बीड़ी और सिगरेट हेल्थ के लिए दोनों में से क्या ज्यादा हानिकारक है?

Biti Piye Ya Cigarette mai Se Kya Piye: अगर आप भी उन्हें में से हैं जो बीड़ी और सिगरेट को अलग-अलग देखते हैं या इनसे होने वाले फायदों में अंतर करते हैं तो आइए डॉक्टर से जानें वह क्या कहते हैं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : May 31, 2026 5:25 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Shubham Garg

World No Tobacco Day: वर्ल्ड नो टोबैको डे के मौके पर अक्सर तंबाकू से जुड़ी जागरूकता फैलाई जाती है, लेकिन इससे जुड़ी कुछ मिथक भी हैं जो लोगों के मन में बैठे हुए हैं। ऐसा ही एक आम विश्वास है कि बीड़ी सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक होती है। आपने भी स्मोक करने वाले कई लोगों को ऐसा करते सुना होगा कि बीड़ी में तंबाकू की मात्रा कम होती है और इसे ट्रेडिशन तरीके से तैयार किया जाता है। लेकिन आप गलत हैं।

नारायणा हॉस्पिटल के सर्जीकल ऑन्कोलॉजिस् डॉक्टर शुभम गर्ग का कहना है कि सिर्फ तंबाकू की मात्रा देखकर किसी भी प्रोडक्ट को सेफ नहीं कहा जा सकता है। असली सवाल यह है कि शरीर तक कितना जहरीला धुआं पहुंच रहा है और उसका असर क्या पड़ रहा है। आइए हम डॉक्टर से ही थोड़ा विस्तार से जानते हैं।

पहले जानें बीड़ी और सिगरेट में मूल अंतर

डॉक्टर बताते हैं कि बीड़ी और सिगरेट के बीच का अंतर जानने के लिए बता दें कि बीड़ी बनाने के लिए तेंदू के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर बीड़ियों में फिल्टर नहीं होता, लेकिन कई सिगरेट्स में होता है। बीड़ी को जलाते समय ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और गहरे कश लेने पड़ते हैं। स्मोक करने को लेकर यही समझने वाली बात है कि इसमें तंबाकू की मात्रा सिर्फ एक हिस्सा है। लेकिन बीड़ी या सिगरेट से निकलने वाला धुएं का नेचर क्या है, उसमें फिल्टर है या नहीं या उसे कि तरह लिया जा रहा है। यह सभी उसके शरीर पर होने वाले नुकसान को बताते हैं।

जब धुआं शरीर में प्रवेश करता है तो क्या होता है?

फेफड़े पर क्या असर होता है?

देखिए, तंबाकू का धुआं सबसे पहले हमारे फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसमें टार मौजूद होता है जो फेफड़ों के अंदर की परत पर जमता है, वायुमार्गों में सूजन पैदा करता है और सांल लेने की क्षमता को धीरे-धीरे कम कर देता है। इससे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

ऑक्सीजन सप्लाइ कम हो जाना

बीड़ी या सिगरेट के धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड होता है जो खून में हीमोग्लोबिन से जुड़ जाता है। इससे ब्लड की ऑक्सीजन को शरीर तक ले जाने की क्षमता घट जाती है और पूरे शरीर को कम ऑक्सीजन मिलती है।

हार्ट हेल्थ पर असर

निकोटिन हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर दोनों को बढ़ाने का काम करता है। धमनियां संकुचित होती हैं और ब्लड फ्लो बाधित होता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से हार्ट अटैक और कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खरता गंभीर रूप से बढ़ जाता है। कुछ अध्ययनों में अधिक मात्रा में बीड़ी पीने वालों में हार्ट अटैक का जोखिम सिगरेट पीने वालों के समान या अधिक पाया गया है।

ब्लड वैसल्स में दिक्कत

डॉक्टर कहते हैं कि “जैसा मैंने बताया, तंबाकू का धुआं धमनियों की अंदर की परत को नुकसान पहुंचाता है। ऐसा होने से रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है जिससे गंभीर हार्ट और ब्रेन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

किडनी और डिफेंस सिस्टम पर असर

डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक तंबाकू का सेवन से किडनी में ब्लड फ्लो पर इफेक्ट पड़ता है और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं धूम्रपान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर भी करता है।

क्या बीड़ी सच में खतरनाक हो सकती है?

देखें बीड़ी में तंबाकू की मात्रा कम होने के बावजूद, बीड़ी पीना कई मामलों में शरीर को ज्यादा टॉक्सिंस के संपर्क में ला सकता है। इसके कई कारण होते हैं जैसे इसमें फिल्टर नहीं लगा होता है, लंबे व डीब ब्रीथ के साथ कश लेने से इसमें मौजूद निकोटिन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड फेफड़ों तक ज्यादा जाते हैं। वहीं बीड़ी के धुएं में टार और कार्बन मोनोऑक्साइड का लेवल भी सिगरेट की तुलना में ज्यादा होता है।

बीड़ी या सिगरेट में से कौन कम हानिकारक है? इसे लेकर डॉक्टर बताते हैं कि “बीड़ी सिगरेट जितनी या उससे अधिक हानिकारक हो सकती है। दोनों में ही निकोटिन, टार और अन्य जहरीले केमिकल्स के माध्यम से फेफड़ों, हार्ट, ब्लड वैसल्स, दिमाग, किडनी और प्रतिरक्षा प्रणाली सभी को प्रभावित करते हैं। इसलिए एक डॉक्टर होने के नाते मैं आपको दोनों में से कुछ भी न लेने की सलाह देता हूं।

डिस्क्लेमर: बीड़ी हो या सिगरेट, दोनों में ही तम्बाकू और निकोटिन जैसे कई जगरीले केमिकल्स पाए जाते हैं, जो शरीर के कई हिस्सों को खराब कर सकते हैं और कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए धूम्रपान या किसी भी तरह के नशे से दूरी बनाकर रखें।

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