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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 7, 2022 2:35 PM IST
ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसमें ब्रेन सेल्स अचानक से बढ़ने लगते हैं और इक्ट्ठा हो कर ट्यूमर बना लेते हैं। ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं। जैसे कि कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर रहित, माइल्ड ट्यूमर होते हैं और कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसरयुक्त यानी क्रोनिक ट्यूमर होते हैं। डॉ. मुकुल शर्मा, एमडी न्यूरोलॉजी, अजंता हॉस्टपिटल, लखनऊ बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर के कारणों (brain tumor causes) को देखें तो ये समझना कई बार मुश्किल हो जाता है कि ये क्यों हुआ है। आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर जीनेटिक सिंड्रोम या हानिकारक रेडिएशन के कारण होता है। इसके अलावा कई बार जब शरीर में कहीं और कैंसर हो तो ये बढ़ कर ब्रेन तक पहुंच जाता है और ब्रेन ट्यूमर का कारण बनता है। ब्रेन ट्यूमर कितनी जल्दी बढ़ता है यह बहुत भिन्न हो सकता है और इसको आपका तंत्रिका तंत्र बहुत ज्यादा प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षणों (brain tumour symptoms in hindi) को पहचानें और फिर जल्द से जल्द इलाज करवाएं।
डॉ. शर्मा बताते हैं कि मस्तिष्क के किसी भी हिस्से में ट्यूमर होने पर व्यक्ति ब्रेन के अंदर एक दबाव महसूस करने लगता है। मिडिकल टर्म में इसे इंट्राकैनायल प्रैशर (intracranial pressure) के रूप में जाना जाता है । यह ट्यूमर के बढ़ने के साथ मस्तिष्क में सूजन पैदा करने लगता है और इसके सेरिब्रल स्पाइनल फ्लूइड (cerebrospinal fluid) के फ्लो में रुकावट पैदा करता है। जिससे दबाव और बढ़ने लगता है और शरीर में ब्रेन ट्यूमर के लक्षण (brain tumour symptoms) महसूस होने लगते हैं। जैसे कि
ब्रेन में जैसे ही ट्यूमर बनता है अचानक से तेज सिर दर्द होना शुरू हो जाता है। हालांकि, कई बार जब ट्यूमर छोटा होता है तो ये लक्षण महसूस नहीं होते हैं या फिर हल्का-हल्का सिर दर्दही महसूस होता है।
अपने शरीर या चेहरे के एक हिस्से में अचानक सुन्नता महसूस करना इस बात का संकेत है कि ब्रेन के काम काज में कुछ कमी है। दरअसल, हमारा मस्तिष्क रीढ़ की हड्डी से भी जुड़ा हुआ है और जब सेरिब्रल स्पाइनल फ्लूइड (cerebrospinal fluid) का सर्कुलेशन सही नहीं होता तो ये शरीर के कुछ अंगों में सुन्नता पैदा करता है।
हमारा मेटाबोलिज्म और पाचन क्रिया सब हमारे ब्रेन और न्यूरल फंक्शन से जुड़ा हुआ है। ऐसे में ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेतों में आप अपने पेट में बेचैनी महसूस कर सकते हैं और आपको पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। जैसे कि खाना सही से ना पचना और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
धुंधली दृष्टि, दोहरी दृष्टि और देखने में समस्या सभी ट्यूमर से जुड़ी हैं। इसके अलावा कई बार आपके आंखों में तेज दर्द हो सकता है। सेरेब्रम के पिछले हिस्से में या पिट्यूटरी ग्लैंड के आसपास, ऑप्टिक तंत्रिका या कुछ अन्य नसों में ट्यूमर कई समस्या पैदा कर सकता है।
ब्रेन ट्यूमर का एक संकेत यह भी है ये बोलने में समस्या पैदा करती है। ऐसे लोगों में अचानक बोलने में समस्या हो सकती है। इसके अलावा निगलने में या अपने चेहरे के भावों को नियंत्रित करने में समस्याएं भी हो सकती हैं।
ब्रेन ट्यूमर होने पर न्यूरॉन्स में अनियंत्रित रूप से जलन होती है और इसकी गति बढ़ सकती है। ऐसे में आपको झटके आ सकते हैं। आप पूरे शरीर में ऐंठन का अनुभव कर सकते हैं या एक अंग या अपने चेहरे के एक हिस्से में अकड़ना भी अनुभव कर सकते हैं।
ट्यूमर किसी व्यक्ति के व्यवहार या व्यक्तित्व में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। दरअसल, ये दिमाग के काम काज को प्रभावित करता है। इसलिए ट्यूमर वाले लोगों को चीजों को याद रखने में समस्या होती है और कई बार वे भ्रमित महसूस कर सकते हैं समस्याओं का सामना करने में समस्या हो सकती है।