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Bar Bar thuk Aane ka Karan: बात थोड़ी अजीब है लेकिन शरीर की कोई भी आदत अगर जरूरत से ज्यादा है, तो वह आपकी सेहत के लिए अच्छी नहीं हो सकती। यहां तक कि अगर आपकी कोई अच्छी आदत भी है और आप उस आदत को जरूरत से ज्यादा अपना रहे हैं तो वह भी आपके लिए अच्छी नहीं मानी जाएगी। कुछ लोगों को ज्यादा या बार-बार थूकने की आदत होती है। हम उन लोगों की बात नहीं कर रहे जो खांसी के मरीज हैं या जो लोग ज्यादा स्मोकिंग या ड्रिंक करते, बल्कि स्वस्थ दिखने वाले लोगों की बात कर रहे हैं। आपने भी देखा होगा कि कुछ लोग बार-बार थूकते हैं और हो सकता है यह आदत आपको या आपके परिवार में भी किसी को हो। अगर आप इसे सिर्फ एक आदत समझ कर इग्नोर कर रहे हैं या फिर अजीब या घिनौनी आदत समझ कर इस पर बात नहीं करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह भी एक परेशानी का विषय बन सकता है। इससे पहले कि ऐसी कोई आदत किसी बड़ी बीमारी का रूप धारण कर ले या फिर ये पहले से ही कोई बीमारी हो इस पर हमें बात कर लेनी चाहिए।
बार-बार थूकने की आदत जिसे लोग महज एक आदत समझ रहे होते हैं, कई बार सेहत से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है जिसके बारे में आपको हर उस व्यक्ति को जानकारी होनी चाहिए जिसे ये आदत है। यह आदत बहुत सी अंदरूनी बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए और उनमें से कुछ के बारे में हम आपको बताएंगे।
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यह भी हो सकता है कि इस बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी हो। क्योंकि जब मुंह में संक्रमण होता है या फिर छाले आदि बनने लगते हैं तो लार ज्यादा बनने लगती है। इस कारण से व्यक्ति को बार-बार थूकना पड़ता है। लेकिन कई बार मुंह के अंदर संक्रमण होता है और लंबे समय तक उसका पता नहीं चल पाता, क्योंकि शुरुआत में उससे न तो दर्द होता है और न जलन। ऐसे में शुरुआती लक्षण मुंह में ज्यादा लार बनना, मुंह से बदबू आना और मुंह का स्वाद बिगड़ना जैसे लक्षण दिखने लगते हैं।
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यह किसी गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकता है, क्योंकि कई ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां हो सकती हैं जिनके कारण भी व्यक्ति को बार-बार थूकना पड़ता है। मल्टीपल स्क्लेरोसिस, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी और पार्किंसन जैसे कुछ रोग हैं जिनके एक लक्षण के रूप में बार-बार थूकने जैसी आदतें भी देखी जा सकती हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को लंबे समय से यह आदत हो या फिर अभी कुछ समय से ही उसे बार-बार थूकने का मन कर रहा हो, एक बार डॉक्टर से दिखा ही लेना चाहिए।
शरीर की कुछ ग्रंथियों से जुड़ी समस्याओं के कारण भी बार-बार थूकने जैसी आदत देखी जा सकती है। लार ग्रंथियों में होने वाली किसी तरह की दिक्कत भी इसके पीछे का कारण हो सकता है और यह दिक्कत कई बार कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसके अलावा ग्रंथियों की नलिकाओं (सियालोलिथियासिस) का इन्फेक्शन या पथरी आदि बनने के कारण रुकना भी बार-बार थूक आने का कारण बन सकता है।
डिहाइड्रेशन यानी अगर शरीर में पानी की कमी है तो मुंह सूखने लगता है और ऐसे में मुंह में लार की कमी होने के बावजूद भी बार-बार थूकने या फिर थूक निगलने की आदत पड़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होना गंभीर और जानलेवा स्थिति बन सकती है और इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स भी आपको रोजाना पर्याप्त पानी व जूस आदि पीने की सलाह देते हैं।
कुछ प्रकार की दवाएं भी हैं जिनके कारण बार-बार लार बनती है और थूकना पड़ता है। डिप्रेशन व एंग्जायटी की दवाएं (एंटीसाइकोटिक्स) लेने पर भी बार-बार थूकने जैसी आदतें देखी जा सकती हैं। इसके अलावा मसल रिलैक्सेंट दवाएं और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे पार्किंसन डिजीज आदि के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के कारण भी बार-बार थूकने जैसी आदत पड़ सकती है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।