
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 11, 2026 2:28 PM IST
Medically Verified By: Dr. Niraj Kumar
encephalitis brain infection (Image credit: chatgpt)
इन्फेक्शन यानी संक्रमण एक ऐसी बीमारी है, जो अलग-अलग कारणों से हो सकती है और शरीर लगभग किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। संक्रमण की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है, कि वह किस बैक्टीरिया, वायरस या फंगस आदि के कारण हुआ है। इसके अलावा इस बात पर भी संक्रमण की गंभीरता निर्धारित हो सकती है, कि वह शरीर के किस हिस्से में हुआ है। उदाहरण के लिए स्किन के ऊपरी हिस्से में हुआ संक्रमण हो सकता है ज्यादा गंभीर न हो लेकिन अगर संक्रमण किसी तरह से दिमाग तक पहुंच गया है और वहां जाकर सूजन व लालिमा (इन्फ्लेमेशन) पैदा कर दी है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है जिसे एन्सेफलाइटिस कहा जाता है। इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर नीरज कुमार ने इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके बारे में इस लेख में जानेंगे।
अक्सर लोग बुखार, सिरदर्द या कमजोरी को सामान्य वायरल इन्फेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यही इन्फेक्शन शरीर में बढ़ते-बढ़ते ब्रेन तक पहुंच सकता है। इस स्थिति को एन्सेफलाइटिस कहा जाता है, जिसमें दिमाग में सूजन आ जाती है। यह एक गंभीर बीमारी है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है।
डॉ. नीरज कुमार, सीनियर कंसल्टेंट - जनरल मेडिसिन, Shardacare–Healthcity
एन्सेफलाइटिस ज्यादातर वायरल इन्फेक्शन की वजह से होता है। कुछ मामलों में मच्छरों से फैलने वाले वायरस भी इसका कारण बन सकते हैं। जब वायरस ब्रेन तक पहुंचता है, तो वह दिमाग के सामान्य कामकाज को प्रभावित करने लगता है। हालांकि, इसके अलावा कुछ प्रकार की ऑटोइम्यून कंडीशन भी हैं, जिनके कारण दिमाग में सूजन यानी एन्सेफलाइटिस विकसित हो सकता है। यहां तक कि कुछ ऐसे भी मामले है होते हैं, जिनमें एन्सेफलाइटिस के अंदरूनी कारण का पता ही नहीं चल पाता है।
एन्सेफलाइटिस के शुरुआती लक्षण आम वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन के जैसे ही होते हैं जैसे तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, उल्टी, कमजोरी या ज्यादा नींद आना। यही कारण है कि लोग इसे अक्सर गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन जैसे-जैसे इन्फेक्शन बढ़ता है और उसे उचित इलाज नहीं मिलता है, तो उसके कारण कुछ लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे -
छोटे बच्चों और बुजुर्गों में यह बीमारी तेजी से गंभीर हो सकती है क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और अगर समय पर सही इलाज न मिल पाए तो स्थिति जानलेवा बन सकती है।
जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि अगर समय रहते सही इलाज न मिल पाए तो एन्सेफलाइटिस के कारण ब्रेन के कुछ अंदरूनी हिस्से परमानेंट डैमेज हो सकती हैं और इस कारण से मरीज को निम्न समस्याएं भी हो सकती हैं, जो कई बार जीवनभर रहती हैं जैसे याददाश्त कमजोर होना और सुनने या बोलने में दिक्कत होने लगना
कुछ मामलों में मरीज को लंबे समय तक इलाज और निगरानी की जरूरत पड़ती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि तेज बुखार के साथ अगर मानसिक स्थिति में बदलाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साफ-सफाई रखना, मच्छरों से बचाव करना और शरीर में हो रहे बदलावों को नजरअंदाज न करना इस बीमारी से बचने में मदद कर सकता है। सही समय पर इलाज मिलने से कई मरीज पूरी तरह ठीक भी हो सकते हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य एन्सेफलाइटिस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देना है और इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल मस्तिष्क में सूजन या किसी भी बीमारी का इलाज करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
आपको किसी भी चीज या काम करने में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस हो सकती है। बीच-बीच में मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ापन हो सकता है। कोई काम करने या किभी तरह का निर्णय लेने की क्षमता में गिरावट।
याददाश्त की कमी, एकाग्रता में कमी और सोचने और समझने में कठिनाई आदि कमजोर दिमाग के लक्षण हैं।
इन्फेक्शन कई तरह का होता है बैक्टीरियल, वायरस, फंगल और पैरासाइटिक आदि। जो साफ सफाई न रखने या पहले से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से हो सकता है।