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Written By: Anshumala | Updated : July 3, 2020 3:16 PM IST
मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन, जानिए इसके कारण, लक्षण और उपचार। ar.m.wikipedia.org
Saroj khan Death : फिल्म जगत को एक और बड़ा झटका लगा है। बॉलीवुड की मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन (Saroj khan Death) हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें 20 जून को सांस लेने (Breathing problem) में तकलीफ की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस वजह से उनका कोरोनावायरस का टेस्ट भी करवाया गया था, जो निगेटिव आया था। बाद में तबीयत में सुधार होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। लेकिन अचानक देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई (Saroj khan Died of cardiac arrest) गई है। सरोज खान ने अपनी आखिरी सांस गुरुवार को देर रात 1.52 बजे ली। वह 72 साल की थीं। कोरोना टेस्ट निगेटिव आने का बाद उनके परिवार वाले निश्चिंत हो गए थे। कुछ दिन पहले उनके परिवार के सदस्य ने भी यह जानकारी दी थी कि सरोज खान ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत हॉस्पिटल लेकर गए थे। उनका सबसे पहले कोविड-19 संक्रमण का भी टेस्ट करवाया गया था। बाद में तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।
सरोज खान (Saroj khan Death in hindi) ने लगभग 2000 से भी अधिक गानों के लिए बॉलीवुड की फिल्मों में कोरियोग्राफी की थी। उन्होंने बॉलीवुड में कई एक्ट्रेसेज के लिए कोरियोग्राफी की, जिसमें माधुरी दीक्षित और दिवंगत श्रीदेवी जैसी एक्ट्रेसेज शामिल हैं। सरोज खान का असली नाम निर्मला नागपाल था। भारत-पाकिस्तान बटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान से भारत आ गया था। वे तीन साल की उम्र से ही चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्मों में काम कर रही थीं।
अक्सर लोग कार्डियक अरेस्ट (Cardiac arrest) को हार्ट अटैक (Heart attack) समझ लेते हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में बहुत अंतर होता है। कार्डियक अरेस्ट एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें दिल की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं। जब हृदय को किसी तीव्र गतिविधि के कारण नुकसान होता है, तो कार्डियेक अरेस्ट (cardiac arrest) होता है। यदि परिवार में किसी को यह समस्या रही है या दिल से संबंधित किसी अन्य समस्या से पीड़ित लोगों को कार्डियेक अरेस्ट का जोखिम अधिक रहता है। इस समस्या में दिल शरीर में रक्त सप्लाई करना बंद कर देता है। जब शरीर में रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, तो इसका नकारात्मक असर दिमाग पर पड़ता है। इससे सांस लेने में समस्या होने लगती है। इसका तात्कालिक उपचार है सीपीआर या कार्डियोपल्मोनरी रेसक्यूसिटेशन (cardiopulmonary rescucitation)। इसमें मरीज के सीने पर हाथों से 100 से 120 बार दबाव दिया जाता है।
कार्डिएक अरेस्ट कई कारणों से हो सकता है। खुद कोई दिल से संबंधित समस्या होने पर या फिर फैमिली हिस्ट्री होने पर यह हो सकता है। जिन लोगों को दिल से संबंधित कोई रोग है, उनमें कार्डियक अरेस्ट होने की समस्या अधिक होती है। बढ़ती उम्र या किसी गंभीर रोग से पीड़ित होने पर भी यह रोग हो सकता है।
अचानक बेहोश होकर गिर जाना
नाड़ी का चलना बंद हो जाना
बेचैनी और घबराहट महसूस करना
सांस लेने में तकलीफ
खांसी
उल्टी, जी मिचलाना
सांस फूलना
सीने में दर्द
आंखों के सामने अंधेरा छाना
चक्कर आना
पसीना आना
1 पारिवारिक इतिहास है, तो अपने दिल की जांच करवाते रहें।
2 अचानक कार्डियेक अरेस्ट से होने वाली मृत्यु से बचने के लिए हार्ट रिदम की असामान्यता पर नजर रखें।
3 हेल्दी डायट का सेवन करें। फल, सब्जियां और अंकुरित अनाज दिल को स्वस्थ रखते हैं। वसायुक्त, जंक फूड, तैलीय व मसालेदार भोजन के सेवन से बचें। भोजन में नमक और शक्कर का इस्तेमाल कम करें।
4 योग और ध्यान ने तनाव को कम करें। तनाव रहने से भी हार्ट की समस्या हो सकती है।
5 सुनिश्चित करें कि आप प्रतिदिनि शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लें। इससे हार्ट में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। वजन भी नियंत्रित रहेगा।
6 अपने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और काॅलेस्ट्राॅल पर नजर रखें।
हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही इन फूड का सेवन बंद कर दें