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एक्सपर्ट का बयान, कोविड के बाद बीमार हुआ लोगों का 'दिल और दिमाग', Post-Covid Syndrome में दिख सकते हैं ये भी लक्षण

एक्सपर्ट के अनुसार, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ब्रेन और हार्ट से जुड़ी समस्याओं में बढ़ोतरी देखी गयी।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : September 4, 2022 6:40 PM IST

Heart and neurological disorders post covid: कोरोना संक्रमण के बाद लोगों में दिमाग से जुड़ी समस्याएं और हृदय से जुड़ी बीमारियों का रिस्क बहुत अधिक बढ़ गया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का दावा है कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर (second wave of the Coronavirus) के दौरान इस तरह के मामले अधिक देखे गए जहां कोविड मरीजों में संक्रमण से उबरने के बाद लॉन्ग कोविड के लक्षणों के रूप में न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर्स ( neurological disorders post covid) और हार्ट डिजिजेज का रिस्क अधिक देखा गया।

कोविड संक्रमण के बाद बढ़ा ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट डिजिजेज का रिस्क

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, चेयरमैन, नारायणा हेल्थ ( Dr Devi Prasad Shetty, Executive Director Chairman of Narayana Health) ने कहा है कि, साल 2021 में आयी कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ब्रेन और हार्ट से जुड़ी समस्याओं में बढ़ोतरी देखी गयी। हालांकि, वर्तमान में कोविड मरीजों में इन बीमारियों की संभावना कितनी है इससे जुड़े और भी अधिक डेटा की जरूरत है और इस दिशा में अधिक रिसर्च की भी आवश्यकता है।

डॉ. शेट्टी ने कहा," कोविड संक्रमित मरीजों और विशेषकर ऐसे लोग जो दूसरी लहर के दौरान संक्रमित हुए थे उनमें कुछ ऐसी स्थितियां देखी गयीं जहां, ब्रेन या हार्ट में ब्लड क्लॉट्स बनते हुए दिखायी दिए। हालांकि, इस तरह का पैटर्न केवल सेकेंड वेव के दौरान ही देखा गया। इसीलिए, और अधिक डेटा सामने आने के बाद ही इस दिशा में और निष्कर्ष दिए जा सकते हैं। लेकिन, इस दौरान ब्रेन स्ट्रोक (brain stroke) और हार्ट (heart problems) से जुड़ी समस्याओं में इजाफा देखा गया।"

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सेकेंड वेव के दौरान दिखे ब्रेन स्ट्रोक के मामले अधिक

वहीं, एम्स दिल्ली में प्रोफेसर डॉ. नितिश नाइक ( Dr Nitish Naik, Professor, Department of Cardiology, AIIMS, Delhi) के अनुसार, कार्डियाक हेल्थ से जुड़ी समस्याओं के लिए कोविड संक्रमण कितना जिम्मेदार है, इससे जुड़ा अध्ययन अभी पूरा नहीं हुआ है। डॉ. नाइक ने कहा कि, सार्स कोवि-2 वायरस की वजह से होने वाले संक्रमण के कारण हृदय रोगों में बढ़ोतरी देखी गयी है। फ्लू जैसी बीमारियों में कार्डियाक हेल्थ से जुड़ी समस्याएं होती हैं और कोविड भी ऐसा ही संक्रमण है। हालांकि, रिकवरी के बाद कोविड मरीजोंमें हार्ट से जुड़ी समस्याओं के बारे में लगातार रिसर्च की जा रही है। जहां कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि माइल्ड कोविड इंफेक्शन के बाद भी लोगों में हार्ट प्रॉब्लम्स हो रही हैं। वहीं, किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले अभी और रिसर्च करने की जरूरत होगी।

पोस्ट-कोविड सिंड्रोम क्या है और क्या हैं इसके लक्षण ? (What is post covid syndrome)

कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों को संक्रमण से उबरने और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी लम्बे समय तक कई प्रकार की समस्याएं महसूस होती हैं। इन्हीं समस्याओं को लॉन्ग-कोविड या पोस्ट कोविड सिंड्रोम कहा जाता है। पोस्ट कोविड सिंड्रोम में मरीजों को श्वसन मार्ग से जुड़ी समस्याओं, हेयर फॉल, कमजोरी के अलावा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं भी महसूस होती हैं। कुछ स्टडीज के अनुसार, लॉन्ग कोविड वाले कोरोना मरीजों में तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्याएं अधिक देखी जा रही हैं। वहीं, इनके अलावा ये लक्षण भी पोस्ट-कोविड सिंड्रोम ( symptoms of post covid syndrome) में दिखायी दे सकते हैं-

  • भूख ना लगना
  • उल्टी और मतली
  • डायरिया
  • डिस्पेस्पिया (dyspepsia)
  • पेट में दर्द
  • हेपेटाइटिस (hepatitis)

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