hamburger icon
A
Read in English

डायबिटीज से बिगड़ सकती है आपकी नींद! जानें नींद खराब होने से होने वाली परेशानियां

एक अध्ययन में ये सामने आया है कि डायबिटीज आपकी नींद खराब कर सकती है, जिसकी वजह से आपको दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : August 23, 2022 6:02 PM IST

नींद खराब होना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें या तो आप पर्याप्त समय के लिए नहीं सो पाते हैं या फिर आपकी आंख बार-बार खुलती रहती है। ये समस्या ढेर सारी बीमारियों से जुड़ी हुई है, जिसमें हल्की से लेकर गंभीर बीमारियां शामिल हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, नींद खराब होना संवेदी तंत्रिका तंत्र, हाइपोथेलिक पिट्यूटरी एडनरल एक्सिस, मेटाबॉलिक इफेक्ट, दिल की असामान्य धड़कन और प्रोइंफ्लेमेटरी प्रतिक्रिया की बढ़ी हुई परेशानियों से जुड़ा हुआ है।

अध्ययन के मुताबिक, तनाव, इमोशनल डिस्ट्रेस, मूड डिसऑर्डर, याददाश्त संबंधी परेशानियां, आपके प्रदर्शन में कमी जैसी कई परेशानियाों के अलावा नींद खराब होना कई गंभीर प्रभावों के साथ भी जुड़ा हुआ है।

बात करें नींद खराब होने के दीर्घकालिक परिणाणों की तो हेल्दी लोगों को ये परेशानियां हो सकती हैंः

1-हाइपरटेंशन

2- डिसलिपिडेमिया

3-ह्रदय रोग

4-वजन से जुड़ी परेशानियां

5-मेटाबॉलिक सिंड्रोम

6-टाइप-2 डायबिटीज

7-कोलेरेक्टल कैंसर

क्यों होता है ऐसा ?

यूरोपीय एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज के जर्नल डायबिटीलोजिया में वर्ष 2015 में प्रकाशित एक शोध में ये सामने आया है कि नींद की कमी उन स्वस्थ पुरुषों के रक्त में भी मुक्त फैटी एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है, जो अस्थायी रूप से प्री डायबिटीज की स्थिति से जूझ रहे हैं।

डॉ. मुनिगोटी के अनुसार, नींद की कमी भी इंसुलिन रेजिस्टेंसको बढ़ाने का काम करती है, जिससे शुगर नियंत्रण बिगड़ जाता है। उनका कहना है कि रात में नींद की कमी दिन के वक्त आपकी सतर्कता को बिगाड़ने का काम करती है। इस प्रकार, यह एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने में नकारात्मक योगदान देती है जिसमें कम कार्ब वाली डाइट और नियमित व्यायाम भी शामिल है।

क्या डायबिटीज आपकी नींद को प्रभावित कर सकती है?

जी हां, ये बात काफी हद तक सही है कि डायबिटीज किसी की भी नींद को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि टाइप 2 डायबिटीज, नींद संबंधी विकारों के ज्यादातर मामलों से जुड़ी हुई है। ये सिर्फ डायबिटीज के कारण नहीं है बल्कि डायबिटीज से जुड़ी जटिलताओं और शरीर में डायबिटीज के अलावा मौजूद अन्य बीमारियों की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

इस बारे में बताते हुए, डॉ मुनिगोटी ने कहा, “शुगर लेवल पर खराब कंट्रोल रात के वक्त बार-बार पेशाब जाने की परेशानी को बढ़ाता है, जिससे रात की नींद में खलल पड़ता है। इसी तरह, हाइपोग्लाइकेमिया (बहुत कम शुगर) भी नींद में खलल डाल सकती है।