• हिंदी

आपकी इस 1 गलती से नसों में जमा होने लगता है कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड, वजन घटाने वाले लोग ज्यादा करते हैं ये गलतियां

आपकी इस 1 गलती से नसों में जमा होने लगता है कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड, वजन घटाने वाले लोग ज्यादा करते हैं ये गलतियां

वजन कम रखने की चाहत में लो कार्ब डाइट (कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार) का सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ सकता है। तो इसके लिए क्या करना चाहिए, आइये जानते हैं।

Written by Atul Modi |Published : December 27, 2022 7:25 PM IST

वजन कम रखना अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। वजन कम करने के लिए काफी लोग 'लो कर्ब्स डाइट' लेने लगते हैं। जिसकी वजह से एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो कि बैड कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, लो कार्ब्स मील प्लान करते वक्त उसमें फाइबर, बिना स्टार्च वाली सब्जियां और पानी जैसी चीजों को शामिल कर सकते हैं। जिससे एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रहेगा।

आमतौर पर कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार पर स्विच करना खासकर तब, जब कीटो जैसी डाइट वजन घटाने (Keto Diet For Weight Loss) में अच्छे रिजल्ट दे सकती है। लेकिन लंबे समय तक ऐसी डाइट को फॉलो करने से काफी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। जिसमें से एक है एलडीएल यानि की खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ लेवल।

शरीर में बढे हुए कोलेस्ट्रॉल की वजह से कई तरह के रिजल्ट सामने आ सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ परिस्थियों में हृदय के लिए कीटो जैसे कम कार्ब्स वाली डाइट को अच्छा समझा जाता है। लेकिन कीटो जैसे कम कार्ब्स वाली डाइट से एलडीएल और ट्राईग्लिसराइड्स (Triglycerides and LDL Cholesterol ) अचानक बढ़ सकता है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति इस डाइट पैटर्न को फॉलो करता है, तो इससे बचने के लिए कुछ खास बातों को भी ख्याल में रखना चाहिए।

Also Read

More News

क्या कम कार्ब वाली डाइट कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो, एक कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट वो होती है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट की खपत की मात्रा कम हो जाती है। इस तरह की डाइट में चीनी से बनी मिठाई, पास्ता, ब्रेड, बिस्कुट, चावल और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों के कैलोरी सेवन को कंट्रोल करना है। ऐसी डाइट में सब्जियां, नट्स, दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स, फलियां, नॉनवेज. फिश और पोल्ट्री शामिल होती हैं।

ये कुछ ऐसी डाइट हैं, जो हमारे शरीर की कैलोरी बर्न करने वाली ग्लूकोज पर डिपेंड करती है। जिसकी वजह से वजन और ब्लड शुगर की गतिशीलता के अलावा ब्लड कोलेस्ट्रॉल का लेवल प्रभावित हो सकता है। कम कार्ब वाली डाइट कोलेस्ट्रॉल पर असर डालती है। जिस वजह से एलडीएल के लेवल को बढ़ाकर लिपिड प्रोफाइल पर खराब प्रभाव पड़ता है।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कैसे बढ़ता है?

शरीर के ब्लड सर्कुलेशन में एलडीएल कणों की संख्या की वजह से नसों में जमने लगती है। जिसकी वजह से फ्यूचर में दिल का दौरा और स्ट्रोक तक पड़ सकता है। एक कम कार्बोहाइड्रेट वाली डाइट में मुख्य रूप से डाइट प्लान में फैट को शामिल करने की वजह से एलडीएल का लेवल बढ़ जाता है। इसके बजाय कम कार्ब और कम फैट वाली डाइट में एलडीएल कोलेस्ट्रोल के लेवल में कमी हो सकती है।

कम कार्ब वाली डाइट पर एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें?

जब भी डाइट प्लान करें, तो इन चीजों को शामिल करके एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर सकते हैं:

  • घुलनशील फाइबर।
  • बिना स्टार्च वाली सब्जियों के साथ पेक्टिन से भरपूर फल जैसे सेब, अंगूर और स्ट्राबेरी।
  • हेल्दी फैट जैसे मोनो और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट जैसे नट्स, मछली, चिया सीड्स, अलसी के बीज, ऑलिव, एवोकैडो शामिल करें।
  • ढेर सारा पानी पियें।
  • ट्रांस फैट से खुद को बचाएं।

कौन से लिपिड टेस्ट कराना जरूरी है?

65 साल या उससे ज्यादा की उम्र के लोगों को अपोलीपोप्रोटीन बी के लेवल का टेस्ट करवाना चाहिए। वहीं 45 से 65 साल के बीच के वो लोग जिनका पारिवारिक इतिहास मोटापा, हाइपरलिपिडेमिया, डायबिटीज है, उनके भी साल में एक बार टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

लो कार्ब डाइट में क्या करें और क्या नहीं?

  • डाइट, नींद और एक्सरसाइज को अच्छे से फॉलो करें।
  • स्मोकिंग और शराब के सेवन कम करें।
  • खाना खाते वक्त धीरे खाएं और एक बार में कम खाएं।
  • चीनी, चावल, ब्रेड, आलू, पास्ता, बिस्कुट जैसी चीजों को अवॉइड करें।
  • कम कार्ब-हाई फैट वाली डाइट की जगह कम कार्ब-कम फैट वाली डाइट करें।
  • वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड प्रोफाइल की समय समय पर जांच करें।
  • लो कार्ब का मतलब नो कार्ब नहीं है। इससे शरीर में कार्बोहाइड्रेट की कमी हो सकती है।

अगर आप चाहते हैं, कि आपके शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रोल का लेवल ना बढ़े, उसके लिए कुछ सावधानियों पर ध्यान देने की जरूरत है। साथ ही इस बात पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि, एक बार में ज्यादा खाना ना खाएं। ज्यादा खाना खाने की वजह से हेल्थ खराब हो सकती है।