मुंबई में भारी बरसात के बीच बढ़ा लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा, जानें इस बीमारी के कारण और लक्षण

बृहन्मुम्बई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानि बीएमसी (BMC) ने  बरसात के मौसम में एक अन्य बीमारी के खतरे के प्रति लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 14, 2022 8:16 PM IST

Leptospirosis Warning during Mumbai Rains: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में तेज बरसात के चलते लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ता दिखायी दे रहा है। इस बीच बरसात का पानी जमा होने के कारण मच्छरों के पनपने का डर भी बढ़ रहा है। वहीं, बृहन्मुम्बई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानि बीएमसी  (Brihanmumbai Municipal Corporation) ने  बरसात के मौसम में एक अन्य बीमारी के खतरे के प्रति लोगों को सचेत रहने की सलाह दी है। यह बीमारी है लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis Warning in Mumbai) जो बरसात के मौसम में होने वाली एक फ्लू से मिलती-जुलती बीमारी है जिसमें, कई तरह की स्किन प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं।

मुंबई में बढ़ा इस बरसाती बीमारी का खतरा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में मुंबई शहर में लेप्टोस्पायरोसिस के कुल 12 मामले सामने आए थे वहीं, जुलाई महीने में अब तक 5 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ऐसे में महानगरपालिका  (BMC) की तरफ से लोगों को आगाह किया गया है कि वे बारिश के जमा पानी से खुद को सुरक्षित रखें। बीएमसी के निर्देशों में कहा गया है कि,

  • लेप्टोस्पायरोसिस से बचने के लिए बरसात के पानी में चलने से बचें।
  • अगर किसी वजह से पानी में चलना भी पड़ता है तो ऐसे लोगों को तुरंत प्रोफाइलेक्टिक इलाज लेनी चाहिए।
  • बाढ़ या बरसात के पानी के सम्पर्क में आने के बाद  किसी केमिस्ट की दुकान से Doxycycline और Azithromycin जैसी दवाइयां खरीदकर उनका सेवन कर सकते हैं।

लेप्टोस्पायरोसिस कैसे फैलता है? (How Leptospirosis Spreads)

यह एक प्रकार का दुर्लभ बैक्टेरियल इंफेक्शन है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है। हालांकि यह जानलेवा नहीं है पर यह काफी गम्भीर बीमारी मानी जाती है। आमतौर पर यह कुत्ते, चूहे, छछूंदर और खेती के काम में आने वाले कई पालतू जानवरों के जरिए फैलती है।  लेप्टोस्पायरोसिस की बीमारी मुख्य रूप सेलेप्टोस्पारिया इंटरोगेंस ( Leptospira Interrogans) नामक एक बैक्टेरिया के कारण फैलता है। यह बैक्टीरिया कई पशुओं की किडनी में पाया जाता है और उनके यूरिन या पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है और पानी के साथ घुल जाता है। आमतौर पर तालाब या बरसात के पानी के साथ ये मनुष्य के सम्पर्क में आते हैं जिससे लोगों को  लेप्टोस्पायरोसिस की बीमारी हो सकती है।

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण (Symptoms of Leptospirosis in Hindi)

आमतौर पर लेप्टोस्पायरोसिस में फ़्लू  की तरह बुखार होता है और अधिकांश मामलों में यह 7 दिनों में ठीक हो जाता है। हालांकि, गम्भीर मामलों में बुखार के साथ में सीने में दर्द और हाथों-पैरों में सूजन भी  हो सकती है। इसके अन्य लक्षण हैं-

  • तेज सिरदर्द (Headache)
  • कंपकंपी के साथ ठंड लगना
  • मांसपेशियों में दर्द (Muscle aches)
  • उल्टी और मतली (Vomiting)
  • आंखों और त्वचा का रंग पीला होगा
  • आंखे लाल होना (Red eyes)
  • पेट में दर्द (Abdominal pain)
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