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ब्रेस्ट कैंसर होने पर स्तन में एक छोटी सी गांठ हो जाती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली जाती है। © Shutterstock
आज की जीवनशैली में महिलाएं सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। दिन ब दिन ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या बढ़ती ही जा रही है। भारत में महिलाओं में सबसे ज्यादा ब्रेस्ट कैंसर देखने को मिल रहा है। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति डर बैठना जायज है, क्योंकि हमारे देश में हर साल स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या में एक लाख में से तीस की औसत से इजाफा हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि ब्रेस्ट कैंसर होने से आपकी जान जा सकती है। अर्ली स्टेज में ही इस गंभीर बीमारी का पता चल जाए तो फिर इससे बचाव और इसका इलाज आसान हो जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
- ब्रेस्ट कैंसर होने पर स्तन या बांह के नीचे (बगल में) उभार या मोटापन आ जाता है।
- निप्पल से पानी या खून आने लगता है। स्तन कैंसर में निप्पल पर परत या पपड़ी सी बन जाती है।
- निप्पल्स अंदर की ओर धंस जाते हैं।
- स्तन पर लालिमा या सूजन आ सकती है।
- ब्रेस्ट की गोलाई में कोई बदलाव जैसे एक का दूसरे की अपेक्षा ज्यादा बड़ा या छोटा हो जाना।
- ब्रेस्ट की त्वचा पर कोई फोड़ा या अल्सर हो जाए, जो ठीक होने का नाम न ले।
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40 वर्ष के बाद होता है खतरा
ज्यादातर यह बीमारी महिलाओं में 40 वर्ष के बाद ही होती है। ब्रेस्ट कैंसर होने पर स्तन में एक छोटी सी गांठ हो जाती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली जाती है। यदि आप चाहती हैं कि इस समस्या से ताउम्र बची रहें, तो इसके लिए कुछ जरूरी स्टेप्स उठाने होंगे।
मैमोग्राम कराएं
महिलाओं को नियमित मैमोग्राम कराना चाहिए। मैमोग्राम से स्तन कैंसर का पता दो से पांच साल में लगाया जा सकता है जब तक कि ट्यूमर किसी उभार की तरह महसूस करने लायक विकसित नहीं हुआ होता। ऐसी महिलाएं जिनको आशंका हो कि उनमें आनुवंशिक कारणों से स्तन कैंसर का जोखिम अधिक है, उनको टेस्टिंग से पहले जेनेटिक काउंसलर से सलाह करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें- भूलकर भी न खाएं ये 5 फूड्स, हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर
खानपान में इन दो चीजों को करें शामिल
अनार में मौजूद फोटोकेमिकल्स एरोमाटेज एंजाइम को रोकता है, जो एंड्रोजन हार्मोन को एस्ट्रोजन हार्मोन में बदल देता है। यह ब्रेस्ट कैंसर के होने का कारण बनता है। © Shutterstock
अनार
अनार में पाए जाने वाले तत्व या फोटोकेमिकल्स एरोमाटेज एंजाइम को रोकता है। यह एंजाइम एंड्रोजन हार्मोन को एस्ट्रोजन हार्मोन में बदल देता है जो ब्रेस्ट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी होने में अहम भूमिका निभाता है। यह तत्व एरोमाटेज एंजाइम के प्रभाव को खत्म कर देता है और कैंसर से बचने में मदद मिलती है। इसके अलावा अनार में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो स्तन कैंसर को रोकने में प्रभावी होते हैं। स्तन कैंसर से पीड़ित ज्यादातर महिलाएं एरोमाटेज एंजाइम को खत्म करने वाली दवाएं लेती हैं जिससे एस्ट्रोजन हार्मोन का विकास नहीं हो सके।
अखरोट
क्या आप जानती हैं कि अखरोट में विटामिन ई, विटामिन बी 6, कैल्शियम और तमाम मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। इतना ही नहीं अखरोट प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत्र है यानी कम से कम आधी मुट्टी अखरोट में 9 ग्राम प्रोटीन होता है। अखरोट से सिर्फ स्तन कैंसर ही नहीं बल्कि अस्थमा, अर्थराइटिस, त्वचा संक्रमण, एक्ज़ीमा जैसी बीमारियों सें भी बचा जा सकता है।