
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 15, 2024 9:51 PM IST
Water in Heart Symptoms : दिल में पानी भरने की स्थिति को पेरीकार्डियल इफ्यूजन कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हार्ट के आसपास की जगह तरल पदार्थों से भर जाती है। इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें संक्रमण, चोट लगना और कुछ अन्य बीमारियां शामिल है। इस स्थिति को लंबे समय तक इग्नोर करना आपके हार्ट को संकुचित कर सकता है, जिसकी वजह से गंभीर परिणाम हो सकते हैं। डॉक्टर का कहना है कि डॉ. बिमल छाजेड़, संस्थापक एवं निर्देशक, SAAOL हार्ट सेंटर, दिल्ली का कहना है कि हार्ट के आसपास तरल पदार्थों के निर्माण से हृदय पर काफी ज्यादा जोर पड़ने लगता है। इससे हमारा हृदय कम ब्लड पंप करता है , जिससे आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की कमी हो सकती है। दिल में पानी भरने पर शरीर कई तरह के संकेत देता है। आइए जानते हैं इसके कुछ संकेतों के बारे में-
डॉक्टर का कहना है कि पेरिकार्डियल इफ्यूजन की स्थिति में आमतौर पर किसी तरह के लक्षण नहीं नजर आते हैं। हालांकि, अगर हार्ट के आसपास अधिक तरल पदार्थ जमा हो जाए, तो इस स्थिति में कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं। इसके लक्षण मुख्य हैं-
संक्रमण : डॉक्टर का कहना है कि पेरिकार्डियल इफ्यूजन अक्सर वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण की वजह से हो सकता है।
कैंसर : शरीर के किसी हिस्से में कैंसर होने की स्थिति में ट्यूमर फैलने लगता है, जिसकी वजह से कैंसर होने की संभावना हो सकती है।
इम्यूनिटी प्रणाली जुड़ी समस्याएं : ल्यूपस, रुमेरीइस अर्थराइटिस जैसी स्थितियों की वजह से यह परेशानी हो सकती है।
हार्मोनल विकार : हाइरपोथायराइडिज्म के कारण हमारी ग्रंथि पर्याप्त रूप से थायराइड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है, जिसकी वजह से यह स्थिति हो सकती है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।