
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Vineeta Singh Tandon
biological age vs real age (AI generated image)
अगर आपको भी यही लगता है कि आपकी उम्र आपको बताती है कि आपका शरीर कितनी बूढ़ा हो चुका है या कितना जवान है तो शायद आप भी गलत सोच रहे हैं। उम्र भी दरअसल, दो अलग-अलग तरह की होती है बायोलॉजिकल उम्र और क्रोनोलॉजिकल उम्र अगर आप इसे थोड़ा आसान भाषा समझना चाहते हैं को बायोलॉजिकल उम्र को जैविक उम्र कह सकते हैं और क्रोनोलॉजिकल उम्र का मतलब है जो आपकी असली उम्र है। लेकिन इन दोनों में अंतर क्या है और इनमें से कौन सी उम्र बताती है कि आपका शरीर कितना बूढ़ा हो चुका है। इस बारे में ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. विनीता सिंह टंडन से बात की जिसके बारे में हम आपको कुछ खास जानकारी इस लेख में देने वाले हैं।
असली उम्र यानी क्रोनोलॉजिकल उम्र का कॉन्सेप्ट तो बहुत सीधा और सिंपल होता है, जैसे 30 साल पहले जन्मे व्यक्ति की उम्र 30 साल ही होती है। लेकिन बायोलॉजिकल उम्र का हिसाब इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आपको जन्म लिए हुए कितना समय हो गया बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में आपका शारीरिक स्वास्थ्य कैसा है। एक 30 साल के व्यक्ति की उम्र 35 या 25 भी हो सकती है, जो आमतौर पर उसकी हेल्थ, फिटनेस और मानसिक स्थिति पर निर्भर करती है।
वैसे तो बायोलॉजिकल और क्रोनोलॉजिकल दोनों के बारे में जानकर आप इनके बीच का अंदर भी समझ गए होंगे कि रियल उम्र कैलेंडर के अनुसार होती है जो आपके जन्म के दिन से से शुरु हो जाती है। वहीं बायोलॉजिकल उम्र आपके शरीर की वास्तविक स्थिति को दर्शाती है और बताती है कि आपके अंग, मांसपेशियां, हृदय, फेफड़े, दिमाग और कोशिकाओं के बूढ़े होने की गति सामान्य से कम है, ज्यादा है या फिर सामान्य ही है।
biological age vs chronological age (AI generated image)
चलिए इसको एक उदाहरण के रूप में समझते हैं, कि 30 की उम्र के दो लोग हैं। लेकिन उनमें से एक नियमित व्यायाम करता है, संतुलित भोजन खाता है और तनाव को नियंत्रित रखता है। दूसरा व्यक्ति धूम्रपान करता है, नींद पूरी नहीं लेता और शारीरिक गतिविधि कम करता है। ऐसे में जिसका लाइफस्टाइल अच्छा है उसकी बायोलॉजिकल उम्र 27 से 30 हो सकती है और वहीं जिसका लाइफस्टाइल अच्छा नहीं है उसकी बायोलॉजिकल उम्र 40 या उससे भी कहीं ज्यादा हो सकती हैं।
हमारा शरीर अलग-अलग तरह से कई संकेत देता है, जो बताते हैं कि हमारी एजिंग प्रोसेस यानी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया सामान्य से तेज हो रही है यानी हम तेजी से बूढ़े हो रहे हैं। इनमें से कुछ लक्षण निम्न हो सकते हैं -
biological age and chronological age difference (AI generated image)
इस तरह के संकेत अगर आपको समय से पहले दिखने लगे हैं, तो यही संकेत है कि आपकी एजिंग प्रोसेस तेज हो रही है और आपको जल्द से जल्द इस बारे में कुछ करना चाहिए। खैर! जो हमने ऊपर बताए वे संकेत आमतौर पर ऐसे संकेत हैं जो आपको खुद ज्यादा महसूस होंगे, लेकिन शारीरिक रूप से दिखे वाले भी कुछ संकेत हो सकते हैं जो आपको नहीं बल्कि दूसरों को भी आपकी बायोलॉजिकल उम्र वास्तविक उम्र से ज्यादा होने का संकेत देते हैं और ये संकेत कुछ इस प्रकार हो सकते हैं -
हालांकि, इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि ये संकेत आमतौर पर आपकी सटीक बायोलॉजिकल उम्र नहीं बताते लेकिन शरीर की बढ़ती उम्र के महत्वपूर्ण संकेत जरूर हो सकते हैं।
आपको सिर्फ अपनी कैलेंडर वाली उम्र का ध्यान नहीं रखना है बल्कि उसके साथ-साथ इस बात का ध्यान भी रखना है कि आपकी बायोलॉजिकल उम्र कितनी हो गई है। क्योंकि उससे ही आपके स्वास्थ्य की सही जानकारी मिलती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक निम्न तरीकों से बायोलॉजिकल एज का पता लगाने में मदद मिल सकती है -
हमारी रियल उम्र बढ़ना हमारे हाथ में नहीं होता है, क्योंकि वह समय और कैलेंडर के अनुसार चलता है लेकिन हमारी बायोलॉजिकल उम्र हमारे कंट्रोल में जरूर होती है। हमारे द्वारा की जाने वाली कुछ आदतें हैं, जिनके कारण बायोलॉजिकल उम्र बढ़ने लगती है -
ये सभी कारक शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बायोलॉजिकल उम्र तेजी से बढ़ सकती है।
जैसा कि हमने आपको ऊपर बोला है कि आप अपनी बायोलॉजिकल एज को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं और उसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना है जैसे -
ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की समय-समय पर जांच करवाने से बीमारियों का जल्दी पता लगाया जा सकता है और उन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।
healthy lifestyle (AI generated image)
डॉ. विनीता ने आगे बताया कि जब शारीरिक स्वास्थ्य की बात आती है, तो यह बात सिर्फ सुनने में ही अच्छी लगती है कि उम्र तो बस एक नंबर है। क्योंकि उम्र सिर्फ कैलेंडर पर लिखी संख्या नहीं है, बल्कि आपके शारीरिक और यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य में भी यह एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आपका शरीर अंदर से कितना स्वस्थ यह यही आपकी बायोलॉजिकल उम्र है। नियमित रूप से सही डाइट लेना, नियमित एक्सरसाइज करना, समय पर पूरी नींद लेना और स्ट्रेस को मैनेज करना अपनी बायोलॉजिकल उम्र को कंट्रोल करने के लिए बेहद जरूरी है ताकि आपका शरीर लंबे समय तक हेल्दी और युवा रहे।
हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वे अपनी उम्र को कैलेंडर पर गिनना छोड़कर बल्कि इस बात पर भी ध्यान दें कि उनका स्वास्थ्य कैसा महसूस कर रहा है और उनकी जीवनशैली कैसी है। ताकि वे एक अच्छा और बेहद जीवन जी सकें और समय से पहले उनका शरीर बूढ़ा न हो पाए।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल बायोलॉजिकल उम्र और असली उम्र के बारे में कुछ जरूरी जानकारी देना है। हालांकि, इसमें दी गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।