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गले में तकलीफों के लिए शहद या हनी (Bad Throat Home Remedy) को एक करागर नुस्खा माना जाता है। मुलेठी, अदरक और नींबू के साथ शहद चाटने की सलाह अक्सर लोग एक-दूसरे को देते हैं और इस तरीके से अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स से राहत पाने की कोशिश करते हैं। (Try Honey, an effective Bad Throat Home Remedy), शहद गले की खराश के अलावा, खांसी , खिचखिच और नींद में गड़बड़ी जैसी परेशानियों से भी राहत दिलाता है।
शहद में एंटी-बैक्टेरियल और एंटी-माइक्रोबियल तत्व होते हैं। ये सभी गले की खराश या बैड थ्रोट देने वाले बैक्टेरिया को कम करते हैं। नींबू के साथ बनायी गयी लेमन टी में थोड़ी-सी शहद डालकर पीने से आराम मिलता है। विभिन्न स्टडीज़ में यह बात कही गयी है कि हनी या शहद खांसी कम करता है। (Bad Throat Home Remedy)
कुछ समय पहले आयी एक स्टडी में यह बात कही गयी कि जिन बच्चों को सोते समय या दिन में खांसी की समस्या बहुत अधिक होती है, उन्हें रात में सोने से पहले एक चम्मच शहद चाटना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों को अच्छी नींद आती है और उनकी खांसी भी कम होती है। (Honey- a Bad Throat Home Remedy for Kids)
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लेकिन एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। दरअसल शहद में बोटुलिनम बीजाणु होते हैं। ये तत्व बड़े बच्चों और वयस्कों के लिए नुकसानदायक नहीं होते लेकिन शिशुओं के लिए ये खतरनाक साबित हो सकते हैं। सालभर से छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम भी कमज़ोर होता है और वे इसके नुकसानों से खुद को बचा नहीं पाते।
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