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माना जाता है कि बच्चे के पैदा होने के कम से कम 6 महीने तक तो मां का दूध पिलाया जाना चाहिए। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं कहा जाता है कि बच्चा उस दौरान कुछ खा नहीं सकता तो दूध पिलाया जाए, बल्कि ज्यादातर शिशुओं के लिए स्तनपान पोषण का सबसे अच्छा जरिया है। स्तनपान से शिशुओं और माताओं, दोनों में कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। लगभग हर 3 में से 1 शिशु को 6 महीने की उम्र तक सलाह के अनुसार सिर्फ स्तनपान कराया जाता है।
यह हम नहीं, बल्कि सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) का कहना है। CDC द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि स्तनपान कराने से बच्चे को होने वाली 7 बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। आइए आपको इस लेख में उन बीमारियों और बच्चे को मां का दूध पिलाने के फायदों के बारे में बताते हैं।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन(CDC) अपनी रिपोर्ट में उन बीमारियों के बारे में बताया है, जो माता द्वारा ब्रेस्टफीड करवाने से कम हो सकती हैं-
रिपोर्ट के अनुसार गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण से दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसमें समय से पहले जन्मे शिशुओं में नेक्रोटाइजिंग एंटरोकोलाइटिस (NEC) (आंत के टिश्यू का मरना) शामिल है। वहीं अगर स्तनपान कराया जाए तो मां में भी इन बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। जैसे-
सीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार “लगभग हर 3 में से 1 शिशु (करीब 30%) को 6 महीने की उम्र तक सिर्फ स्तनपान कराया जाता है, जैसा कि सलाह दी जाती है। स्तनपान की कम दर के कारण अमेरिका में मां और बच्चे के स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले खर्च में हर साल 3 बिलियन डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी होती है।”
रिपोर्ट कहती है कि स्तनपान शुरू करने वाले शिशुओं का प्रतिशत 2000 में 70% से बढ़कर 2023 में 86% हो गया है। CDC के mPINC डेटा से पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर पर, स्तनपान को बढ़ावा देने वाले अनुशंसित मैटरनिटी केयर तरीकों में से आधे से ज्यादा को लागू करने वाले अस्पतालों का प्रतिशत 2018 में 44% से बढ़कर 2024 में 53% हो गया है। ये तरीके 'सफल स्तनपान के दस कदमों' (Ten Steps to Successful Breastfeeding) के अनुरूप हैं।
सीडीसी स्तनपान के दौरान देखभाल की निरंतरता को बेहतर बनाने के लिए राज्य और स्थानीय संगठनों के साथ काम करता है। इसमें समय के साथ अच्छी और एक जैसी देखभाल में अस्पताल की पहल, काम की जगह पर सुविधाएं और समुदाय से मिलने वाला सहयोग शामिल है। CDC प्रगति पर नजर रखने के लिए डेटा भी एकत्र करता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी CDC की रिपोर्ट पर आधारित है और यह किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। स्तनपान, शिशु के पोषण या मां के स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर या बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।