
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 5, 2026 11:35 AM IST
Medically Verified By: Dr. Neetu Jain
Image credits by: AI से पूछकर अस्थमा का इलाज करना गलत है। (AI Generated image)
आज के डिजिटल दौर में लोग अपनी सेहत से जुड़ी जानकारी के लिए इंटरनेट, AI टूल्स और चैटबोट का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। सिर दर्द से लेकर दिल की बीमारी तक हर चीज के लिए लोग ऑनलाइन जवाब की तलाश में रहते हैं। जैसे ही कोई बीमारी हमें ट्रिगर करती है हम मोबाइल में मौजूद AI टूल और चैटबोट पर अपने लक्षण डालते हैं और जो जवाब आता है, उसे बिना कुछ सोचे- समझें मान लेते हैं। सर्दी, खांसी जैसी बीमारी में AI टूल और चैटबोट से पूछकर घरेलू नुस्खे अपनाया जाना आसान हो सकता है, पर जब बात अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी की आती है तब क्या इस प्रकार की चीजों का इस्तेमाल करके इलाज करना सही है? 5 मई को जब वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड अस्थमा डे मनाया जा रहा है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं क्या AI और चैटबोट से पूछकर अस्थमा का इलाज करना सही है? इस विषय पर अधिक जानकारी दे रही हैं दिल्ली के पीएसआरआई हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट पल्मोनॉली विभाग की डॉ. नीतू जैन।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अस्थमा एक क्रोनिक (लंबे समय तक रहने वाली) बीमारी है, जिसमें सांस लेने की नलिकाओं में सूजन आ जाती है। अस्थमा के कारण सांस फूलना, गले से सीटी की आवाज आना, खांसी और छाती में जकड़न की परेशानी होती है। अस्थमा का अटैक कभी भी अचानक आ सकता है, इसलिए अस्थमा जैसी बीमारी का इलाज सही समय पर होना बहुत जरूरी है।
अस्थमा एक क्रोनिक डिजीज है।
इस सवाल का सीधा का जवाब है नहीं। किसी भी AI, चैटबोट या अन्य टूल का इस्तेमाल करके अस्थमा का इलाज करना बिल्कुल सही नहीं हैं। डॉ. नीतू जैन के अनुसार, अस्थमा हर व्यक्ति में अलग तरीके से होता है और इसके लक्षण भी अलग होते हैं। ऐसे में AI से पूछकर अस्थमा का इलाज करना बिल्कुल सही नहीं है। याद रहे कि AI सामान्य जानकारी देता है, पर्सनल इलाज नहीं कर सकता है। जब कोई अस्थमा का मरीज अस्पताल जाता है तो डॉक्टर सबसे पहले स्टेथोस्कोप से जांच करता है और इसके बाद विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट (जैसे स्पाइरोमेट्री) करवाता है। टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर तय करता है कौन सी दवा, कितनी मात्रा में, कितने समय तक मरीज को लेनी चाहिए। लेकिन जब आप AI टूल के जरिए अस्थमा का इलाज करते हैं तो वह आपको सिर्फ आपके द्वारा डाले गए लक्षणों के आधार पर जानकारी देता है।
डॉ. नीतू जैन कहती हैं- "किसी भी परिस्थिति में AI, चैटबोट, सिरी जैसे विभिन्न प्रकार के टूल के जरिए बीमारी का इलाज करना बिल्कुल सही नहीं है। इस प्रकार का टूल डॉक्टर की जगह नहीं ले सकता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति सिर्फ AI पर भरोसा करके इलाज करता है, तो नुकसान हो सकता है।"
अस्थमा का इलाज समय पर करना जरूरी है।
Disclaimer: वर्ल्ड अस्थमा डे के खास मौके पर डॉक्टर के साथ की गई बातचीत के आधार पर हम यह सकते हैं कि AI और चैटबोट आज के समय में बहुत अच्छा टूल है। लेकिन अस्थमा या किसी भी अन्य बीमारी में इस प्रकार के टूल के जरिए इलाज करना गलत है। AI और चैटबोट आपको सिर्फ लक्षण के आधार पर जानकारी देते हैं, मेडिकल टेस्ट और डॉक्टर की तरह सटीक जानकारी नहीं देते हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में बीमार पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें और इलाज करवाएं।
अस्थमा का सबसे सफल इलाज इनहेलर्स और निवारक दवाओं का सही समय पर उपयोग है, जो साँस के मार्ग की सूजन को कम करते हैं।
अल्पकालिक बीटा एगोनिस्ट (SABA) त्वरित राहत देने वाली दवाएं हैं । ये तुरंत असर करती हैं और लक्षणों के पहले संकेत मिलते ही इन्हें ले लेना चाहिए। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद।
होम्योपैथी का उपयोग अक्सर पारंपरिक चिकित्सा (जैसे इनहेलर) के साथ एक पूरक उपचार के रूप में किया जाता है ताकि अस्थमा के दौरों की आवृत्ति और गंभीरता को कम किया जा सके।
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