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फिटकरी, हल्दी, सेंधा नमक पाउडर के साथ सरसों तेल की दो बूंदों से ब्लैक फंगस ठीक करने का दावा? जानें इस दावे की सच्चाई
Black Fungus Treatment Fake news in hindi : एक तरफ जहां पहले लोग कोरोनावायरस से परेशान हैं वहीं अब ब्लैक फंगस जैसी जानलेवा बीमारी ने भी धीरे-धीरे अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। अभी तक ब्लैक फंगस के 10,000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसके कारण कई राज्यों में इस बीमारी को महामारी घोषित किया जा चुका है। ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि इसकी मृत्यु दर 50 प्रतिशत तक है। देश भर के अस्पतालों में डॉक्टर और मरीज इस दुर्लभ फंगल इंफेक्शन से परेशान हैं तो सोशल मीडिया पर इस बीमारी से निपटने के दावे भी वायरल हो रहे हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि फिटकरी, हल्दी, सेंधा नमक और सरसों के तेल से ब्लैक फंगस को ठीक किया जा सकता है। हालांकि, जब इस मैसेज की सच्चाई तक पहुंचा गया तो पाया गया कि ये मैसेज फर्जी है। इस वायरल वीडियो में डॉ. परमेश्वर अरोड़ा नाम का एक शख्स ये बता रहा है किकैसे नियमित रूप से फिटकरी, हल्दी और सेंधा नमक पाउडर के साथ सरसों के तेल की दो बूंदों का सेवन करने से ब्लैक फंगस को ठीक किया जा सकता है।
अभी तक इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है इसलिए किसी भी व्यक्ति को इसे फॉलो नहीं करना चाहिए।
ब्लैक फंगस इंफेक्शन म्यूकर मोल्ड के कारण होता है, जो पौधों, खाद, मिट्टी के साथ-साथ सड़े फलों और सब्जियों में पाई जाती है। डॉक्टरों की मानें तो ये संक्रमण उन लोगों को हो रहा है, जो कोरोना से या तो ठीक हो रहे हैं या COVID-19 संक्रमण से पूरी तरह उबर चुके हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि संक्रमण हमारे शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है, जिससे हमारा शरीर संक्रमण की चपेट में आ जाता है।
ब्लैक फंगस संक्रमण उन लोगों में देखा जा रहा है, जिन्हें लंबे समय तक स्टेरॉयड दिया गया था या फिर वे लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। इसके अलावा ऑक्सीजन थेरेपी या फिर वेंटिलेटर पर रहने वाले लोगों और तो और हाइजीन का ख्याल न रखने वाले लोगों को ब्लैक फंगस हो रही है।
बात करें इलाज की तो अब तक एम्फोटेरिसिन-बी, जो एक एंटीफंगल दवा है, का उपयोग बीमारी के इलाज के लिए किया जा रहा है।
इतना ही नहीं ब्लैक फंगस के अलावा दो अन्य दुर्लभ फंगल संक्रमण, व्हाइट फंगस और और येलो फंगस संक्रमण के मामले भी सामने आए हैं। एक्सपर्ट की मानें तो स्टेरॉयड के अति प्रयोग और कमजोर इम्यूनिटी के कारण ऐसे दुर्लभ संक्रमण हो रहे हैं ,जो कोविड से ठीक होने वाले लोगों में ज्यादा देखे जा रहे हैं।