
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Jaideep Bansal
आज वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जा रहा है।
दिमाग हमारा कमांड सेंटर है। याददाश्त, सोचने की शक्ति, फैसला लेने की क्षमता और इमोशन - सब यहीं से कंट्रोल होते हैं। पर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हम हार्ट, डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारी पर तो फोकस करते हैं, लेकिन दिमाग की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। लोगों को दिमाग की सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल वैश्विक स्तर पर 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे (World Brain Day 2026) मनाया जाता है। वर्ल्ड ब्रेन डे के खास मौके पर नई दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जयदीप बंसल बता रहे हैं उन आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर दिमाग को हेल्दी बनाया जा सकता है।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. जयदीप बंसल ने हमारे साथ बातचीत में बताया कि अल्जाइमर, डिमेंशिया और स्ट्रोक जैसी बीमारियां एक दिन में नहीं होती हैं। ये 20-30 साल पहले से बनना शुरू हो जाती हैं। अच्छी खबर ये है कि सही आदतों से हम अपने दिमाग को 80-90 साल तक भी शार्प रख सकते हैं। उन्होंने इसे "ब्रेन रिजर्व" का नाम दिया। जितना ज्यादा रिजर्व, उतनी देर तक बीमारी असर नहीं करेगी। आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर दिमाग हेल्दी रखा जा सकता है।
शरीर सही रहे इसके लिए दिमाग का स्वस्थ रहना जरूरी है।
दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट ने पहला नियम शेयर किया है, जिसमें रोजाना रात को 7 से 8 घंटे की गहरी नींद शामिल है। डॉ. जयदीप बंसल कहते हैं कि सोते समय हमारा दिमाग खुद की सफाई करता है। यह एक प्रकार का सिस्टम है जिसे ग्लाइंफैटिक सिस्टम कहते हैं। ये सोते समय दिमाग में जमा हुए टॉक्सिन और बीटा-एमिलॉयड प्रोटीन को बाहर निकालता है। यही प्रोटीन आगे चलकर अल्जाइमर की वजह बनता है। अगर आप 5-6 घंटे सोते हैं तो ये सफाई अधूरी रह जाती है। इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए।
एक्सरसाइज दिमाग के लिए सबसे अच्छी दवा है। डॉक्टर बताते हैं कि जब आप वॉक, दौड़ या योग करते हैं तो दिमाग में BDNF नाम का प्रोटीन बनता है। इसे ब्रेन फर्टिलाइजर भी कहते हैं। सप्ताह में 150 मिनट तेज वॉक या 75 मिनट कार्डियो टारगेट करने से दिमाग से जुड़ी बीमारियों को दूर रखने में मदद मिलती है।
एक्सरसाइज के साथ- साथ दिमाग को लंबे समय तक हेल्दी रखने के लिए खाना खाने वाली प्लेट का भी सही होना बहुत जरूरी है। खाना दिमाग को फ्यूल है, जो खराब होगा तो दिमाग की परेशानियां भी ज्यादा होंगी। रोजाना के खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, बेरीज खासकर ब्लूबेरी, नट्स को शामिल करें। दिमाग को तेज बनाने के लिए सप्ताह में 2 बार मछली जरूर खाएं। जहां तक संभव हो तला हुआ खाना, प्रोसेस्ड मीट, मिठाई, सफेद ब्रेड से दूरी बनाकर ही रखें।
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए 3 लीटर पानी जरूर पिएं।
पानी कम पीने से भी फोकस और याददाश्त पर असर पड़ता है। इसलिए दिन में 2.5-3 लीटर पानी जरूर पिएं। जिन लोगों को सादा पानी पीने में परेशानी है वो नींबू पानी, ताजा फलों का जूस या नारियल पानी भी पी सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि दिमाग को हेल्दी बनाए रखने के लिए जहां तक संभव हो कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड जूस से दूरी बनाकर रखने की कोशिश करें।
क्रोनिक स्ट्रेस दिमाग का सबसे बड़ा दुश्मन है। जब हम लगातार टेंशन में रहते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। इसलिए रोज 10 मिनट मेडिटेशन, प्राणायाम या डीप ब्रीदिंग करें। जर्नलिंग करें। जिन लोगों से बात करके सुकून मिलता है उनसे मिलते रहें।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और हार्वर्ड हेल्थ द्वारा की गई रिसर्च कहती है कि जिन लोगों का सोशल सर्कल मजबूत होता है, उनमें डिमेंशिया का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाता है। दोस्तों से बात करना, हंसना, बहस करना - ये सब दिमाग के लिए वर्कआउट है। हफ्ते में एक बार परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताएं। अकेलेपन को नजरअंदाज न करें।
सिर पर चोट लगने से भी दिमाग पर असर पड़ता है।
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए सिर को चोट से बचाना बहुत जरूरी है। सिर पर लगने वाली एक बार की तेज चोट भी आगे चलकर मेमोरी और व्यवहार को बदल सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि सिर पर चोट न लगे इसके लिए बाइक चलाते समय हेलमेट, कार में सीट बेल्ट जरूर लगाएं। बुजुर्ग घर में फिसलन वाली जगह पर सावधानी बरतें।
डॉ. जयदीप बंसल कहते हैं कि दिमाग को बूढ़ा होने से नहीं रोक सकते, पर बीमार होने से बचा सकते हैं। आपको एक साथ सारे बदलाव करने की जरूरत नहीं। इस हफ्ते सिर्फ नींद ठीक करें। अगले हफ्ते वॉक शुरू करें। छोटे-छोटे कदम ही बड़े रिजल्ट देते हैं। याद रखें, दिमाग की हेल्थ 60 की उम्र में नहीं, 30 की उम्र में तय होती है।
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी मेडिकल समस्या के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।