
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Dr. Raman Kumar
Pad Kyu Aata Hai: पाद आना, एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। लेकिन, अगर बार-बार गैस बनती है और पाद आती है, तो इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पाद का मतलब है आंतों से गैस का बाहर निकलना, जिसे फार्टिंग भी कहा जाता है। दरअसल, जब खाने-पीने के दौरान हवा भी पेट में चली जाती है। फिर ये हवा, पाचन के दौरान गैस में बदलत जाती है। यही गैस हमारे शरीर से गुदामार्ग से बाहर निकलती है, जिसे हम पाद करते हैं। कभी-कभार पाद आना बेहद सामान्य है। लेकिन, अगर आपको बार-बार पाद आती है, तो इस संकेत को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह कुछ बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। अकादमी ऑफ फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और जनरल फिजिशियन डॉ. रमन कुमार से जानते हैं बार-बार पाद आने के कारण-
पाचन-तंत्र हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो इससे बार-बार पाद आ सकती है। दरअसल, पाचन-तंत्र में गड़बड़ी की वजह से आंतों में भोजन पूरी तरह से नहीं पच पाता है। फिर भोजन धीरे-धीरे सड़ने लगता है। इससे पेट में ज्यादा गैस बनने लगती है। इस स्थिति में पाद से बदबू भी आती है।
अगर आपको लंबे समय से कब्ज की समस्या बनी हुई है, तो इस स्थिति में आपका बार-बार पाद आ सकती है। कब्ज की वजह से पेट में ज्यादा गैस बन जाती है। कब्ज होने पर पाद से बदबू आ सकती है। इसलिए लंबे समय से बनी कब्ज की समस्या को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सीलिएक रोग भी बार-बार पाद आने का एक कारण हो सकता है। आपको बता दें कि सीलिएक रोग से पीड़ित लोग ग्लूटेन को पचाने में असमर्थ होते हैं। जब कोई व्यक्ति ग्लूटेन का सेवन करता है, तो इससे आंतों में सूजन हो सकती है। आंतों में सूजन पाचन क्रिया को खराब कर सकती है। इससे पेट में गैस बन सकती है और बार-बार पाद आ सकीत है।
इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी IBS भी बार-बार पाद आने की एक वजह हो सकता है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की वजह से आंतों में गैस बन जाती है। इसकी वजह से आंतों की मांसपेशियों में सिकुड़न हो सकती है। जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम है, उन्हें बार-बार पाद आने की समस्या हो सकती है।
लिवर की बीमारी होने पर भी बार-बार आने की समस्या हो सकती है। दरअसल, लिवर की बीमारी होने पर आंतों में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। लिवर की बीमारी होने पर पाचक रसों का स्त्राव भी कम हो जाता है। इससे गैस बन सकती है और बार-बार पाद आने की दिक्कत हो सकती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।