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लिवर खराब कर रही हैं डेली रूटीन की ये 5 आदतें, नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज के मरीज जरूर रखें ध्यान

Lifestyle habits bad for liver: शराब के अलावा किसी अन्य कारण से लिवर खराब होने की स्थिति को नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज के रूप में जाना जाता है। चलिए जानते हैं कौन सी आदतें आपके लिवर को खराब करती हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 3, 2023 5:02 PM IST

हेल्दी रहने के लिए शरीर के एक-एक अंग का सही काम करना बहुत जरूरी होता है। हमारे हार्ट, लंग और और किडनी की तरह ही लिवर भी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो हमें जीवित रखता है। जब भी हम बीमार पड़ते हैं, तब डॉक्टर दवाएं देने से पहले आपको एलएफटी यानी लिवर फंक्शन टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कोई भी दवा को शरीर में अवशोषित करने के लिए लिवर का ठीक तरीके से काम करना जरूरी होता है। इसके अलावा खून को साफ करने समेत लिवर शरीर में कई जरूरी काम करता है। शराब पीने वाले लोगों में लिवर जुड़ी समस्याएं ज्यादा पाई जाती हैं, जिसे एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज कहा जाता है। लेकिन जो लोग शराब नहीं पीते हैं, उन्हें भी फैटी लिवर डिजीज हो सकता है, जिसे नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज कहा जाता है। दरअसल, हम लाइफस्टाइल से जुड़ी कई ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिनके कारण नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

1. शरीर के वजन पर ध्यान न देना

बढ़ता मोटापा आपके शरीर में कई अलग-अलग प्रकार की बीमारियां पैदा कर सकता है, जिनमें नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज भी शामिल है। यदि आपके शरीर का वजन बढ़ रहा है, तो आपको जल्द से जल्द इसपर ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि ज्यादा बढ़ने के बाद इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है।

2. खराब डाइट

खासतौर पर जिन लोगों को पहले से लिवर से जुड़ी समस्याएं हैं या फिर जो लोग किसी बीमारी के कारण ज्यादा दवाएं लेते हैं। उनके लिए लिवर फ्रैंडली डाइट लेना बहुत जरूरी है। अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा फल व सब्जियां शामिल करने से लिवर हेल्दी रहता है और नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज होने का खतरा कम हो जाता है।

3. ज्यादा शुगर वाले फूड्स

रिफाइंड शुगर आपके लिवर के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है, जिन लोगों को पहले से ही लिवर से जुड़ी समस्याएं हैं उनके लिए ज्यादा मीठी चीजें खाना नुकसानदायक हो सकता है। शुगर वाले फूड्स में मिठाई, केक और अन्य रिफाइंड शुगर से तैयार की गई चीजें शामिल हैं।

4. धूम्रपान करने की आदत

सिगरेट, हुक्का या तंबाकू का इस्तेमाल करना भी आपके लिवर के लिए नुकसानदायक हो सकता है और इनका उपयोग नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज होने के खतरे को तेजी से बढ़ाता है। धूम्रपान करने से लिवर में फैट जमा होने लगता है, जो बाद में नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के रूप में विकसित हो जाता है।

5. सेडेंटरी लाइफस्टाइल

यदि आप शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं हैं, तो आपको कई अलग-अलग बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है और इनमें लिवर से जुड़ी बीमारियां भी शामिल है। खासतौर पर जो लोग ज्यादातर समय कंप्यूटर पर काम करके बिताते हैं या कोई ऐसा काम करते हैं, जिससे उन्हें ज्यादातर समय बैठना पड़ता है तो उनमें नॉन-एल्कोहॉलिक लिवर डिजीज होने का खतरा बढ़ सकता है।