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Diabetes Disease: डायबिटीज आजकल की एक सबसे आम समस्या है, जिससे दुनियाभर में करोड़ों लोग जूझ रहे हैं। भारत में भी डायबिटीज के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। आकड़ों के अनुसार भारत में 77 मिलियन वयस्क टाइप 2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं। वहीं, 25 मिलियन लोग प्री-डायबिटीज की स्थिति है। आपको बता दें कि डायबिटीज एक दीर्घकालिक रोग है। इसमें पैंक्रियास पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है या शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता है। इसकी वजह से शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ (High Blood Sugar Level) जाता है।
डायबिटीज कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। इसमें हृदय रोग, किडनी रोग आदि शामिल हैं। डायबिटीज रोगियों में नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं। इसलिए डायबिटीज रोगियों का इलाज (Diabetes Treatment) बेहद जरूरी होता है। दवाइयों और लाइफस्टाइल में सुधार करके डायबिटीज रोगियों को लाभ मिल सकता है। लेकिन, क्या डायबिटीज रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है (Kya Diabetes Poori Tarah Thik ho Skta Hai)? इसके बारे में जानने के लिए हमने बीएलके मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली के फिजिशियन डॉ. भानु मिश्रा से विस्तार में बातचीत की-
डायबिटीज के 3 मुख्य प्रकार होते हैं। इसमें टाइप 1, टाइप 2 और गर्भावधि डायबिटीज शामिल हैं।
टाइप 1 डायबिटीज एक गंभीर समस्या है। यह एक ऑटोइम्यून स्थिति है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय में इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला करती है। इसकी वजह से शरीर में पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पाता है। इसे जुवेनाइल डायबिटीज भी कहा जाता है। टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित लोगों को रोजाना इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। यह बीमारी बचपन या किशोरावस्था में शुरू होती है।
टाइप 2 सबसे आम प्रकार का डायबिटीज है। आजकल ज्यादातर लोग टाइप 2 डायबिटीज से जूझ रहे हैं। इसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता है। टाइप 2 डायबिटीज ज्यादातर वयस्कों में देखने को मिलता है। हालांकि, आजकल बच्चों और युवाओं में भी टाइप 2 डायबिटीज के मामले देखने को मिल रहे हैं। मोटापे और खराब जीवनशैली के कारण टाइप 2 का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन, सही डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज की मदद से शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।
गर्भावधि डायबिटीज, गर्भावस्था के दौरान होने वाली एक ऐसी स्थिति है, जिसमें ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। यह समस्या गर्भावस्था के 24वें से 28वें सप्ताह के बीच में विकसित हो सकते हैं। जब हार्मोनल बदलावों की वजह से शरीर में इंसुलिन प्रक्रिया प्रभावित होती है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज हो जाता है।
आपको बता दें कि फास्टिंग ब्लड शुगर का सामान्य स्तर 70 से 99 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) के बीच होता है। वहीं, खाना खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर का सामान्य स्तर 140 mg/dL से कम रहना चाहिए। अगर ब्लड शुगर का स्तर इससे ज्यादा रहता है, तो डायबिटीज हो जाता है। ब्लड शुगर का ज्यादा या कम स्तर कई बीमारियों का कारण बन सकता है। ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर हृदय और किडनी रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंच जाता है। अगर ब्लड शुगर का स्तर कम होता है, तो व्यक्ति को चक्कर आना, कमजोरी और बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है। इसलिए व्यक्ति को ब्लड शुगर के स्तर को संतुलन में रखना बहुत जरूरी होता है।
आपको बता दें कि टाइप 2 डायबिटीज वयस्कों में अधिक पाई जाती है। यह बीमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी होती है। वैसे तो टाइप 2 डायबिटीज को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन, हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करके डायबिटीज रोग को काफी हद तक नियंत्रण में रखा जा सकता है। इसके अलावा, टाइप 2 डायबिटीज वाले रोगियों को रेगुलर एक्सरसाइज भी जरूर करना चाहिए। साथ ही, दवाइयों का सेवन भी जरूर करें, जिससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहे।
अगर टाइप 1 डायबिटीज की बात करें, तो इसे भी पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। इंसुलिन लेकर इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है। इसके अलावा, वजन को नियंत्रण में रखना बहुत जरूरी होता है।
वैसे तो डायबिटीज रोग किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। लेकिन, कुछ लोगों में डायबिटीज रोग विकसित होने का जोखिम अधिक बना रहता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां, डायबिटीज रोगियों को एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। आप वॉकिंग, स्विमिंग और योगाभ्यास जरूर करना चाहिए।
शुगर लेवल कम करने के लिए आपको रोजाना एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। साथ ही, तनाव कम करें और अनिद्रा की समस्या दूर करें।
डायबिटीज रोगियों को ज्यादा मीठे का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। शुगर रोगियों को रिफाइंड ऑयल, कार्ब्स और ज्यादा सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से भी बचना चाहिए।
डायबिटीज रोगियों को हाई फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए। अपनी डाइट में साबुत अनाज, सब्जियां और हेल्दी फैट्स शामिल करें।