ऑफिस की टेंशन घर तक ला रहे हैं? जानें यह रिश्ते को कैसे कर सकता है प्रभावित

अगर आप भी ऑफिस की टेंशन घर लेकर जाते हैं, तो यह आपके रिश्तों पर बुरा असर डाल सकता है। ऑफिस स्ट्रेस, पार्टनर के साथ दूरी बढ़ा सकता है और मन-मुटाव का कारण बन सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 17, 2026 4:04 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Chandni Tugnait

क्या आप भी ऑफिस के काम की वजह से टेंशन में रहते हैं? अगर हां, तो यह सिर्फ आपके मेंटल हेल्थ को नहीं बल्कि आपके रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है। एक लंबे और थका देने वाले दिन के बाद जब आप घर पहुंचते हैं, तो शरीर तो घर आ जाता है लेकिन दिमाग अभी भी उसी मीटिंग, बॉस की बात या अधूरे प्रोजेक्ट में अटका रहता है। ऐसी टेंशन न सिर्फ स्ट्रेस पैदा करता है, यह रिश्तों पर भी गहरा असर डालता है और घर का माहौल बिगाड़ सकता है।

गेटवे ऑफ हीलिंग की फाउंडर, डायरेक्टर और मनोचिकित्सक डॉ. चांदनी तुगनैत बताती हैं कि जब हम ऑफिस से टेंशन घर लाते हैं तो इससे सिर्फ हमारा मूड खराब नहीं होता है। बल्कि, इससे हमारे बोलने का तरीका भी प्रभावित होता है और सहनशक्ति भी कम हो जाती है। इसकी वजह से हम उन लोगों पर अपना गुस्सा या नराजगी निकालने लगते हैं, जो हमारे सबसे करीब होते हैं। जैसे- जब पार्टनर कुछ पूछता है तो हम चिल्लाकर जवाब देने लगते हैं या फिर उसकी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, जब बच्चा शोर करता है तो हम उस पर गुस्सा करने लगते हैं। जब घर पर लंबे समय तक ऐसा माहौल रहता है, तो सभी सदस्य इससे प्रभावित होने लगते हैं और रिश्तों में भी खटास आने लगती है। हालांकि, यह जानबूझकर नहीं होता है, सिचुएशन ही ऐसी बन जाती है। इस स्थिति को डिसप्लेसमेंट कहा जाता है।

डिसप्लेसमेंट क्या है?

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें इंसान उन लोगों को कुछ नहीं कह पाता है, जिनकी बातों से उसे सच में गुस्सा आता है। फिर वह अपने करीबी लोगों पर गुस्सा निकालता है। यानी हम वहीं गुस्सा निकालते हैं, जहां सबसे सेफ फील करते हैं और खुद को एक्सप्रेस कर सकते हैं, यानी हमारा घर।

इसका रिश्ते पर क्या असर पड़ता है?

जब ऐसा रोज का रूटीन बन जाता है, तो पार्टनर के साथ दूरी आने लगती है। वह समझ नहीं पाता कि आप से बात करें या न करें, आपका कब मूड ठीक होगा या नहीं और उसकी बात सुनेंगे या नहीं। ऐसे में वह धीरे-धीरे बात करना बंद कर देता है।

बच्चों पर भी इसका असर बहुत गहरा होता है। बच्चे घर का माहौल बहुत तेजी से महसूस करते हैं। जब मां या पापा हमेशा तनाव में रहते हैं या घर का माहौल सही नहीं रहता है, तो बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस करने लगते हैं। बच्चे समझ नहीं पाते हैं कि यह ऑफिस की टेंशन की वजह से है। उन्हें बस यही लगता है कि घर पर कुछ सही नहीं चल रहा है।

इन टिप्स से रिश्तों में बना रहेगा प्यार

अगर आप भी ऑफिस की वजह से टेंशन में रहते हैं, तो कुछ टिप्स को फॉलो कर सकते हैं ताकि यह टेंशन आपके रिश्तों को न बिगाड़े।

ऑफिस और घर के बीच एक मेंटल गैप बनाएं

घर पहुंचकर सबसे पहले 5 मिनट खुद को दें। आराम से बैठें और चुपचाप रहिए। यह छोटा-सा रिचुअल बहुत काम का है। यह आपके दिमाग को धीरे-धीरे ऑफिस मोड से घर मोड में शिफ्ट करता है।

पार्टनर से बात करें,चुप न रहें

अगर ऑफिस की कोई टेंशन है या आप परेशान हैं, तो अपने पार्टनर से सबकुछ शेयर करें। इससे मन का बोझ हल्का होता है और पार्टनर को आपका मूड समझने में मदद मिलती है। घर आने के बाद पार्टनर के साथ टहलने की आदत डालें। इससे आपको काफी रिलैक्स फील होगा।

प्रोफेशनल की हेल्प लें

अगर स्ट्रेस बहुत ज्यादा है और आप खुद इसे मैनेज नहीं कर पा रहे, तो किसी थेरेपिस्ट से मिल सकते हैं। इससे आपको रोजमर्रा के स्ट्रेस को बेहतर तरीके से हैंडल करने में मदद मिलेगी।

Disclaimer: अगर ऑफिस की टेंशन घर आएगी तो इसका रिश्तों पर काफी बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको कोई स्ट्रेस है या ज्यादा वर्कलोड है, तो अपने पार्टनर से बात जरूर करें। जरूरत पड़ने पर साइकेट्रिस्ट की हेल्प भी ले सकते हैं।

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