Barefoot Therapy : क्या वाकई नंगे पैर चलने से सेहत को होते हैं ये 6 फायदे

नंगे पैर चलने से होने वाले फायदों को आप ''बेयरफुट थेरेपी'' भी कह सकते हैं। इसे अंग्रेजी में अर्थिंग कहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में कुछ देर नंगे पांव चलकर आप खुद को कई बीमारियों से बचा सकते हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : September 23, 2019 5:56 PM IST

आपके पैरों में सारा दिन जूता-चप्पल होता है। ऐसा इसलिए ताकि आपके पैर गंदे ना हों, खराब ना हों, फटे ना या फिर कोई इंफेक्शन ना हो। लेकिन कभी-कभी नंग पैर रहना भी अच्छा होता है। अक्सर, लोग एक्सरसाइज करते समय भी जूते-चप्पलों में ही होते हैं, जो बिल्कुल भी सही नहीं है। आपने अक्सर सुना होगा कि सुबह के समय घास पर नंग पांव चलने के सेहत को कई लाभ होते हैं। जी हां, आपने सही सुना है, नंग पैर थोड़ी देर चलना सेहत पर वाकई कई तरह से कमाल करता है। नंगे पैर चलने से होने वाले फायदों को आप ''बेयरफुट थेरेपी'' (barefoot therapy) भी कह सकते हैं। इसे अंग्रेजी में अर्थिंग (what is earthing) भी कहा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में कुछ देर नंगे पांव चलकर (barefoot therapy) आप खुद को कई बीमारियों से बचा सकते हैं।

बेयरफुट थेरेपी के फायदे (barefoot therapy benefits) 

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शरीर का बना रहता है संतुलन

यदि आप नंग पैर घास, मिट्टी या फिर बालू पर चलते हैं, तो इससे शरीर का संतुलन बना रहता है। पैर नंग होते हैं, तो आप जमीन के संपर्क में सीधे आते हैं। शरीर का दो-तिहाई भाग पानी से बना होता है और पानी विद्युत का सुचालक होता है। पृथ्वी में नकारात्मक आयोनिक चार्ज होता है। नंगे पैर चलने से नकारात्मक ऑयोन नष्ट होते हैं। इससे बॉडी क्लॉक सही होती है और हार्मोन्स के संतुलन में मदद मिलती है।

तनाव हो दूर

यदि आप तनाव से ग्रस्त हैं, तो सुबह के समय नंग पैरों से घास पर 15 मिनट टहलें। तनाव और अवसाद हर मानसिक समस्या से मिलेगा आपको छुटकारा। एक अध्ययन के अनुसार, पैरों की सबसे नीचे की तंत्रिका तंत्र जब उत्तेजित होती है, तो इससे रक्त चाप, तनाव आदि कम होता है। तनाव दूर होते ही आप कई तरह के रोगों से बचे रह सकते हैं।

नींद आती है अच्छी

रात भर जागे रहने से नींद अच्छी नहीं आती है। रात में देर तक जागकर काम करने से मानसिक रूप से थकान होती है। यदि आप सुबह के समय नंगे पांव चलते हैं, तो काफी फायदा होगा। घास या जमीन के स्पर्श में आने से शरीर को पृथ्वी से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। इससे तनाव कम होता है और नींद अच्छी आती है।

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इम्यूनिटी बने मजबूत

बेयरफुट थेरेपी या नंग पैर चलने से इम्यूनिटी भी बूस्ट होती (barefoot therapy boost immunity) है। थोड़ी देर घास पर चलने से श्वेत कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है, जिससे प्रतिरक्षा बढ़ती है। इससे दर्द और इंफ्लेमेशन की समस्या भी कम होती है। जिन लोगों को आए दिन खांसी, सर्दी, जुकाम, वायरल फीवर, ज्वाइंट पेन आदि होता रहता है, उन्हें हर दिन 15-20 मिनट नंगे पांव या बेयरफुट चलना चाहिए।

ब्लड सर्कुलेशन हो बेहतर

नंगे पैर चलने से पैरों में ताजगी महसूस होती है। इससे इनमें रक्त का प्रवाह भी बेहतर ढंग से होता है। जब शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर बना रहता है, तो आप शारीरिक दर्द और कई तरह की बीमारियों से भी बचे रहते हैं। इससे पैरों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। रक्त संचार बेहतर होने से घुटने और पैर मजबूत होते हैं। थकान कम होती है। शरीर का एनर्जी लेवल बना रहता है।

रिफ्लेक्सोलॉजी

क्या आप जानते हैं कि हाथों-पैरों में सभी अंग के रिफ्लेक्स प्वाइंट (Reflexology) होते हैं। जब आप बेयरफुट या नंगे पैर चलते हैं, तो इससे इन रिफ्लेक्स प्वाइंट पर दबाव पड़ता है। इससे शरीर के कई अंगों का एक्सरसाइज होता है।