
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Konsa Mask Sabse Sahi Hai: हर बार की तरह ही जब गर्मियों के के बाद सर्दियां आती हैं, तो हवा की क्वालिटी खराब होने लगती है यानी वायु प्रदूषण बढ़ने लगता है। सर्दियों में हवा ठंडी होकर भारी हो जाती है, जिसके कारण प्रदूषण के कण भी नीचे आ जाते हैं और उस हवा का स्तर खराब हो जाता है जिसमें हम सांस लेते हैं। इसके अलावा सर्दियों में लोग ज्यादा आग जलाते हैं और त्यौहारों के दौरान पटाखे आदि जलाने पर भी कुछ असर हवा पर पड़ता ही है। दीवाली के बाद कुछ समय तक हवा खराब रहती है और उस हवा का असर आपके फेफड़ों व अन्य शरीरके अंगों का असर भी पड़ता है। इसलिए हवा के खराब होने से पहले ही अपने लिए अच्छा मास्क का चुनाव करना जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे खराब हवा का असर किस प्रकार आपके फेफड़ों पर पड़ता है और उस से बचाव करने के लिए कौन सा मास्क सबसे जरूरी है।
वायु प्रदूषण वैसे तो शरीर के कई अंगों के लिए हानिकारक होता है, जिसमें आंखें, स्किन और हमारा श्वसन तंत्र भी शामिल है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण पर सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर पड़ता है। क्योंकि फेफड़ों की संरचना अंदर से कुछ इस तरह होती है, कि सांस लेने के दौरान प्रदूषण के कण फेफड़ों में जाकर चिपक जाते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।
हवा में प्रदूषण के ये कण अलग-अलग केमिकलव गैसों से दूषित होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं और इन्फेक्शन, एलर्जी और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियां होने के खतरे को बढ़ा देती है। इसके अलावा कुछ समय तक सांस लेने में दिक्कत व अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
प्रदूषण से बचाव करने के लिए सबसे जरूरी इस बात का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है कि जितना हो सके प्रदूषण वाली हवा के संपर्क में आने से बचना है और उसके लिए जब प्रदूषण ज्यादा हो तो घर पर रहें। अपने घर के खिड़की-दरवाजे बंद रखें। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर जाएं और अच्छी क्वालिटी के मास्क का उपयोग करें।
बढ़ते प्रदूषण के से बचने के लिए बाहर जाने से पहले मास्क का उपयोग करना अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन इसके लिए सबसे अच्छा मास्क कौन सा रहेगा इस बारे में सवला मन में रहता है। दरअसल N95 और M95 दोनों ही अपनी जगह पर सही हैं, लेकिन कुछ अंतर हैं तो M95 को ज्यादा बेहतर बनाते हैं जैसे इसमें 5 परतें होती हैं और यह 99% फिल्टरेशन रेट का दावा करता है। वहीं N95 में 4 परतें होती हैं और यह 95% फिलेटरेशन रेट का दावा करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।