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Written By: Anshumala | Published : February 14, 2020 6:29 PM IST
क्या है ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम और इसके लक्षण, कारण और इलाज।
आज है वेलेंटाइन डे (Valentine's day 2020)। आज कहीं किसी का दिल जुड़ा होगा, तो कहीं किसी का दिल टूट कर चकना चूर हो गया होगा। किसी के खुशियों का ठिकाना नहीं होगा, तो कोई मायूस, उदास और खामोश होगा। यह दिल टूटना और जुड़ना तो लगा रहता है, लेकिन जो लोग इस चीज को बहुत ज्यादा दिल और दिमाग से लगा बैठते हैं वैसे ही लोग होते हैं ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम (Broken heart syndrome in hindi) का शिकार। अक्सर, लोगों को लगता है कि दिल नहीं टूटता, लेकिन अब तो मेडिकल साइंस भी मानता है कि दिल भी टूट सकता है। और जब दिल टूटता है, तो आपको गंभीर रूप से सीने में दर्द (chest pain), कार्डियक अरेस्ट और यहां तक कि हार्ट अटैक भी हो सकता है। ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम को मेडिकल टर्म में ''टाकोटसूबो सिंड्रोम'' कहा जाता है। एक गंभीर मेडिकल अवस्था है, जिसमें मरीज के दिल पर सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जानें, क्या है यह ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम (Broken heart syndrome: causes, symptoms & treatment in hindi) और इसके लक्षण, कारण और इलाज...
दुनिया भर में लाखों लोग ''ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम'' से ग्रस्त हैं। यह सिंड्रोम कई बार प्यार में निराशा हाथ लगने, किसी सबसे प्रिय का दूर चले जाना या कोई बुरी खबर मिलने से हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों की तुलना में यह महिलाओं को कहीं अधिक प्रभावित करता है। इसमें आघात पहुंचने पर दिल का एक हिस्सा अस्थायी रूप से कमजोर हो जाता है। दिल की मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं और हार्ट के पम्प करने की क्षमता कमजोर होने लगती है।
इसके लक्षण काफी हद तक दिल के दौरे (Heart attack) के लक्षणों से मिलते-जुलते हैं। सीने, गर्दन और बाएं हाथ में तेज दर्द, सांस का फूलना, उल्टी जैसा महसूस होना, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर आदि इसके कुछ लक्षण हैं। अक्सर, लोग समझ नहीं पाते कि ये लक्षण हार्ट अटैक के हैं या ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम के। यदि आपके घर के किसी भी व्यक्ति या दोस्त में कुछ भी ऐसा नजर आए, तो बिना देर किए हॉस्पिटल ले जाएं।
एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम ज्यादातर तब होता है, जब आप किसी तनाव (Stress) और भावनात्मक घटनाओं का सामना करते हैं। जब किसी प्रिय के बिछड़ने या प्यार में दिल टूटने से कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव में चला जाता है, तो तनाव को बढ़ाने वाले हार्मोन अधिक रिलीज होते हैं, जिससे ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम अधिक बढ़ जाता है। इसका इलाज हार्ट अटैक के इलाज की तरह ही होता है। हालांकि, मरीज जब तक ठीक नहीं हो जाता है, उसे हॉस्पिटल में ही रहना पड़ता है।
Daily Health Tips : दिल को स्वस्थ रखने के लिए डेली हेल्थ टिप्स
ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम से बचने के लिए खुद को स्ट्रेस फ्री रखें। किसी भी बात को बहुत ज्यादा दिल से ना लगाएं। उदास ना रहें। हंसे, मुस्कुराएं, दोस्तों के साथ रहें। दिल टूटना या किसी प्रिय का दूर चले जाना बेहद दुख भरा होता है, लेकिन इस दुख को खुद पर अधिक दिनों तक हावी ना होने दें। इसे समय पर पहचान कर, अपने जीवन से तनाव को निकाल बाहर करें।