Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

बीस की उम्र के बाद हर महिला को खुद करनी चाहिए ब्रेस्‍ट की यह जांच

ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते जोखिम के बीच यह जरूरी है कि हम सभी इसके लिए सतर्क हो जाएं। खासतौर से बीस वर्ष की उम्र पार करने के बाद हर महिला को सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन करना जरूरी है।

बीस की उम्र के बाद हर महिला को खुद करनी चाहिए ब्रेस्‍ट की यह जांच
New lumps or masses in the breast. Nipple discharge, especially if it's bloody. SBE can benefit those at an increased risk, allowing for more frequent monitoring.

Written by Yogita Yadav |Updated : October 2, 2019 5:24 PM IST

दुनिया भर में महिलाओं में सबसे ज्‍यादा होने वाला कैंसर ब्रेस्‍ट कैंसर (Breast cancer) है। इसके प्रति महिलाओं और उनके परिवार को जागरुक करने के उद्देश्‍य से ब्रेस्‍ट कैंसर डे और ब्रेस्‍ट कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाने की शुरुआत की गई है। इसलिए जरूरी है कि हम सभी इसके प्रति जागरुक हों और खुद को इससे बचाकर रखें।

स्‍तन कैंसर जागरुकता माह (Breast Cancer Awareness Month 2019)

अक्‍टूबर को ब्रेस्‍ट कैंसर जागरुकता माह के तौर पर मनाया जाता है। WHO की पहल पर इसकी शुरूआत की गई है। इसका लक्ष्‍य है महिलाओं को ब्रेस्‍ट कैंसर के बढ़ते खतरे के प्रति जागरुक करना। दुनिया भर में महिलाओं में सबसे ज्‍यादा होने वाला कैंसर है। पर इससे बचना इतना भी मुश्किल नहीं है। अगर स्‍टेज जीरो या स्‍टेज वन पर पहचान कर ली जाए तो इसका जल्‍दी ही इलाज किया जा सकता है।

नहीं पड़ती सर्जरी की जरूरत

ब्रेस्‍ट कैंसर के बारे में अब भी लोगों में बहुत सारी गलतफहमियां हैं। कुछ का ऐसा लगता है कि ब्रेस्‍ट कैंसर होने का अर्थ ही है मृत्‍यु तक पहुंचना। जबकि कुछ को लगता है कि ब्रेस्‍ट कैंसर के ट्रीटमेंट में ब्रेस्‍ट को काटकर अलग करना ही उपाय है। जबकि ये दोनों ही भ्रांतियां हैं। समय पर पहचान हो जाए तो ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज किया जा सकता है। अब उपचार के इतने उन्‍नत तरीके मौजूद हैं कि इसमें ब्रेस्‍ट काटने की यानी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। थेरेपीज और मेडिसिन के जरिए भी उपचार किया जा सकता है।

Also Read

More News

बीस के बाद करें यह परीक्षण

स्‍तन कैंसर से बचने का सबसे अच्‍छा और जरूरी तरीका है कि बीस वर्ष की उम्र के बाद ही आप आत्‍म परीक्षण करें। शीशे के सामने खड़े होकर अपनी ब्रेस्‍ट को दबाकर देखें कि उनमें कहीं कोई दबाव, दर्द या गांठ तो महसूस नहीं हो रही। बारी-बारी दोनों ब्रेस्‍ट को दबाकर देखें। इसके लिए पीरियड्स के बाद यानी माहवारी का पांचवां दिन सही माना जाता है। ऐसा आपको हर महीने करना है। अगर आप अपने पीरियड्स की डेट भूल जाती हैं, तो इसके लिए डायरी में नोट करें या एप डाउनलोड करें।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

TRENDING NOW

न डरें ब्रेस्‍ट की गांठों से

हर गांठ यानी सिस्‍ट जरूरी नहीं है कि वह कैंसर ही हो। इसलिए बिल्‍कुल न घबराएं। अगर सेल्‍फ एग्‍जामिनेशन के दौरान किसी स्‍तन में दर्द, गांठ या सिस्‍ट महसूस हो तो डॉक्‍टर से परामर्श करें। डॉक्‍टर इसके लिए मेमोग्राफी या ब्रेस्‍ट की सोनोग्राफी जो भी सलाह दें, उसे करवाएं। ब्रेस्‍ट कैंसर को हराने में आपकी यह जागरुकता और सतर्कता बहुत बड़ी भूमिका अदा कर सकती है।

About the Author

... Read More