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Medically Verified By: डॉ. अमित अग्रवाल
Type 2 Diabetes in Children
Type 2 Diabetes in Children : डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसकी वजह से शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या इंसुलिन का सामान्य रूप से उपयोग नहीं कर पाता। डायबिटीज दो प्रकार के होते हैं, जिसमें टाइप-1 और टाइप-2 शामिल है। टाइप 2 मधुमेह एक मेटाबॉलिज्म विकार है। हमारे शरीर में इंसुलिन एक हार्मोन है। यह ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं में ईंधन के रूप में उपयोग करने में मदद करता है। जब ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता, तो यह ब्लड में जमा हो जाता है। इस स्थिति को हाइपरग्लाइसेमिया कहा जाता है। इस स्थिति में ब्लड वेसेल्स और नसों को नुकसान होते हैं। वहीं, आंखों, गुर्दे और हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। टाइप-2 डायबिटीज की शिकायत न सिर्फ वयस्कों और बुजुर्गों को होती है, बल्कि बच्चों में भी यह परेशानी होने लगी है। डॉ. अमित अग्रवाल, मधुकर रेनबो, चिल्ड्रन हॉस्पिटल कहा कहना है कि बच्चों को टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के बारे में विस्तार से-
बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज़ का कारण अज्ञात है। लेकिन अनुमान के मुताबिक, यह जेनेटिक कारणों से बच्चों में हो सकता है। वहीं, मोटापे जैसे किसी अन्य कारक के कारण भी बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले कुछ कारकों के बारे में-
बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण देरी से दिखते हैं, जो लगभग काफी कॉमन लक्षण होते हैं।
बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज का इलाज लक्षणों, उम्र और सामान्य स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। मुख्य रूप से इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे की स्थिति कितनी गंभीर है। डायबिटीज में इलाज का मुख्य लक्ष्य शुगर लेवल को कंट्रोल रखना होता है, जो आप निम्न तरीके से कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि यदि आपके बच्चे को गंभीर डायबिटीज है और वह स्कूल जाने की उम्र का है, तो स्कूल के कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें अपने बच्चे की स्थिति के बारे में शिक्षित करें और देखभाल की योजना बनाएं।