
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
How to Cure Joint Pain : शरीर में दर्द और जोड़ों के दर्द व अकड़न की समस्या काफी आम हो गई है। सर्दियों के मौसम में यह समस्या ज्यादा परेशान करती है। जब आप सोकर उठते हैं तो आराम मिलने के बजाय घुटनों का दर्द आपको और ज्यादा परेशान कर सकता है। ऐसे में यह इस बात का संकेत होता है कि आपकी बॉडी में कुछ पोषक तत्वों कमी हो रही है। हालांकि, इन समस्याओं को अपनी हेल्दी डाइट के साथ-साथ सप्लीमेंट्स की मदद से ठीक किया जा सकता है, जो सभी ज़रूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं।
जोड़ों के दर्द को अक्सर सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। हालांकि, यह आपके लिए एक बड़ी गलती साबित हो सकता है। डॉक्टर्स की मानें, तो जोड़ों का दर्द सिर्फ़ सामान्य उम्र बढ़ने के कारण नहीं होता है, यई बार यह जोड़ों में सूजन का नतीजा भी होता है। खैर, यहां हम आपको कुछ ऐसी सप्लीमेंट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो जोड़ों के दर्द व अकड़न की समस्यासे राहत दिलाने में कारगर होते हैं।
एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगर जोड़ों के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो इसके लिए करक्यूमिन बहुत फायदेमंद होता है। यह हल्दी में पाया जाने वाला तत्व है। यह पेन किलर्स की तरह काम करता है। हालांकि, दवाओं के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन इसके नहीं होते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि यह इबुप्रोफेन और एडविल जैसे NSAIDS की तरह ही जोड़ों की अकड़न और सूजन को कम कर सकता है। इससे लिवर, किडनी व पेट को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।
ओमेगा-3 फैटी एसिड सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह सूजन वाले रास्तों को शांत करने में मदद करते हैं और जोड़ों की अकड़न को दूर करता है। इस पोषक तत्व की प्राप्ति के लिए आप इससे भरपूर चीजों का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए फैटी फिश का सेवन बेहतर होता है।
समय के साथ शरीर में कोलेजन की कमी होने लगती है, जो जोड़ों की सेहत पर भी असर डालती है। ऐसे में इस पोषक तत्व की पूर्ति के लिए कुछ सप्लीमेंट्स का सेवन किया जा सकता है। कोलेजन पेप्टाइड्स इसी श्रेणी में आते हैं। हालांकि, भले ही ये तुरंत आराम न दें, लेकिन जब इन्हें डेढ़-दो महीनों तक लगातार लिया जाता है, तो इससे कार्टिलेज की हेल्थ बनाए रखने और जोड़ों की मज़बूती को बेहतर बनाने में मिलती है। इससे लंबे समय तक फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है, साथ ही जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है।