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World No Tobacco Day 2024: गुटखा और सिगरेट कैंसर का सबसे बड़ा कारण है, ये बात तो सभी जानते हैं। लेकिन क्या इनके सेवन की मात्रा पर भी कैंसर निर्भर है। दुनियाभर में इसे लेकर कई अध्ययन हुए हैं, जिनके आधार पर विशेषज्ञ कई निष्कर्षों पर पहुंचे हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार आप जितना ज्यादा गुटखे और सिगरेट का सेवन करेंगे, उनका ही ज्यादा कैंसर का खतरा बढ़ेगा। क्यों है सिगरेट और गुटखा खतरनाक, आइए जानते हैं।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, सिगरेट पीने वालों को धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में फेफड़ों के कैंसर होने की आशंका 15 से 30 गुना ज्यादा होती है। अमेरिका में 10 में से 9 लंग कैंसर के मामले सिगरेट पीने से जुड़े हैं। वहीं यूनाइटेड किंगडम में यह आंकड़ा 10 में से 7 तक का है। साल 2021 में दो लाख से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई लोगों पर शोध किया गया। शोधकर्ताओं ने देखा कि इन प्रतिभागियों में से 80 साल की उम्र तक के लोगों में कैंसर की कितनी आशंका है। शोध में पाया गया कि 80 साल तक की उम्र के जो लोग धूम्रपान नहीं करते थे उनमें से सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों में ही लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर होने की आशंका पाई गई। वहीं जो लोग सिगरेट पीते थे उनमें लंग कैंसर का खतरा 14% तक ज्यादा था। शोध के अनुसार जो लोग हर दिन 1 से 5 सिगरेट पीते हैं, उन्हें कैंसर का खतरा 7.7% तक ज्यादा होता है। वहीं जो लोग हर दिन 35 से ज्यादा सिगरेट पीते हैं उनमें फेफड़ों के कैंसर होने की आशंका 26.4% ज्यादा रहती है।
जर्नल ऑफ थोरेसिक ऑन्कोलॉजी में साल 2023 में प्रकाशित एक स्टडी ने दुनियाभर को चौका दिया। इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ लंग कैंसर अर्ली डिटेक्शन एंड स्क्रीनिंग कमेटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2007 के बाद से दुनियाभर में लंग कैंसर के कारण होने वाली मौतों के आंकड़े में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इतना ही नहीं धूम्रपान का नुकसान सिर्फ सिगरेट पीने वाले को ही नहीं होता, बल्कि उसके आस-पास रहने वालों के लिए भी यह खतरनाक है। सेकेंड हैंड स्मोकिंग या पैसिव स्मोकिंग भी लंग कैंसर का खतरा बढ़ा देती है।
गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, ये सभी सेहत के दुश्मन हैं और इनके सेवन से सिर्फ लंग कैंसर ही नहीं कई अन्य कैंसर होने की आशंका भी बढ़ती है। साल 2018 में चार लाख से ज्यादा रोगियों के 30 साल के डेटा का अध्ययन कर निष्कर्ष निकाला गया कि धूम्रपान और तंबाकू से ब्लैडर कैंसर, किडनी कैंसर, लिवर कैंसर, लिम्फोमा और पैंक्रिएटिक कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। इतना ही नहीं इससे सर्वाइकल कैंसर, कोलन एंड रेक्टल कैंसर, पेट का कैंसर, मुंह का कैंसर और गले का कैंसर होेने की आशंका भी बढ़ती है। कई बार धूम्रपान अस्थमा, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज आदि का कारण भी बन जाता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्या, स्ट्रोक, हार्ट अटैक, डायबिटीज आदि की आशंका भी कई गुणा बढ़ जाती है।
अपनी इच्छा शक्ति से तंबाकू और सिगरेट का सेवन छोड़कर आप जिंदगी की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। शोध बताते हैं कि जो लोग तंबाकू और सिगरेट छोड़ देते हैं, उनमें कैंसर विकसित होने का जोखिम 10 से 20 साल तक कम हो सकता है।