
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Medically Verified By: Dr. Avvaru Satya Kiran
Earbuds hearing loss (Image Credit : ChatGPT)
Earbuds hearing loss : क्या जब भी आप ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी मां ये कहकर टोक देती है कि 'ज्यादा ईयरबड्स लगा रहा है, तो तेरे कान खराब हो जाएंगे।' हम में से कई लोग अपने बड़े-बुजुर्गों की इस तरह की बातों को इग्नोर कर देते हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है कि घंटों ईयरबड्स लगाने से कान पर कैसा असर पड़ेगा? इस विषय की जानकारी के लिए हमने हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के ईएनटी एक्सपर्ट डॉ. अव्वारू सत्य किरणसे बातचीत की। डॉ. अव्वारू सत्य किरण का कहना है कि अगर व्यक्ति लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरबड्स का उपयोग करता है, तो यह इनर ईयर की नाजुक हेयर सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है। ये सेल्स ही ध्वनि को ब्रेन तक पहुंचाने में मदद करती हैं। एक बार ये डैमेज हो जाएं तो इन्हें दोबारा पूरी तरह ठीक करना मुश्किल होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, 85 डेसिबल से अधिक आवाज के लंबे समय तक संपर्क में रहना धीरे-धीरे नॉइस इंक्लूड हियरिंग लॉस का का कारण बन सकता है। ईयरबड्स चूंकि सीधे कान के अंदर लगे होते हैं, इसलिए कम आवाज भी अधिक प्रभावी हो जाती है और नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है।
लंबे समय तक ईयरबड्स का उपयोग सिर्फ सुनने की क्षमता ही नहीं, बल्कि कान के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है, जैसे-
CDC के अनुसार, लगातार, लाउड साउंड एक्सपोजर हियरिंग लॉक का प्रमुख कारण है, मुख्य रूप से युवाओं में जो हेडफोन और ईयरबड्स का अधिक उपयोग करते हैं। NIH (National Institutes of Health) की रिपोर्ट बताती है कि लंबे समय तक हेडफोन का इस्तेमाल करने से ईनर ईयर सेंसरी सेल्स को धीरे-धीरे डैमेज कर सकता है, जिससे परमानेंट हियरिंग लॉस का खतरा बढ़ता है।
अगर आप अपने कान को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दे सकते हैं, जैसे-
Disclaimer : ईयरबड्स पूरी तरह नुकसानदायक नहीं हैं, लेकिन गलत इस्तेमाल उन्हें जोखिमभरा बना देता है। सही आदतें अपनाकर हम अपनी सुनने की क्षमता को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। कान शरीर का बहुत सेंसटिव हिस्सा हैं, इसलिए उनकी देखभाल उतनी ही जरूरी है जितनी बाकी स्वास्थ्य की।