
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Mandeep Singh
Is cancer a genetic disease: मेरी मां को कैंसर था। ब्रेस्ट कैंसर से लगभग 5 साल तक लड़ाई लड़ने के बाद उनकी मौत हो गई। कैंसर से मेरी मां की मौत के बाद मेरे दिमाग में एक ही सवाल बार-बार आ रहा है कि क्या मुझको भी भविष्य में कैंसर का खतरा है? ये सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन सभी लोगों का है, जिनके परिवार में मां या पिता को कैंसर रहा हो। इन सभी सवालों का जवाब छिपा है जेनेटिक्स (Genetics) यानी हमारे जीन में। आइए जानते हैं इन सवालों का जवाब सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह से।
जेनेटिक्स वो साइंस है, जो यह बताता है कि माता-पिता से बच्चों में गुण कैसे ट्रांसफर होते हैं। हमारे शरीर की हर कोशिका (Cell) में DNA होता है और DNA में मौजूद छोटे-छोटे हिस्सों को जीन (Genes)कहा जाता है। जीन के जरिए ही हमारे शरीर को रंग, लंबाई, आंखों का रंग, शरीर का विकास और बालों से जुड़ी चीजें विकसित होती हैं। जब किसी व्यक्ति के जीन में गड़बड़ी या बदलाव हो जाता है, तो उसे जेनेटिक म्यूटेशन (Genetic Mutation) कहते हैं।
डॉ. मनदीप सिंह का कहना है कि हर कैंसर के पीछे जेनेटिक म्यूटेशन की भूमिका होती है। ये म्यूटेशन दो तरह के हो सकते हैं:
1. वंशानुगत (Inherited Mutations)- वंशानुगत म्यूटेशन माता-पिता से बच्चों में आते हैं। ये जन्म से ही DNA में मौजूद होते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्ति को कैंसर का खतरा सामान्य से ज्यादा होता है। लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वंशानुगत के हिसाब से आपको कैंसर होना बिल्कुल तय ही है।
2. अर्जित (Acquired Mutations)- ये म्यूटेशन हम अपनी रोजमर्रा के जीवन में क्या कर रहे हैं उस पर निर्भर करते हैं। जैसे की स्मोकिंग, शराब, रेडियो का रेडिएशन, खराब लाइफस्टाइल और खानपान। वर्तमान में जो कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं, उसमें अर्जित म्यूटेशन सबसे बड़ा कारण है।
इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. मनदीप सिंह बताते हैं कि हां, जेनेटिक कारणों से कैंसर हो सकता है, लेकिन यह कुल कैंसर मामलों का केवल 5 से 10 फीसदी ही योगदान देता है। भारत में जो कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं, उनमें बड़ा हिस्सा लाइफस्टाइल, खानपान और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है। जेनेटिक्स के कारण कैंसर के मामले फिलहाल काफी कम देखे जा रहे हैं।
डॉक्टर का कहना है कि फैमिली हिस्ट्री का महत्व तब बढ़ जाता है, जब एक ही प्रकार का कैंसर परिवार के कई सदस्यों में, खासकर कम उम्र में, देखने को मिले। उदाहरण के लिए, ब्रेस्ट कैंसर, ओवरी कैंसर, कोलन कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर कुछ हद तक जेनेटिक लिंक दिखाते हैं। अगर माता-पिता, भाई-बहन या नजदीकी रिश्तेदार को कैंसर रहा है, तो व्यक्ति में उस कैंसर का जोखिम सामान्य से थोड़ा अधिक हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कैंसर होना तय ही है।
कुछ प्रकार के कैंसर होते हैं, जिनमें जेनेटिक बड़ी भूमिका निभाते हैं। इसमें शामिल हैः
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।