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Written By: Editorial Team | Published : September 1, 2018 6:36 PM IST
रस्टी पाइप सिंड्रोम के कारण भी दूध का रंग सफेद से लाल या भूरा हो जाता है। © Shutterstock.
मां बनने के बाद अपने बच्चे को दूध पिलाना बच्चे के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी जरूरी होता है। कई बार दूध पिलाने के दौरान दूध का रंग सफेद की बजाय नारंगी, भूरा या गुलाबी आने लगता है। ऐसा होता क्यों है इसका पता नहीं चल पाता। कई बार ऐसा होने पर बच्चा दूध उगल देता है। क्या आपका बच्चा भी बार-बार ऐसा कर रहा है? क्या आपके ब्रेस्ट का दूध भी भूरा या हल्का गुलाबी आ रहा है, तो डाक्टर से एक बार संपर्क जरूर करें। दरअसल, ऐसा स्तन से दूध के साथ खून निकलने के कारण होता है। आखिर क्यों होता है ऐसा, जानिए यहां।
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जब पड़ जाए निप्पल में दरारें
निप्पल से खून निकलने का कारण निप्पल में दरारें पड़ना भी होता है। अक्सर बच्चे द्वारा बार-बार निप्पल चूसने की वजह से निप्पल में दरार आ जाती हैं। इसी कारण दूध के साथ खून आने लगता है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को स्तनपान कराते समय दर्द भी होता है।
रस्टी पाइप सिंड्रोम
रस्टी पाइप सिंड्रोम की स्थिति अपने नाम के मुताबिक ही होती है। जिस प्रकार रस्टी पाइप से आने वाले पानी का रंग बदल जाता है वैसे ही रस्टी पाइप सिंड्रोम के कारण दूध का रंग सफेद से लाल या भूरा हो जाता है। यह समस्या आमतौर पर पहले प्रसव के बाद ही देखी जाती है।
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क्षतिग्रस्त कोशिकाएं
कई बार स्तनपान के कारण ब्रेस्ट में मौजूद कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिसकी एक आम वजह दूध की एक्सप्रेसिंग करना होता है। जब आप ब्रेस्ट को पम्प की बजाय हाथों से दबा कर दूध निकालती हैं, तब ऐसा होता है। ऐसे में दूध निकालने के लिए पम्प का ही इस्तेमाल करें।
इंट्राडक्टल पैपिलोमा
यह एक प्रकार का ट्यूमर होता है जो कि ब्रेस्ट की कोशिकाओं की लाइनिंग में होता है। इसकी वजह से भी आपके ब्रेस्ट मिल्क में खून आ सकता है। वैसे इस ट्यूमर का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपनी बगल में हाथ लगाकर देखें। ये ट्यूमर गांठ के रूप में वहां महसूस हो जाता है।
फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट
कई बार देखने में आता है कि 30 की उम्र के बाद महिलाओं की ब्रेस्ट में गांठें बन जाती हैं। यह भी दूध के साथ खून आने की एक वजह बन जाता है।
ब्रेस्ट कैंसर
वैसे तो ब्रेस्ट से हल्का खून आना समान्य बात है, लेकिन अगर आपको यह परेशानी लगातार आ रही है तो आपको अपने डाक्टर से परामर्श करना चाहिए। यह ब्रेस्ट कैंसर का एक संकेत भी हो सकता है।