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क्या कपड़ों और स्किन पर पॉल्यूशन पार्टिकल रह जाने से शरीर पर एक्ने हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें

Kya Gande Kapdo Se Sharir Mai Acne Hote Hai: क्या आप जानते हैं कि घर के बाहर जाने पर कुछ पॉल्यूशन पार्टिकल्स हमारे कपड़ों पर ही चिपक जाते हैं? जो बाद में बॉडी एक्ने का कारण बनते हैं? आइए डॉक्टर से जानते हैं कैसे।

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Written By: Vidya Sharma | Published : December 15, 2025 5:58 PM IST

Kya Pollution Se Body Acne Hote Hain: आजकल चेहरे के साथ-साथ बॉडी एक्ने की समस्या भी बढ़ गई है। ये घमोरियों से बिल्कुल अलग होते हैं। यहां तक कि आज के समय में चेहरे के मुंहासों के साथ-साथ पीठ, छाती, कंधों और बाहों पर भी बॉडी एक् होने लगे हैं और तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अक्सर लोग इसे हार्मोनल चेंजेस, पसीना या गलत डाइट से जोड़कर देखते हैं, लेकिन आप गलत हैं।

क्या कपड़ों और स्किन पर पॉल्यूशन रह जाने से शरीर पर एक्ने हो सकते हैं? इस विषय पर विस्तार से जानने के लिए हमने एशियन हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर अमित बांगिया से बात की। एक्सपर्ट का कहना है कि 'प्रदूषण भी बॉडी एक्ने का एक बड़ा और अनदेखा कारण हो सकता है।' कैसे? आइए थोड़ा विस्तार से जानते हैं और डॉक्टर की बातों को समझते हैं।

कैसे असर डालता है प्रदूषण?

शहरों की हवा में मौजूद PM2.5, धूल, केमिकल कण और टॉक्सिन्स सीधे हमारी त्वचा और कपड़ों पर चिपक जाते हैं। जब ये कण लंबे समय तक त्वचा के संपर्क में रहते हैं, तो पोर्स बंद होने लगते हैं, जिससे बैक्टीरिया पनपते हैं और एक्ने की समस्याबढ़ती है। डॉक्टर कहते हैं कि 'प्रदूषण के सूक्ष्म कण त्वचा की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। जब ये पसीने और तेल के साथ मिलते हैं, तो बॉडी एक्ने की समस्या और गंभीर हो जाती है।'

कपड़ों से जुड़ा खतरा

अक्सर लोग बाहर से आने के बाद तुरंत कपड़े नहीं बदलते या उन्हें दोबारा पहन लेते हैं। ऐसे में कपड़ों पर जमी धूल, स्मॉग और केमिकल्स सीधे त्वचा से रगड़ खाते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि 'टाइट कपड़े, सिंथेटिक फैब्रिक और प्रदूषण से भरे कपड़े त्वचा को सांस नहीं लेने देते। इससे बैक एक्ने और चेस्ट एक्ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।'

पसीना व प्रदूषण यानी डबल अटैक

गर्मी या वर्कआउट के दौरान पसीना आना स्वाभाविक है। लेकिन जब पसीना प्रदूषण के कणों के साथ मिल जाता है, तो यह त्वचा के लिए चिपचिपा जहर बन जाता है। इससे इंफ्लेमेशन, रेडनेस और दर्दनाक फोड़े भी हो सकते हैं। डॉक्टर अमित के अनुसार 'वर्कआउट के बाद नहाना और साफ कपड़े पहनना बॉडी एक्ने से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।'

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञ कुछ आसान लेकिन असरदार उपाय सुझाते हैं- 

  1. बाहर से आने के बाद तुरंत कपड़े बदलें
  2. हफ्ते में 2–3 बार माइल्ड बॉडी क्लींजर से नहाएं
  3. सिंथेटिक की बजाय कॉटन कपड़े पहनें
  4. पसीना आने पर देर तक गीले कपड़े न पहनें
  5. बॉडी के लिए अलग नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें

डॉक्टर कहते हैं कि 'स्किन केयर सिर्फ चेहरे तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शरीर की त्वचा को भी उतनी ही सफाई और देखभाल की जरूरत होती है।'

कब दिखाएं डॉक्टर को?

अगर बॉडी एक्ने बार-बार हो रहा हो, दर्दनाक हो या दाग छोड़ रहा हो, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें। सही इलाज और प्रिसक्राइब्ड प्रोडक्ट्स के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। प्रदूषण सिर्फ सांसों को ही नहीं, बल्कि आपकी त्वचा को भी नुकसान पहुंचाता है। कपड़ों और त्वचा पर जमी प्रदूषण की परत बॉडी एक्ने का एक अहम कारण बन सकती है। थोड़ी-सी सतर्कता, सही हाइजीन और डॉक्टर की सलाह से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Highlights

  • हवा में मौजूद PM2.5, धूल, केमिकल कण और टॉक्सिन्स सीधे हमारी त्वचा और कपड़ों पर चिपक जाते हैं।
  • इन कपड़ों को दोबारा पहनने से स्किन खराब हो सकती है।
  • पसीना और पॉल्यूशन बॉडी एक्ने का कारण

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

मुंहासे किसके कारण होते हैं?

मुहांसे तब होते हैं जब त्वचा में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें बाल रोम कहते हैं, बंद हो जाते हैं।

एक्ने प्रॉब्लम क्या होती है?

एक्ने त्वचा की मृत कोशिकाओं, बैक्टीरिया, और सूख चुके सीबम के इकट्ठा होने से त्वचा में मौजूद हेयर फ़ॉलिकल में रुकावट आ जाने के कारण होते हैं।

क्या प्रदूषण से त्वचा में खुजली हो सकती है?

जी हां, अगर पॉल्यूशन स्किन पर चिपका रह जाए और आप सही से शरीर की सफाई न करें तो खुजली हो सकती है।

बॉडी एक्ने क्यों होता है?

मुँहासे तब होते हैं जब त्वचा में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र, जिन्हें बाल कूप कहा जाता है, अवरुद्ध हो जाते हैं।