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'डॉक्टर अब मैं ठीक फील कर रहा हूं, क्या अब मैं बीपी की दवा बंद कर दूं?'

अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या मैं ठीक फील कर रहा हूं, तो बीपी की दवा बंद कर सकता हूं? वहीं, कुछ लोग डॉक्टर की सलाह के वगैर बीच में ही दवा बंद कर देते हैं, लेकिन क्या ऐसा करना सही है? आइए डॉक्टर से जानते हैं-

Written By Kishori Mishra
Updated : May 18, 2026 9:57 AM IST

BP related Question

Is it okay to stop BP medicine : अक्सर किसी भी बीमारी के ठीक होने पर दवा बंद कर दी जाती है। इसी सोच के साथ ब्लड प्रेशर के मरीज भी रहते हैं। उन्हें लगता है कि बीपी कंट्रोल हो गई है, तो दवा बंद कर देता हूं। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ही बीच में दवा बंद कर देते हैं, लेकिन क्या ऐसा करना सही है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने फरीदाबाद के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी व जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत बांगा से बातचीत ही है। आइए डॉक्टर से जानते हैं क्या ठीक फील करने पर दवा बंद कर सकते हैं? डॉक्टर ने वीडियो में इस विषय की जानकारी पूरे डिटेल से दी है, तो पूरा वीडियो जरूर देखें-

क्या बीपी कंट्रोल होने पर दवा बंद करना है सही?

डॉक्टर कहती हैं कि हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन यह शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है। यही वजह है कि कई लोग जब खुद को ठीक महसूस करने लगते हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के बीपी की दवा बंद कर देते हैं। लेकिन अगर आप ऐसा कर रहे हैं, तो यह आदत गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है।

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Image Credit : ChatGPT

क्यों जरूरी है रोजाना बीपी की दवा लेना?

डॉक्टर कहते हैं कि ब्लड प्रेशर की दवाएं सिर्फ लक्षणों को कम नहीं करतीं, बल्कि शरीर में बढ़े हुए प्रेशर को कंट्रोल में रखती हैं। कई मरीज सोचते हैं कि अगर सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी नहीं हो रही, तो बीपी ठीक हो गया है। जबकि सच यह है कि दवा की वजह से ही बीपी सामान्य रहता है। अगर दवा अचानक बंद कर दी जाए, तो ब्लड प्रेशर फिर से तेजी से बढ़ सकता है।

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साइलेंट किलर क्यों हलाता है हाई ब्लड प्रेशर?

डॉक्टर कहते हैं कि हाई बीपी लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहे, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डैमेज और आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ अच्छा महसूस करना यह साबित नहीं करता कि बीमारी खत्म हो चुकी है।

क्या बीपी की बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है?

कई लोग मानते हैं कि कुछ महीनों तक दवा लेने के बाद बीपी हमेशा के लिए ठीक हो जाता है। लेकिन डॉक्टर के अनुसार हाइपरटेंशन ज्यादातर मामलों में एक क्रोनिक कंडीशन यानी लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है।

इसका मतलब है कि कई मरीजों को लंबे समय तक दवा लेनी पड़ सकती है। कुछ लोगों को जीवनभर इलाज की जरूरत होती है हालांकि, सही लाइफस्टाइल अपनाने से स्थिति काफी बेहतर की जा सकती है।

लाइफस्टाइल में बदलाव कितना है मददगार?

डॉ. कहते हैं कि कुछ लोगों में हेल्दी आदतों से बीपी कंट्रोल बेहतर हो सकता है, इसके लिए बस कुछ आदतों को अपनाने की जरूरत है, जैसे-

  • वजन कम करना
  • रोजाना एक्सरसाइज करना
  • कम नमक खाना
  • तनाव कम लेना।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी, इत्यादि।

इन बदलावों के बाद डॉक्टर दवा की मात्रा कम कर सकते हैं, लेकिन यह फैसला केवल मेडिकल निगरानी में ही होना चाहिए।

अचानक दवा बंद करने पर क्या होता है?

अगर आप अचानक से दवा का सेवन बंद करते हैं, तो इससे रिबाउंड हाइपरटेंशन हो सकता है। इसमें ब्लड प्रेशर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यह स्थिति स्ट्रोक, हार्ट अटैक और सीने में दर्द जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

नियमित रूप से बीपी मॉनिटरिंग क्यों जरूरी है?

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट कहते हैं कि इसके लिए आपको घर पर बीपी मॉनिटर रखने की जरूरत होती है। इसके साथ ही नियमित रूप से रीडिंग नोट करें और डॉक्टर के फॉलो-अप में बने रहें। इससे बीमारी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

Disclaimer : ध्यान रखें कि सिर्फ अच्छा महसूस करना बीपी ठीक होने का संकेत नहीं है। हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है, जिसे लगातार कंट्रोल में रखना जरूरी है। सही इलाज, नियमित दवा और हेल्दी लाइफस्टाइल ही हार्ट और शरीर को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।