आम आदमी किन लक्षणों से समझेगा उसे बाइपोलर डिसआर्डर है? इसकी जांच कैसे होती है?

Bipolar Disorder ke Lakshan : बाइपोलर डिसऑर्डर एक मानसिक स्थिति है, जो व्यक्ति के मूड और एनर्जी को प्रभावित करती है। इस मानसिक स्थिति से जूझ रहे मरीजों में नींद की कमी, थकान और निराशा इत्यादि लक्षण महसूस होते हैं।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : March 30, 2026 11:17 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Malini Saba

Common symptoms of bipolar : मेरी एक दूर की चाची जिनकी उम्र महज 31 साल है, लंबे समय बाद मेरा उनसे मिलना हुआ। जब वो शादी कर के नई नई हमारे घर आई थी तो उनकी पॉजिटिव एनर्जी और फ्रेंडली नेचर से घर में हर वक्त हंसी मजाक होता थी। लेकिन अब वो पहले जैसी नहीं हैं। उनका स्वभाव काफी बदल गया है। एकदम चुपचाप और खामोश रहने लगी हैं वो। चाचा पर जब दबाव बनाया गया तो वो उन्हें डॉक्टर के पास ले गए। जांच में पता चला कि चाची को बाइपोलर डिसआर्डर है। चाचा शहर की एक नामी कंपनी में काम करते है लेकिन दोनों में से किसी को नहीं पता था बाइपोलर डिसआर्डर किसे कहते हैं।

डॉक्टर से पूछने पर पता चला कि दिमाग की एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति है, और बस फिर क्या था, क्लिनिक से बाहर निकलते ही चाचा ने इधर उधर देखा और रिपोर्ट़स को स्कूटर में रखकर ऐसे डरे हुए घर पहुंचे जैसे उनके पीछे पुलिस पड़ी हो। कागजों में भले ही बताया जाता है कि भारत में दिमागी बीमारियों को लेकर काफी जागरुकता आ गई है और लोग अब इसके बारे में बात करने से झिझकते नहीं है। लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं हैं। गांवों में आज भी दिमागी बीमारी को पागल कहा जाता हैं। फिलहाल हम वर्ड बाइपोलर डिसऑर्डर डे ( World bipolar day 2026 ) के इस  खास मौके पर हम आपको बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में बताएंगे। आइए साइकोलॉजिस्ट और महिला एवं मानवाधिकारों की समर्थक डॉ. मालिनी सबा से समझते हैं कि बाइपोलर डिसआर्डर क्या होता है

क्या होता है बाइपोलर डिसआर्डर?

यह एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जिसे पहले मैनिक डिप्रेशन भी कहा जाता था। इस बीमारी में भयंकर मूड स्विंग होते हैं। कभी तो व्यक्ति खुद को एकदम निराश, कमजोर, किसी काम में मन न लगना, आलसी और थका हुआ महसूस करता है। तो कभी अचानक से इतनी एनर्जी महसूस होने लगती है जैसे कि वो कुछ भी कर सकता है। इन मूड स्विंग के कारण नींद और एनर्जी की कमी, रोजमर्रा के कामकाज, फोकस में कमी और और सोचने के तरीके में बदलाव आ जाता है। ये मूड एपिसोड दिन में कई बार नहीं बल्कि अक्सर कुछ दिनों, हफ्तों या कभी-कभी महीनों तक चल सकते हैं। वैसे तो यह लंबे समय तक रहने वाली मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है लेकिन दवाओं और सही काउंसलिंग से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

बाइपोलर डिसआर्डर के लक्षण क्या हैं?

इस स्थिति में मुख्य रूप से दो प्रकार के एपिसोड देखे जाते हैं -

डिप्रेशन और मैनिया (या हाइपोमैनिया)।

  • गहरी उदासी या निराशा
  • थकान और ऊर्जा की कमी
  • नींद में बदलाव
  • खुद को नाकाबिल समझना
  • किसी काम में मन न लगना

मैनिया या हाइपोमैनिया एपिसोड में

  • अत्यधिक ऊर्जा महसूस होना
  • बहुत कम नींद में भी थकान न होना
  • बहुत तेज बोलना या तेजी से विचार आना
  • जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास
  • बिना सोचे-समझे फैसले लेना

कुछ मामलों में गंभीर एपिसोड के दौरान व्यक्ति को भ्रम या अत्यधिक शक जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, लेकिन हर व्यक्ति में ये लक्षण समान नहीं होते।

बाइपोलर डिसआर्डर का पता कैसे चलता है?

नेशनल इंस्टिटयूट आफ मेंटल हेल्थ के अनुसार डॉक्टर पहले सामान्य जांच करते हैं। शुरुआती रिपोर्ट में जब गडबड आती है तो एक लेवल आगे के फिजीकल टेस्ट और दूसरे जरूरी टेस्ट कराए जाते हैं। बाइपोलर डिसआर्डर का शक होते ही डॉक्टर साइकाइट्रिस्ट, साइकोलोजिस्ट या क्लिनिकल सोशल वर्कर को रेफर कर देते हैं। ऐसे में जब व्यक्ति मानसिक रोग विशेषज्ञ के पास जाता है तो डॉक्टर लक्षण, मेडिकल ​फैमिली हिस्ट्री और दूसरे अनुभव के बारे में पूछते हैं और आगे का इलाज बताते हैं।

बाइपोलर डिसआर्डर का इलाज क्या है?

इस मानसिक स्वास्थ्य स्थिति का इलाज दवाओं और टॉक थेरेपी से किया जाता है। आमतौर पर डॉक्टर mood stabilizers and atypical antipsychotics दवाएं लिखते हैं। इन दवाओं को आप अपनी मर्जी से नहीं ले सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से दिमाग की फंक्शनिंग बिगड सकती है और स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है।

Highlights

  • बाइपोलर डिसऑर्डर को मैनिक डिप्रेशन कहा जाता है।
  • भारत में अधिकतर लोग मानसिक बीमारियों को समझने की कोशिश नहीं करते हैं।
  • बाइपोलर डिसऑर्डर का दवाओं और टॉक थेरेपी से इलाज हो सकता है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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