
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : December 29, 2023 2:55 PM IST
Diabetic eye disease : आज के समय में लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं। इन परेशानियों में आंखों में धुंधलापन शामिल है। आंखें धुंधली होने के पीछे कई वजह हो सकती हैं, जिसमें खानपान में पोषक तत्वों की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन देखना इत्यादि हो सकती है। इसके अलावा आंखें खराब हो के पीछे की वजह से कुछ बीमारियां भी हो सकती हैं, जिसमें डायबिटीज भी शामिल है। जी हां, ब्लड में जब शुगर का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है, तो ऐसी स्थिति में आंखों की दृष्टि धुंधली होने लगती है। आज इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
डायबिटीक आई डिजीज आंखों में होने वाली एक ऐसी परेशानी है, जो डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को होती है। इन स्थितियों में डायबिटिक रेटिनोपैथी, डायबिटिक मैक्यूलर एडिमा, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा शामिल होता हैं।
समय के साथ, डायबिटीज आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे दृष्टि खराब हो सकती है या अंधापन भी हो सकता है। लेकिन यदि आप डायबिटीज को कंट्रोल करके रखते हैं, तो इससे आंखों को स्वस्थ रखने में काफी हद तक मदद मिल सकती है।
डायबिटीज आपके आंखों को प्रभावित करता है, जब ब्लड ग्लूकोज का लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है, तो इसका असर आंखों पर पड़ने लगता है। यह कई तरह से आंखों को प्रभावित
शॉर्ट टर्म - इस स्थिति में ब्लड में ग्लूकोज का स्तर अधिक होने पर दृष्टि हानि होने की संभावना नहीं है। मुख्य रूप से अगर आप डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए पूरी तरह से प्रयास करते हैं, तो आंखों की रोशनी जाने की संभावना काफी कम होती है। इस स्थिति में कुछ मरीजों को आंखों में धुंधलापन कुछ सप्ताह या फिर दिनों तक हो सकता है। लेकिन सही से देखभाल होने पर रोशनी सही हो जाती है।
काफी समय तक ग्लूकोज बढ़ना : यदि आपके ब्लड में काफी लंबे समय तक ग्लूकोज का स्तर हाई रहता है, तो इसका असर आपकी आंखों पर गहरा हो सकता है। इससे आंखों की नसें डैमेज होने लगती है। इसलिए कोशिश करें कि ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करें।
शरीर में ग्लूकोज का स्तर काफी ज्यादा बढ़ने से आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। ऐसे में कोशिश करें कि ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कंट्रोल करें।