Lung Cancer Awareness Month: क्या वायु प्रदूषण के कारण लंग कैंसर होता है?

Can Air Pollution Cause Lung Cancer: अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या वायु प्रदूषण के कारण लंग कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है? (Kya Vayu Pardushan ke karan lung cancer hota hai) आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब डॉ. अरुण कुमार गोयल से।

Lung Cancer Awareness Month: क्या वायु प्रदूषण के कारण लंग कैंसर होता है?
VerifiedVERIFIED By: Dr Arun Kumar Goel

Written by Ashu Kumar Das |Published : October 30, 2025 8:47 AM IST

Can Air Pollution Cause Lung Cancer: देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, पटना समेत तमाम बड़े शहरों में वायु प्रदूषण चिंता का विषय बन चुका है। वायु प्रदूषण के कारण लोगों को कई प्रकार की समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या वायु प्रदूषण के कारण लंग कैंसर जैसी घातक बीमारी हो सकती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब हरियाणा के सोनीपत स्थित एंडोमेड्रा अस्पताल के ऑनकोलोजिस्ट डॉ. अरुण कुमार गोयल से।

डॉ. अरुण कुमार गोयल के अनुसार, वायु प्रदूषण और लंग कैंसर (lungs cancer) के बीच संबंध एक ऐसा विषय है जिस पर अब वैज्ञानिक प्रमाण बढ़ते जा रहे हैं। धूम्रपान को लंग कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता रहा है, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि बाहर-घिरा हुआ वायु प्रदूषण (ambient air pollution) और घरेलू वायु प्रदूषण (indoor air pollution) भी लंग कैंसर जैसी बीमारी के जोखिम को कई गुणा बढ़ाता है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड लंग कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं।

वायु प्रदूषण और लंग कैंसर के बीच कनेक्शन

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायु प्रदूषण को एक ऐसा जोखिम-कारक माना है जो “लंग कैंसर” समेत कई बीमारियों की जड़ है।एक मेटा-विश्लेषण में पाया गया कि PM₂.₅ में बढ़ोतरी होने से लंग कैंसर का जोखिम बढ़ता है। वहीं, नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित एक रिसर्च बताती है कि जिन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण बहुत अधिक है, वहां फेफड़ों के कैंसर में ऐसे जेनेटिक बदलाव अधिक पाए जा रहे हैं जैसे TP53 जीन में म्यूटेशन।

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वायु प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर का कारण कैसे बन सकता है?

1. डॉक्टर बताते हैं कि हवा में मौजूद प्रदूषण के छोटे कण (विशेष रूप से PM₂.₅) फेफड़ों में गहराई से पहुंच सकते हैं और ब्लड फ्लो में रुकावट ला सकते हैं। हवा में मौजूद छोटे-छोटे प्रदूषण के कण फेफड़ों की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव तनाव (oxidative stress), सूजन (inflammation) और DNA को नुकसान पहुंचाते हैं, जो लंग कैंसर की संभावना को कई गुणा बढ़ा सकते हैं।

2. वायु प्रदूषण-कणों के कारण फेफड़ों में कोशिकाएं समय-समय पर ऐसे म्यूटेशन विकसित कर सकती हैं जो कैंसर की शुरुआत का कारण बन सकते हैं।

3. वायु प्रदूषण के साथ धूम्रपान, घरेलू ईंधन-धुंआ, उद्योग-उत्सर्जन आदि मिलकर जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

लंग कैंसर के लक्षण क्या हैं?

वायु प्रदूषण के कारण लंग कैंसर जैसी बीमारी होने पर व्यक्ति में नीचे बताए गए लक्षण नजर आ सकते हैं।

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  • लगातार खांसी
  • खांसी में खून आना (haemoptysis)
  • सांस लेने में तकलीफ, धूप या रात सांस फूलना
  • भरी-भरी आवाज
  • वजन घटना, थकान, वेस्टर्न-सिंड्रोम

अगर इनमें से कोई लक्षण लंबे समय तक नजर आते हैं तो इस विषय पर डॉक्टर से बात करें और तुरंत लंग कैंसर का इलाज शुरू करवाएं।