ब्रेन डेथ से अंगदान तक: कैसे मिलता है कई जिंदगियों को नया जीवन?

13 अगस्त को वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे मनाया जा रहा है, इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं ब्रेन डेड के बाद अंगदान की प्रक्रिया कैसे की जाती है। आइए जानते हैं इसके बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : August 13, 2026 10:37 AM IST

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Medically Verified By: Dr. S K Agarwal

अंगदान को जीवन का तोहफा कहा जाता है। पर सच बताऊं, बहुत कम लोगों को पता है कि जब किसी को ब्रेन डेड घोषित किया जाता है, उसके बाद से लेकर अंग किसी दूसरे के शरीर में लगने तक होता क्या है।इसमें डॉक्टरों की जांच, कानून की प्रक्रिया, कई टीमों का तालमेल और सबसे जरूरी - टाइम पर किया गया काम शामिल होता है। 13 अगस्त को जब वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे मनाया जा रहा है, तब हम आपको बताने जा रहे हैं ब्रेथ डेथ के बाद अगर कोई व्यक्ति अपना अंगदान करता है तो कैसे कुछ लोगों को नई जिंदगियां मिलती हैं। इस बारे में जानकारी दे रहे हैं लखनऊ स्थित पीजीआई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. एसके अग्रवाल।

ब्रेन डेथ होता क्या है? क्या ये कोमा है?

डॉ. एसके अग्रवाल ने हमारे साथ खास बातचीत के दौरान बताया कि ब्रेन डेथ का मतलब है दिमाग का हमेशा के लिए बंद हो जाना। इसमें दिमाग का वो हिस्सा भी शामिल है जो सांस लेने को कंट्रोल करता है। ये कोमा या वेजिटेटिव स्टेट से बिल्कुल अलग है। कोमा में मरीज ठीक हो सकता है। पर ब्रेन डेथ में दिमाग के सेल मर चुके होते हैं। मरीज खुद सांस नहीं ले सकता और दिमाग वापस ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं होती।

डॉक्टर कैसे कंफर्म करते हैं?

किसी भी मरीज को ब्रेन डेड घोषित करने से पहले डॉक्टर कई बार टेस्ट करते हैं। पुतली चेक करना, रिफ्लेक्स देखना, सांस का टेस्ट। इसके साथ यह भी देखा जाता है कि मरीज ने कोई नशे वाली दवा तो नहीं ली या कोई और बीमारी तो नहीं है। जब 100% कन्फर्म हो जाए कि ब्रेन डेथ है, और अगर मरीज ने पहले अंगदान के लिए हां कही थी या परिवार इजाजत दे दे, तभी अंगदान की प्रक्रिया शुरू होती है।

अंग ठीक हैं या नहीं, ये कैसे चेक होता है?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. एसके अग्रवाल का कहना है कि ब्रेन डेथ होने के बाद परिवार की हां के बाद ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेशन टीम काम पर लग जाती है। वो चेक करते हैं कि कौन सा अंग काम का है। इसके बाद डोनर का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड, ब्लड ग्रुप, अंग कैसे काम कर रहे हैं, कोई इंफेक्शन तो नहीं - सब देखा जाता है।

किसको मिलता है ब्रेन डेड व्यक्ति का अंग

ब्रेन डेड के बाद जब मृत व्यक्ति के अंग ठीक पाए जाते हैं, तो उसकी जानकारी ऑर्गन अलॉटमेंट सिस्टम  डाल दी जाती है। डॉक्टर हैं कि ऑर्गन डोनेशन में यह नहीं देखा जाता है कि किसी व्यक्ति ने पहले रजिस्टर्ड किया है तो ऑर्गन पहले उसे ही मिलेगा। ऑर्गन से ब्लड ग्रुप मैच, बीमारी कितनी गंभीर है, कितने समय से वेटिंग लिस्ट में है - इन सबके हिसाब से सिस्टम खुद तय करता है। ताकि बंटवारा बिल्कुल फेयर और पारदर्शी हो। किसी ब्रेन डेड घोषित मरीज के अंग किस व्यक्ति को मिलेंगे यह पूरी तरह से गोपनीय रखा जाता है।