बिहार में बाढ़ के पानी से मंडराने लगा जल जनित रोगों का खतरा, विशेषज्ञों ने सुरक्षित रहने के दिए ये टिप्स

बिहार में बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम तो हो गया है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।

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Written By: Anshumala | Updated : August 31, 2020 7:55 PM IST

Water Born Diseases: बारिश का मौसम (Monsoon) अपने साथ ना सिर्फ कई गंभीर जल जनित रोग (Water Born Diseases) लेकर आता है, बल्कि शहरों, गावों में बाढ़ की स्थिति भी आ जाती है। इस बाढ़ में लाखों घर बह जाते हैं, लोगों की जानें चली जाती हैं और जो लोग जीवित बच जाते हैं, उन्हें कई रोगों, संक्रमण आदि का शिकार होना पड़ता है। बिहार में अभी यही स्थिति बनी हुई है। बाढ़ (Bihar flood) आने के बाद वहां के प्रभावित इलाकों में नदियों का पानी कम हो गया है और गांवों से पानी भी निकल रहा है, लेकिन लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कई क्षेत्रों में दुर्गंध आ रही है, तो कई इलाकों में मच्छरों का प्रकोप (Mosquito outbreak) बढ़ गया है। इस बीच लोगों को अब कोरोना (Coronavirus) सहित अन्य बीमारियों का डर सताने लगा है।

बाढ़ के गंदे पानी में पनपते बैक्टीरिया बढ़ा सकते हैं चर्म रोग

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ में खुले में शौैच का पानी भूमिगत जल में मिल जाता है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों का भी मानना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की आशंका बनी रहती है। पटना के चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ.अमित कुमार कहते हैं कि बाढ़ के दौरान गंदे पानी में बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जिस कारण लोगों को कई प्रकार के त्वचा रोग (skin disease) हो सकते हैं। उन्होंने पानी को उबालकर पीने की सलाह दी है। पानी में नीम की पत्ती डालकर उबालें (Neem water benefits) और इस पानी से स्नान करें। नारियल पानी (Coconut water) या स्वच्छ पानी का ही सेवन करें।

साफ, स्वच्छ और उबला हुआ पानी ही पिएं

मुजफ्फरपुर के चिकित्सक डॉ. आरोही कुमार कहते हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद बीमारियों की आशंका बनी रहती है। बाढ़ ग्रस्त इलाकों में सफाई व स्वच्छता के अभाव में डायरिया (Diarrhoea problem) और विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस समय स्वच्छ, उबला हुआ पानी पीकर बीमार होने से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा, "बाढ़ से उबरे क्षेत्रों में गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस, मलेरिया, टायफॉइड, डायरिया, नेत्र और चर्मरोग जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार के मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज, खगड़िया सहित 16 जिलों में नदियां उफान पर रहीं और 130 प्रखंड बाढ़ प्रभावित हुए।

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