टाइप-2 डायबिटीज होने पर बार-बार पेशाब करते हैं छोटे बच्चे, जानिए शुरुआती लक्षण, इलाज और कैसे रोकें

Causes of Type 2 Diabetes in children : बच्चों में भी टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की क्या है वजह और कैसे करें इसकी पहचान?

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Written By: Mishra Kishori | Updated : November 13, 2024 2:21 PM IST

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Medically Verified By: डॉ. अमित अग्रवाल

Type 2 Diabetes in Children : डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसकी वजह से शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है या इंसुलिन का सामान्य रूप से उपयोग नहीं कर पाता। डायबिटीज दो प्रकार के होते हैं, जिसमें टाइप-1 और टाइप-2 शामिल है। टाइप 2 मधुमेह एक मेटाबॉलिज्म विकार है। हमारे शरीर में इंसुलिन एक हार्मोन है। यह ब्लड में मौजूद ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं में ईंधन के रूप में उपयोग करने में मदद करता है। जब ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता, तो यह ब्लड में जमा हो जाता है। इस स्थिति को हाइपरग्लाइसेमिया कहा जाता है। इस स्थिति में ब्लड वेसेल्स और नसों को नुकसान होते हैं। वहीं, आंखों, गुर्दे और हृदय को नुकसान पहुंचा सकता है। टाइप-2 डायबिटीज की शिकायत न सिर्फ वयस्कों और बुजुर्गों को होती है, बल्कि बच्चों में भी यह परेशानी होने लगी है। डॉ. अमित अग्रवाल, मधुकर रेनबो, चिल्ड्रन हॉस्पिटल कहा कहना है कि बच्चों को टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए  डॉक्टर से जानते हैं बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के बारे में विस्तार से-

किन कारणों से बच्चों को होता है टाइप-2 डायबिटीज?

बच्चों में टाइप 2 डायबिटीज़ का कारण अज्ञात है। लेकिन अनुमान के मुताबिक, यह जेनेटिक कारणों से बच्चों में हो सकता है। वहीं, मोटापे जैसे किसी अन्य कारक के कारण भी बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले कुछ कारकों के बारे में-

  • टाइप 2 डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास
  • काफी ज्यादा वजन होना
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज न करना
  • प्रीडायबिटीज होना
  • उनकी मां को गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज था, तो इसका खतरा बढ़ जाता है।

बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण क्या हैं?

बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज के लक्षण देरी से दिखते हैं, जो लगभग काफी कॉमन लक्षण होते हैं।

  1. बार-बार ब्लैडर में संक्रमण होना
  2. स्किन पर संक्रमण या घाव होना
  3. काफी बार पेशाब आना
  4. भूख बढ़ने के बावजूद वजन कम होना
  5. काफी ज्यादा प्यास लगना
  6. आंखों की दृष्टि धुंधली होना
  7. बिना कारण थकान और कमजोरी होना
  8. मतली और उल्टी महसूस होना
  9. हाथों या पैरों में झुनझुनी या संवेदना का कम होना
  10. स्किन पर काले रंग के निशान दिखना, इत्यादि।

किस तरह करें बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज का इलाज?

बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज का इलाज लक्षणों, उम्र और सामान्य स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। मुख्य रूप से इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे की स्थिति कितनी गंभीर है। डायबिटीज में इलाज का मुख्य लक्ष्य शुगर लेवल को कंट्रोल रखना होता है, जो आप निम्न तरीके से कर सकते हैं।

  • सबसे पहले बच्चों का आहार स्वस्थ रखें, ऐसे आहार न दें जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता हो।
  • अगर वजन काफी तेजी से कम हो रहा है, तो ऐसे में तुरंत डॉक्टर से पास जाएं।
  • बच्चों को नियमित रूप से एक्सरसाइज के लिए प्रोत्साहित करें।
  • बच्चों के आसपास स्वच्छता की निगरानी रखें।
  • किसी अच्छे डॉक्टर्स की मदद से इंसुलिन रिप्लेशमेंट थेरेपी कारएं।
  • ब्लड शुगर लेवल की नियमित रूप से जांच कराएं।
  • अगर डॉक्टर के दवा दी है, तो उन्हें समय-समय पर दें।

ध्यान रखें कि यदि आपके बच्चे को गंभीर डायबिटीज है और वह स्कूल जाने की उम्र का है, तो स्कूल के कर्मचारियों के साथ मिलकर उन्हें अपने बच्चे की स्थिति के बारे में शिक्षित करें और देखभाल की योजना बनाएं।