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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 28, 2020 11:29 AM IST
Cow Urine Benefits: गौ-मूत्र के फायदे गाय पेशाब के लाभ | TheHealthSite Hindi
गौ-मूत्र अर्थात गाय के पेशाब (Cow Urine) का भारत जैसे देश में विशेष महत्व है. भारतीय आयुर्वेद में गौ-मूत्र से कई तरह के रोगों का इलाज किया जाता है. गाय के पेशाब से कैंसर तक का इलाज किया जा सकता है, ऐसा आयुर्वेद इलाज के मानने वाले मानते हैं. भारत में गौ-मूत्र को पंचगव्य के तौर पर जाना जाता है. वैसे तो सेहत के लिए गाय का दूध और देसी घी बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन क्या सच में गाय के पेशाब से कैंसर का इलाज किया जा सकता है. गौ-मूत्र के फायदे क्या-क्या हैं इसके बारे में आयुर्वेदिक मान्यताओं को हम यहां पर बता रहे हैं. गौ-मूत्र के बारे में आयुर्वेद क्या कहता है उसे आप यहां पर विस्तार से जान सकते हैं.
आयुर्वेद की माने तो गौ-मूत्र में 100 से ज्यादा बीमारियों को ठीक करने की क्षमता होती है. बैक्टीरिया के इंफेक्शन से बचने के लिए भी गौ-मूत्र का उपयोग किया जाता है. गाय के पेशाब में रोगों को रोकने की भी क्षमता होती है. विश्व एड्स वैक्सीन दिवस 2019ः एड्स वैक्सीन में गाय की एंटीबॉडीज का प्रयोग.
आयुर्वेद मानता है कि गौ-मूत्र में कैंसर रोकने की क्षमता होती है. इस बारे में एक बात यह कही जाती है कि शरीर में करक्यूमिन तत्व जब कम होता है तब कैंसर का खतरा बढ़ता है. गाय के पेशाब में करक्यूमिन पाया जाता जो कैंसर रोग से बचाता है. कई वैज्ञानिक शोध भी बताते हैं कि कैंसर के इलाज में गौ-मूत्र का उपयोग करके दवाओं का विकास किया जा सकता है.
आयुर्वेद के अनुसार गाय के पेशाब से मोटापा कम किया जा सकता है. गौ-मूत्र में विटामिन पाये जाते हैं जो वजन घटाने में मदद करते हैं. गाय का मूत्र पाचन तंत्र को बेहतर करता है और वेट लॉस में मदद करता है.
गौ-मूत्र के उपयोग से त्वचा की देखभाल की जा सकती है. आयुर्वेद कहता है कि मुंहासे और अन्य त्वचा रोगों को दूर करने के लिए गाय के मूत्र का उपयोग किया जा सकता है. दाद-खाज जैसे स्किन रोगों में भी गौ-मूत्र का उपयोग किया जा सकता है.
शरीर को इंफेक्शन से बचाने के लिए भी गौ-मूत्र का उपयोग किया जा सकता है. गाय के पेशाब में बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण पाये जाते हैं. गले की खराश और अन्य तरह के गले के इंफेक्शन के इलाज में गौ-मूत्र का उपयोग किया जाता है.
गाय के पेशाब से पाचन तंत्र की परेशानियों का इलाज भी किया जाता है. गौ-मूत्र में नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से पाचन तंत्र की सारी समस्याएं ठीक होने लगती है. कब्ज-गैस व एसिडिटी जैसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी गौ-मूत्र लाभदायक होता है.
फैटी लिवर की परेशान आज के समय में बुहत आम हो गयी है. गाय के पेशाब में सफाई वाले यौगिक भी पाये जाते हैं जो लिवर को डिटॉक्स करते हैं. फैटी लिवर वाले रोगियों का इलाज भी आयुर्वेद में गौ-मूत्र के माध्यम से किया जाता है.