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Written By: Anshumala | Updated : June 13, 2018 6:21 PM IST
रक्तदान करना एक बेहतरीन कार्य होता है, जो किसी को जीवनदान दे सकता है। चूंकि, भारत में रक्तदान कम होता है, ऐसे में आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद लोगों को रक्त नहीं मिल पाता है। लोगों को रक्तदान करने से डर लगता है, क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि इससे उन्हें कमजोरी हो जाएगी। ऐसे में अधिक से अधिक रक्तदान शिविर लगाने और लोगों में जागरूकता का प्रसार करने की जरूरत है, ताकि जो लोग स्वस्थ हैं, वे बढ़-चढ़कर रक्तदान करें। भारत में हर रोज बहुत सारी दुर्घटनाएं और सर्जरी होती हैं और ये वह स्थितियां होती हैं, जिनमें रक्त की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है। हमें हर रोज 38,000 से भी अधिक रक्त दान की जरूरत होती है, लेकिन वास्तविकता में, भारत में 12 लाख यूनिट से भी अधिक रक्त की कमी यह साबित करती है कि कैसे यहां लोग रक्तदान से बचते हैं।
पारस हेल्थकेयर, गुरुग्राम के एमडी डॉ. धरमिंदर नागर कहते हैं, पिछले साल, सरकार ने एक ऐसा मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिसके जरिए आप अपने करीबी ब्लड बैंक का पता लगा सकते हैं। नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एनबीटीसी) 2,760 लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंकों की डायरेक्टरी का एक्सेस नेशनल हेल्थ पोर्टल पर देता है। ये बहुत ही अच्छी पहल है, क्योंकि इनके जरिए न सिर्फ लोगों की जरूरत पूरी होती है, बल्कि एक ऐसा मंच भी उपलब्ध होता है जहां इस बारे में लोग चर्चा कर सकें और अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। एनबीटीसी ब्लड डोनर के चयन और रेफरल संबंधी दिशा-निर्देशों के अलावा, ऐसे डोनर का पूल बनाया जा रहा है, जो सुरक्षित, वॉलंटरी, नॉन पेड और कम रिक्स वाले हों। इससे ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराने वाले मरीजों को संक्रमण होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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रक्तदान के फायदे भी हैं कई
आमतौर पर लोग यही सोचते हैं कि रक्तदान करने से शरीर कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। शरीर कमजोर पड़ जाता है या फिर इससे एचआईवी होने का खतरा बना रहता है, पर सच यह नहीं है। रक्तदान से शरीर को नुकसान नहीं, बल्कि कई तरह के लाभ होते हैं।
इससे मानसिक संतुष्टि मिलती है, ऐसा इसिलए क्योंकि आपके इस फैसले से किसी की जान बच जाती है। जब आपके जरिए किसी की जिंदगी बचती है, तो यह एक सुकून और खुशी का अहसास देता है।
शोध में कहा गया है कि रक्तदान करने से दिल की सेहत सुधरती है। ब्लड डोनेट करने से हार्ट अटैक कि संभावनाएं बहुत हद तक कम हो जाती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता। इससे खून पतला होता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।
क्या आपको पता है कि जो लोग ब्लड डोनेट करते हैं, उनका वजन भी कम होता है? ऐसे में यदि आपका वजन अधिक है या बढ़ रहा है, तो ब्लड डोनेट जरूर करने जाएं। कोशिश करें कि साल में दो बार जरूर रक्तदान करें।
रक्तदान से शरीर में एनर्जी आती है। ऐसा इसिलए, क्योंकि दान के बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरुस्ती आती है।
यदि आपको लीवर से जुड़ी कोई परेशानी है, तो रक्तदान जरूर करें। ऐसा करने से इन समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में अधिक आयरन होने से लीवर पर दबाव पड़ता है। रक्तदान करने से आयरन की मात्रा बैलेंस रहती है। लीवर हेल्दी होने के साथ ही इससे कैंसर होने की संभावना भी कम रहती है।
कौन कर सकता है ब्लड डोनेट
चित्रस्रोत:Shutterstock.