोगों के भोजन में मछली एक अहम हिस्सा है और उनके आहार का अभिन्न अंग भी । इसलिए, यह पता लगाना थोड़ा ज़रूरी हो जाता है कि क्या सचमुच मछली खाने से ब्लड शुगर रीडिंग पर कोई असर पड़ता है।
2005 से 2006 के दौरान किए गए भारत के तीसरे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में हिस्सा लेना वाले लोगों का एक क्रॉस-सेक्शनल डेटा स्टडी की गयी। इस स्टडी में मछली खाने की आदतों और उसके फायदों के बारे में समझने की कोशिश की गयी जैसे- लोग कब और कितनी मछली खाते हैं। रोज़, साप्ताह में एक दिन या कभी-कभी। जिन लोगों ने कभी मछली नहीं खायी, उन्हें भी ध्यान में रखा गया कि और पता लगाने की कोशिश की गयी कि इससे क्या उनके ब्लड ग्लूकोज़ रीडिंग पर कोई प्रभाव पड़ा था या नहीं। यह देखा गया कि मछली खानेवाले लोगों में डायबिटीज़ होने का खतरा मछली ना खाने वाले लोगों से 2 गुना ज़्यादा था। अध्ययन से निष्कर्ष निकाला गया कि, सप्ताह में एक बार मछली खानेवाले लोगों को भी डायबिटीज़ होने के खतरे से भी जुड़ा हुआ था। रोज़ मछली खानेवाली महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में डायबिटीज़ होने की संभावनाएं या असर ज्यादा था। लेकिन यह बात का सिर्फ एक पहलू है। ऐसी कई स्टडीज़ भी हैं जो यह बताती हैं कि मछली खाना डायबिटीज़ में फायदेमंद हो सकता है क्योंकि मछली से आंखों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
ऐसे लोग जो डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, अगर वो अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल नहीं कर पा रहे तो उनके लिए रेटिनोपैथी ज़रूरी हो जाती है। डायबिटीज़ रेटिनोपैथी आंखों की एक समस्या है जहां हाई ब्लड शुगर लेवल के कारण आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। टाइप II डायबिटीज़ के मरीज़ों पर आधारित एक स्टडी की गयी थी जिसमें पाया गया कि मछली खाने से गंभीर डायबिटीज़ में रेटिनोपैथी होने की संभावना कम हो सकती है। इसका एक कारण हो सकता है कि मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड में भरपूर होती है जो रक्त वाहिकाओं को फैलाने में मदद करता है और उन्हें हेल्दी रखता है। शायद यह प्रभाव आंखों में की कोशिकाओं पर भी होता है। यही कारण है कि स्टडी में निष्कर्ष निकाला गया कि मछली डायबिटीज़ रेटिनोपैथी से आपकी आंखों को बचा सकती है।
लेकिन आपको कितनी मछली खाने की ज़रूरत है यह आपके आहार की आवश्यकताओं के आधार पर और आपकी प्रोटीन की ज़रूरत के आधार पर होता है। ज़्यादा प्रोटीन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि इससे किडनी ख़राब हो सकती हैं। तो अपने डॉक्टर या अपने डायटिशन से यह पता लगाएं कि आपको डायबिटीज़ रेटिनोपैथी से आपकी आंखों को बचाने के लिए कितनी मछली खानी चाहिए।
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत- Shutterstock