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कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और शुगर: दिल की सेहत तय करता है इनका स्तर

दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का कंट्रोल में रहना बहुत जरूरी होता है।

कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और शुगर: दिल की सेहत तय करता है इनका स्तर

Written by Dr. Amit Bhushan Sharma |Updated : March 11, 2026 9:19 AM IST

Heart Health: आजकल दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। भारत में कम उम्र के लोगों में भी हृदय से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में दिल की सेहत को समझने और उसे सुरक्षित रखने के लिए तीन अहम चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है—कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर। ये तीनों नंबर मिलकर यह तय करते हैं कि आपका दिल कितना स्वस्थ है और आपको भविष्य में दिल की बीमारी का कितना खतरा हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल: सही संतुलन है जरूरी

कोलेस्ट्रॉल एक तरह का फैट होता है, जो शरीर के लिए जरूरी होता है। यह कोशिकाओं और कुछ हार्मोन्स को बनाने में मदद करता है। लेकिन, जब शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का लेवल बढ़ जाता है तो यह धमनियों में जमा होने लगता है। इससे एथेरोस्क्लेरोसिस जैसी स्थिति पैदा होती है और धमनियां संकरी हो जाती हैं। इस स्थिति में  दिल तक रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा  (Heart Attack Risk)काफी बढ़ जाता है।

वहीं गुड कोलेस्ट्रॉल यानी HDL शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है। इसलिए गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी संतुलन में रहना बहुत जरूरी है।

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ब्लड प्रेशर: साइलेंट खतरा

उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। दरअसल, हाई बीपी के लक्षण लंबे समय तक महसूस नहीं होते हैं, जब इसकी वजह से दिल को नुकसान पहुंच चुका होता है, तब इसके संकेत महसूस होते हैं। ब्लड प्रेशर यह बताता है कि दिल जब रक्त पंप करता है, तो धमनियों पर कितना दबाव पड़ता है।

अगर यह दबाव लगातार ज्यादा रहता है तो इससे दिल और रक्त वाहिकाओं पर असर पड़ता है। लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड प्रेशर रहने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना बहुत जरूरी है।

ब्लड शुगर: दिल के लिए छुपा हुआ खतरा

ब्लड शुगर का स्तर भी दिल की सेहत से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज होता है, उनमें दिल की बीमारियों का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा होता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहने से रक्त वाहिकाएं और दिल को नियंत्रित करने वाली नसें प्रभावित हो जाती हैं। इससे धमनियों में फैट जमा होने लगता है और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

क्यों जरूरी है इन तीनों नंबरों को कंट्रोल में रखना?

कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर इनमें से एक भी ज्यादा बढ़ जाता है तो दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। अगर तीनों अनियंत्रित हो जाए तो जोखिम काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए 30–35 साल की उम्र के बाद लोगों को रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए।

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बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर को कंट्रोल कैसे रखें?

  • इन तीनों को संतुलन में बनाए रखने के लिए बैलेंस डाइट लेना बहुत जरूरी है।
  • अपनी डाइट में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स जरूर शामिल करें।
  • ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से बचें।
  • बीपी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर को संतुलन में बनाए रखने के लिए रेगुलर एक्सरसाइज जरूर करें।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करें।
  • आप योग, मेडिटेशन और प्राणायाम भी कर सकते हैं। सुबह योगाभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है।
  • धूम्रपान से दूरी बनाकर रखें। यह दिल की सेहत को बिगाड़ सकता है।
  • दिल को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोग लक्षणों का इंतजार न करें। समय-समय पर जांच कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराएं और इन्हें कंट्रोल में रखने की कोशिश करें। अगर ये तीनों कंट्रोल में रहेंगे तो दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।