
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Tarang Krishna
kidney cancer prevention (AI generated image)
आज की जनरेशन में अल्कोहल का सेवन काफी कॉमन होता जा रहा है और यही कारण है कि किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं जिनमें किडनी कैंसर भी शामिल है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसकी पूरी तरह से रोकथाम नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह हो सकता है कि आप अच्छी लाइफस्टाइल और सही डाइट की मदद से कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं, लेकिन कैंसर विकसित होने के पीछे एक बड़ा हिस्सा जेनेटिक कंडीशन्स का भी होता है। लेकिन अक्सर सवाल आता है कि अगर हमारा इम्यून सिस्टम अच्छा है, तो क्या वह हमें किडनी कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। अगर आपका भी यही सवाल है तो यह आर्टिकल खास आपके लिए ही है क्योंकि इसमें डॉ. तरंग कृष्णा, मैनेजिंग डायरेक्टर, कैंसर हीलर सेंटर इस टॉपिक से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां हमें दे रहे हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता का काम ही यही होता है हमारे शरीर को संक्रमण और अन्य बीमारियों से बचाना। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि अगर इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत हो, तो क्या वह किडनी कैंसर की कोशिकाओं को बनने से ही रोक सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब पूरी तरह "हां" या "नहीं" में नहीं दिया जा सकता बल्कि इसके लिए आपको इसकी पूरी प्रोसेस को समझना पड़ेगा।
दरअसल, शरीर में हर दिन लाखों कोशिकाएं बनती और नष्ट होती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कुछ कोशिकाओं में अगर कुछ म्यूटेशन यानी किसी तरह का असाधारण बदलाव हो जाता है, तो ऐसे में अगर आपका इम्यून सिस्टम अच्छा है और एक्टिव है तो वह इन कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, तो कई बार इन असामान्य कोशिकाओं को नष्ट नहीं कर पाएगा। इसलिए माना जाता है कि एक स्वस्थ और सक्रिय इम्यून सिस्टम कैंसर के खतरे को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह कोई गारंटी नहीं है कि अगर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत है तो कैंसर कभी होगा ही नहीं।
किडनी कैंसर के मामले में कई अन्य कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं। बढ़ती उम्र, धूम्रपान, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, लंबे समय तक कुछ रसायनों के संपर्क में रहना, परिवार में पहले किसी को कैंसर हुआ होना और कुछ आनुवंशिक स्थितियां इसके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। अगर इन जोखिम कारकों का प्रभाव ज्यादा हो, तो मजबूत इम्यून सिस्टम होने के बावजूद कैंसर विकसित हो सकता है।
इतना ही नहीं कई बार कैंसर की कोशिकाएं अपने आप को इस तरह से बदल लेती हैं, कि इम्यून सिस्टम भी उसकी पहचान नहीं कर पाता है। यही वजह है कि कुछ लोगों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली सामान्य होने के बावजूद कैंसर विकसित हो जाता है।
हमारे लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि जब बात कैंसर की आती है, तो सिर्फ इम्यून सिस्टम के भरोसे बैठने की सलाह नहीं दी जाती है, क्योंकि कैंसर के लिए सही समय पर सही जांच और सही इलाज शुरू करने की जरूरत होती है। इम्यूनोथेरेपी (CAM) ने नई उम्मीद जगाई है। यह एक ऐसी ट्रीटमेंट प्रोसीजर है, जो इम्यून सिस्टम को खास तरीके से स्टीमुलेट करती है जिससे कैंसर कोशिकाओं की अच्छे से पहचान हो जाती है। यही कारण है कि किडनी कैंसर के कई मरीजों में इम्यूनोथेरेपी (CAM) अच्छे परिणाम दे रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल मजबूत इम्यूनिटी ही कैंसर से पूरी सुरक्षा दे सकती है।
कुछ तरीके हैं जिन्हें अपनाकर किडनी कैंसर से बचाव करने में मदद मिल सकती है या यूं कह लीजिए कि किडनी कैंसर के खतरे को कुछ हद तककम किया जा सकता है -
इसलिए सिर्फ इम्यून सिस्टम भरोसे बैठने से काम नहीं चलेगा बल्कि उसे मजबूत बनाना और उपरोक्त बातें का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं तो यह कैंसर के साथ-साथ अन्य कई स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां होने के खतरे को कुछ हद तक कम कर सकती है। मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर की एक महत्वपूर्ण सुरक्षा ढाल है और यह असामान्य कोशिकाओं से लड़ने में मदद करता है, लेकिन इसे किडनी कैंसर से सौ फीसदी बचाव की गारंटी नहीं माना जा सकता। स्वस्थ जीवनशैली, जोखिम कारकों पर नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच ही इस बीमारी से बचाव की सबसे प्रभावी रणनीति है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल किडनी कैंसर से जुड़ी से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल ऑटिज्म या किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।