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Peshab Mai Blood Kyon Aata Hai: कई बार हम कुछ परेशानियों को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, यह सोचकर की ऐसा तो होता रहता है। लेकिन पता नहीं चलता कि कब वो बीमारी बहुत बड़ी बन जाती है। हम बात कर रहे हैं पेशाब में खून आने की समस्या की। लोग इसे कम पानी का एक लक्षण समझ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ये किसी खतरनाक व बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है। जी हां, हम मजाक नहीं कर रहे हैं। हमने नारायणा हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर अंकित गुप्ता से बात की और जो उन्होंने बताया वो आपको भी जानना चाहिए।
डॉक्टर ने बताया कि पेशाब में खून आने की समस्या या यूरीन में रेड ब्लड सेल्सकी अधिकता इस समस्या को मेडिकल लैंग्वेज में हेमाट्यूरिया कहा जाता है। यह मरीजों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। यह समस्या हर उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हेमाट्यूरिया अपेक्षा से कहीं अधिक आम है और इसके कारण साधारण, आसानी से इलाज योग्य संक्रमण से लेकर जटिल बीमारियों तक हो सकते हैं, जिनके लिए विशेषज्ञ देखभाल की आवश्यकता होती है। हमने डॉक्टर अंकित गुप्ता से बात की और जाना कि पेशाब में खून आना कौन सी बीमारी का संकेत हो सकता है? तो आइए बताते हैं उन्होंने क्या कहा।
मूत्र का रंग लाल या भूरा दिखाई दे सकता है, या यह केवल लैब परीक्षण में पता चलता है जब लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) की संख्या बढ़ी हुई पाई जाती है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
मूत्राशय या पेशाब मार्ग में संक्रमण होने पर उसकी परत में सूजन आ जाती है, जिससे पेशाब के साथ खून निकल सकता है। इसके साथ जलन, बार-बार पेशाब लगना और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
गुर्दे में बनने वाले कठोर कण जब पेशाब मार्ग से गुजरते हैं तो नाज़ुक ऊतकों को खरोंच सकते हैं, जिससे खून आ सकता है। इस दौरान तेज कमर दर्द, जो कमर से जांघ तक फैल सकता है, और पेशाब में खूनदिखना आम है।
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है, जो मूत्रमार्ग पर दबाव डालकर पेशाब में खून आने का कारणबन सकता है।
गिरने, दुर्घटना या किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद गुर्दे, मूत्राशय या मूत्रमार्ग में चोट लगने से हेमाट्यूरिया हो सकता है।
कुछ मामलों में पेशाब में खून आना गंभीर स्थितियों जैसे मूत्राशय कैंसर, गुर्दे का कैंसर या प्रोस्टेट कैंसर का संकेत हो सकता है। इन स्थितियों में शीघ्र जांच और इलाज आवश्यक है।
कुछ बीमारियां जैसे ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (गुर्दे की छनन इकाइयों की सूजन) या रक्त जमने से जुड़ी गड़बड़ियां भी पेशाब में RBC बढ़ने का कारण बन सकती हैं।
लैब में किया गया RBC परीक्षण मरीज की सेहत से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत देता है। इसकी संख्या बदलने के कई कारण हो सकते हैं:
रुक-रुक कर खून आना: छोटे पत्थर या संक्रमण अस्थायी खून बहने का कारण बन सकते हैं।
अत्यधिक व्यायाम: बहुत ज्यादा शारीरिक परिश्रम से कभी-कभी अस्थायी रूप से पेशाब में खून आ सकता है।
महिलाओं में मासिक धर्म का असर: कई बार मासिक धर्म का खून पेशाब में मिलकर हेमाट्यूरिया जैसा प्रतीत हो सकता है।
बीमारी की प्रकृति: गंभीर स्थितियों जैसे गुर्दे की बीमारी में रोग की अवस्था के अनुसार खून आने की मात्रा बदल सकती है।
यही कारण है कि एक बार की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सही निदान के लिए दोबारा परीक्षण और अन्य जांचें जरूरी होती हैं।
पेशाब में जलन, दर्द, पेशाबमें झाग बनना, बार-बार पेशाब आना आदि यूटीआई का संकेत हो सकता है।
किडनी डैमेज की स्थिति में शरीर में सूजन, थकान, पेशाब में झाग आने और स्किन से जुड़ी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।
पेशाब में झाग आना अक्सर गुर्दे की बीमारी (Kidney disease) का संकेत हो सकता है, क्योंकि यह पेशाब में प्रोटीन की अधिकता (प्रोटीन्यूरिया) के कारण होता है, जिससे गुर्दे ठीक से काम नहीं कर पाते हैं।
पेशाब में प्रोटीन की अधिकता होने पर झाग आता है।